Lokmanya Tilak National Award 2026: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को शनिवार को पुणे में आयोजित समारोह में प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, सेनाओं की क्षमता बढ़ाने और विदेश नीति को प्रभावी बनाने में अजीत डोभाल की भूमिका बेहद अहम रही है। यह सम्मान हर साल 1 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने देश और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
NSA अजीत डोभाल को मिला लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार
पुणे में आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया। इस दौरान शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति को नई दिशा मिली है और इस परिवर्तन में अजीत डोभाल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय सेनाओं के आधुनिकीकरण, नई तकनीकों को अपनाने, जवाबी कार्रवाई की क्षमता बढ़ाने और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए, जिनमें अजीत डोभाल ने प्रमुख सलाहकार की भूमिका निभाई।
अमित शाह ने डोभाल की भूमिका को बताया निर्णायक
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनने के बाद सबसे पहले अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया था। उनके अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लगभग हर बड़े फैसले में डोभाल की रणनीतिक सलाह महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विदेश नीति को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने में भी डोभाल का विशेष योगदान रहा है। शाह ने कहा कि आज भारत लोकमान्य तिलक के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचारों पर आगे बढ़ रहा है और सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार क्या है?
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक माना जाता है। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण, सामाजिक विकास, सार्वजनिक जीवन, विज्ञान, प्रशासन, शिक्षा या अन्य क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया हो।
यह सम्मान हर वर्ष 1 अगस्त, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर प्रदान किया जाता है।
कब शुरू हुआ था लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार?
तिलक स्मारक ट्रस्ट के अनुसार इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1983 में की गई थी। इसका उद्देश्य लोकमान्य तिलक के राष्ट्रवादी विचारों और देशसेवा की भावना को आगे बढ़ाने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करना है।
इस सम्मान के पहले प्राप्तकर्ता प्रसिद्ध समाजवादी नेता एस. एम. जोशी थे।
किन-किन हस्तियों को मिल चुका है यह सम्मान?
पिछले चार दशकों में देश की कई प्रतिष्ठित हस्तियों को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं—
- समाजवादी नेता एस. एम. जोशी (पहले सम्मानित)
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
- पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह
- पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी
- पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता शरद पवार
- राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (2026)
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक कौन थे?
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान नेताओं में गिने जाते हैं। उनका प्रसिद्ध नारा “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” आज भी देशभक्ति की प्रेरणा देता है।
तिलक ने भारतीय समाज में राष्ट्रीय चेतना जगाने, शिक्षा के प्रसार और स्वतंत्रता आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी स्मृति में दिया जाने वाला यह पुरस्कार देशसेवा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करता है।
क्यों खास है यह पुरस्कार?
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और उत्कृष्ट योगदान का प्रतीक माना जाता है। पिछले चार दशकों से यह पुरस्कार उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है जिन्होंने अपने कार्यों से भारत की प्रगति, सुरक्षा, लोकतंत्र और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्ष 2026 में अजीत डोभाल को यह सम्मान मिलना राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक नेतृत्व के क्षेत्र में उनके योगदान की बड़ी मान्यता माना जा रहा है।


