CDSL Q1 Results 2026: सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 15% बढ़कर 118 करोड़ रुपये पहुंच गया। बेहतर आय, निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और रिकॉर्ड डीमैट अकाउंट्स की संख्या ने कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती दी है। वहीं, CDSL देश की पहली ऐसी डिपॉजिटरी बन गई है, जिसके डीमैट अकाउंट्स की संख्या 18 करोड़ के पार पहुंच चुकी है।
जून तिमाही में 15% बढ़ा कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट
CDSL ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 118 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 102 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में 15 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
यदि पिछली मार्च तिमाही से तुलना करें तो कंपनी का प्रदर्शन और भी मजबूत रहा। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 80 करोड़ रुपये था, यानी तिमाही आधार (QoQ) पर मुनाफे में करीब 47 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
कुल आय भी 341 करोड़ रुपये पर पहुंची
कंपनी की कंसॉलिडेटेड कुल आय (Total Income) भी मजबूत रही। जून तिमाही में यह बढ़कर 341 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 295 करोड़ रुपये थी। यानी कुल आय में 15 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वहीं, मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की कुल आय 268 करोड़ रुपये थी। इस आधार पर तिमाही दर तिमाही कुल आय में लगभग 27 फीसदी की वृद्धि हुई।
88.2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा Asset Under Custody
CDSL ने बताया कि 30 जून 2026 तक कंपनी का Asset Under Custody (AUC) बढ़कर 88.2 लाख करोड़ रुपये हो गया। AUC में लगातार बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी पर मजबूत बना हुआ है और बाजार में निवेश गतिविधियां बढ़ रही हैं।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन कैसा रहा?
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी की कुल आय 327 करोड़ रुपये रही। हालांकि, इस दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 5 फीसदी घटकर 144 करोड़ रुपये रह गया।
यानी जहां कंसॉलिडेटेड स्तर पर कंपनी ने बेहतर मुनाफा दर्ज किया, वहीं स्टैंडअलोन स्तर पर लाभ में मामूली गिरावट देखने को मिली।
18 करोड़ से ज्यादा डीमैट अकाउंट वाली पहली डिपॉजिटरी बनी CDSL
CDSL ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। कंपनी 18 करोड़ से अधिक डीमैट अकाउंट्स वाली देश की पहली डिपॉजिटरी बन गई है।
- कुल डीमैट अकाउंट्स: 18.59 करोड़
- पिछले साल जून 2025 में: 15.86 करोड़
- जून तिमाही के दौरान जुड़े नए अकाउंट: करीब 58 लाख
भारत में तेजी से बढ़ रही रिटेल निवेशकों की संख्या और शेयर बाजार में बढ़ती भागीदारी का सीधा फायदा CDSL को मिल रहा है।
सहमति फाउंडेशन में खरीदी हिस्सेदारी
जून तिमाही के दौरान CDSL ने सहमति फाउंडेशन में 2 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी। इस निवेश के लिए कंपनी ने करीब 1 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह कदम डिजिटल डेटा शेयरिंग और वित्तीय इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में कंपनी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
शेयर प्रदर्शन कैसा रहा?
CDSL का शेयर 31 जुलाई को 0.34 फीसदी की गिरावट के साथ 1,331 रुपये पर बंद हुआ।
- 31 जुलाई का बंद भाव: ₹1,331
- एक दिन की गिरावट: 0.34%
- पिछले एक साल का प्रदर्शन: करीब 10% की गिरावट
अब निवेशकों की नजर 3 अगस्त को बाजार खुलने पर रहेगी, जब जून तिमाही के नतीजों का असर शेयर की चाल पर देखने को मिल सकता है।
आगे कैसी है ग्रोथ की संभावना?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में अभी भी कुल आबादी की तुलना में डीमैट अकाउंट्स की संख्या काफी कम है। डिजिटल निवेश, म्यूचुअल फंड, SIP और शेयर बाजार में बढ़ती भागीदारी के चलते आने वाले वर्षों में नए निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ सकती है। इसका सीधा फायदा CDSL जैसी डिपॉजिटरी कंपनियों को मिलने की संभावना है।
यदि कंपनी नए निवेशकों को जोड़ने और सेवाओं का विस्तार करने में सफल रहती है, तो लंबी अवधि में इसकी आय और कारोबार दोनों में मजबूत वृद्धि देखने को मिल सकती है।
CDSL Q1 Results: मुख्य बातें
| पैरामीटर | जून 2026 | जून 2025 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट | ₹118 करोड़ | ₹102 करोड़ | +15% |
| कुल आय | ₹341 करोड़ | ₹295 करोड़ | +15% |
| QoQ नेट प्रॉफिट | ₹118 करोड़ | ₹80 करोड़ | +47% |
| Asset Under Custody | ₹88.2 लाख करोड़ | — | — |
| कुल डीमैट अकाउंट | 18.59 करोड़ | 15.86 करोड़ | +17% |
| नए डीमैट अकाउंट (Q1) | 58 लाख | — | — |


