NASA Astronaut Don Pettit Milky Way Photo: अंतरिक्ष से पृथ्वी और ब्रह्मांड का नज़ारा हमेशा लोगों को रोमांचित करता है। इस बार NASA के अनुभवी अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट (Don Pettit) ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से ऐसी तस्वीर साझा की है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। यह तस्वीर पृथ्वी के चमकते क्षितिज के ऊपर फैली हुई आकाशगंगा (Milky Way) का बेहद दुर्लभ और शानदार दृश्य दिखाती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस फोटो को कई लोग अब तक की सबसे खूबसूरत अंतरिक्ष तस्वीरों में से एक बता रहे हैं।
ISS की खिड़की से दिखी आकाशगंगा की अद्भुत झलक
I finally have all 1.2 million raw image files from my latest mission to ISS! Here is a sample of one of my favorite Milky Way photos, taken from the Cupola with Nikon Z9, Arri Zeiss 15mm lens, T1.8 with custom sidereal drive that cancelled out star motion relative to our orbit. pic.twitter.com/Sjm4UFgOs6
— Don Pettit (@astro_Pettit) July 31, 2026 NASA के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने अपने हालिया इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन मिशन के दौरान ली गई एक शानदार तस्वीर X (पूर्व में Twitter) पर साझा की। इस तस्वीर में अंतरिक्ष के गहरे अंधकार के बीच फैली हुई मिल्की वे (आकाशगंगा) साफ़ दिखाई दे रही है, जबकि नीचे पृथ्वी का घुमावदार क्षितिज शहरों की रोशनी और हरे रंग की पतली वायुमंडलीय चमक (Airglow) से जगमगा रहा है।
पेटिट ने अपनी पोस्ट में बताया कि यह तस्वीर उनके पूरे मिशन के दौरान कैप्चर की गई करीब 12 लाख (1.2 मिलियन) रॉ तस्वीरों में से उनकी सबसे पसंदीदा तस्वीरों में शामिल है। पृथ्वी पर लौटने के बाद जब उन्हें सभी हाई-रिज़ॉल्यूशन फाइलें मिलीं, तब उन्होंने इसे प्रोसेस कर दुनिया के सामने साझा किया।
ISS के कपोला मॉड्यूल से ली गई तस्वीर
यह तस्वीर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के कपोला (Cupola) ऑब्जर्वेशन मॉड्यूल से ली गई है। यह ISS का सात खिड़कियों वाला विशेष ऑब्जर्वेशन डोम है, जहां से अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी, तारों, ऑरोरा और गहरे अंतरिक्ष का शानदार दृश्य दिखाई देता है।
कपोला मॉड्यूल लंबे समय से अंतरिक्ष फोटोग्राफी के लिए सबसे पसंदीदा स्थान माना जाता है। यहीं से कई ऐतिहासिक तस्वीरें भी ली जा चुकी हैं।
कौन-सा कैमरा और लेंस इस्तेमाल किया गया?
डॉन पेटिट ने इस अद्भुत तस्वीर को कैप्चर करने के लिए Nikon Z9 कैमरा और 15mm ARRI Zeiss लेंस का उपयोग किया।
हालांकि, यह काम बिल्कुल आसान नहीं था। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी के चारों ओर लगभग 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्कर लगाता है। इतनी तेज गति के कारण लंबा एक्सपोज़र लेने पर तारे आमतौर पर सीधी लकीरों (Star Trails) की तरह दिखाई देते हैं।
साइडरियल ट्रैकिंग सिस्टम ने किया कमाल
इस समस्या से बचने के लिए पेटिट ने एक विशेष साइडरियल ट्रैकिंग सिस्टम (Sidereal Tracking System) का इस्तेमाल किया।
यह सिस्टम ISS की तेज़ गति की भरपाई करता है, जिससे कैमरा तारों की वास्तविक स्थिति के अनुसार स्थिर रहता है। इसी तकनीक की मदद से आकाशगंगा बेहद साफ़ और स्पष्ट रूप में तस्वीर में कैद हो सकी।
तस्वीर में दिख रही हरी रोशनी क्या है?
तस्वीर में पृथ्वी के क्षितिज के पास दिखाई देने वाली हल्की हरी चमक को वैज्ञानिक एयरग्लो (Airglow) कहते हैं।
यह कोई ऑरोरा नहीं, बल्कि पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में होने वाली प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रियाओं से बनने वाली हल्की रोशनी होती है। अंतरिक्ष से यह प्रभाव बेहद खूबसूरत दिखाई देता है और अक्सर रात के समय स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
अंतरिक्ष से क्यों दिखती हैं इतनी साफ तस्वीरें?
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी के अधिकांश वायुमंडल और मौसम प्रणाली के ऊपर परिक्रमा करता है। इसलिए वहां से:
- बादलों की रुकावट नहीं होती।
- लाइट पॉल्यूशन लगभग नहीं के बराबर होता है।
- वातावरण का धुंधलापन नहीं होता।
- तारों और आकाशगंगा की तस्वीरें अधिक स्पष्ट और उच्च गुणवत्ता में कैप्चर की जा सकती हैं।
यही कारण है कि अंतरिक्ष से ली गई खगोलीय तस्वीरें धरती की तुलना में कहीं अधिक शानदार दिखाई देती हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ
डॉन पेटिट अपनी वैज्ञानिक उपलब्धियों के साथ-साथ शानदार अंतरिक्ष फोटोग्राफी के लिए भी जाने जाते हैं। उनके द्वारा साझा की गई इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने पसंद किया है। कई यूजर्स ने इसे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से ली गई अब तक की सबसे खूबसूरत मिल्की वे तस्वीरों में से एक बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तस्वीरें केवल अंतरिक्ष की सुंदरता ही नहीं दिखातीं, बल्कि यह भी समझाती हैं कि आधुनिक कैमरा तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान मिलकर कितने अद्भुत दृश्य दुनिया के सामने ला सकते हैं।


