Anil Agarwal Vedanta Aluminium Q1 Results: उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर तीन गुना से अधिक बढ़कर 6,597 करोड़ रुपये पहुंच गया है। मजबूत एल्युमीनियम कीमतों, रिकॉर्ड राजस्व और बेहतर परिचालन दक्षता के दम पर कंपनी ने इतिहास का सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया। साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹8 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
Highlights
- जून तिमाही में शुद्ध लाभ बढ़कर 6,597 करोड़ रुपये हुआ।
- कंपनी का राजस्व 45% बढ़कर 21,105 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
- ₹8 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड की घोषणा।
- EBITDA बढ़कर 10,499 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा।
- EBITDA मार्जिन 31% से बढ़कर 50% हुआ।
- उत्पादन लागत घटकर 1,698 डॉलर प्रति टन रही।
- FY27 तक एल्युमीनियम और एल्युमिना उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी का लक्ष्य।
पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन
वेदांता एल्युमीनियम मेटल ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में तीन गुना से अधिक बढ़कर 6,597 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि वैश्विक बाजार में एल्युमीनियम की मजबूत कीमतों, बिक्री में बढ़ोतरी और बेहतर लागत नियंत्रण के कारण संभव हुई।
यह कंपनी के लिए इसलिए भी खास उपलब्धि है क्योंकि हाल ही में डिमर्जर के बाद यह पहली बार एक स्वतंत्र सूचीबद्ध कंपनी के रूप में अपने तिमाही नतीजे पेश कर रही है।
रिकॉर्ड राजस्व और दोगुना EBITDA
जून तिमाही के दौरान कंपनी का समेकित राजस्व 45 फीसदी बढ़कर 21,105 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व है।
वहीं EBITDA भी दोगुने से अधिक बढ़कर 10,499 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी का EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 31 फीसदी से बढ़कर 50 फीसदी हो गया, जो परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है।
उत्पादन लागत में कमी से बढ़ी मुनाफाखोरी
कंपनी ने अपनी उत्पादन लागत पर भी बेहतर नियंत्रण बनाए रखा। जून तिमाही में एल्युमीनियम उत्पादन लागत सालाना आधार पर 4 फीसदी और तिमाही आधार पर 3 फीसदी घटकर 1,698 डॉलर प्रति टन रही।
वेदांता एल्युमीनियम ने पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए उत्पादन लागत 1,650 डॉलर से 1,700 डॉलर प्रति टन के बीच रहने का अनुमान जताया है।
इसके अलावा प्रति टन एल्युमीनियम उत्पादन पर EBITDA बढ़कर 1,804 डॉलर प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
₹8 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान
बेहतरीन वित्तीय प्रदर्शन के बाद कंपनी के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों को ₹8 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) देने की घोषणा की है।
डिमर्जर के बाद स्वतंत्र कंपनी बनने के बाद यह पहला डिविडेंड है, जिसे बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
FY27 के लिए बड़ा विस्तार लक्ष्य
कंपनी ने आने वाले वर्षों के लिए भी महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं।
FY27 तक कंपनी का लक्ष्य:
- एल्युमीनियम उत्पादन: 26 से 27 लाख टन
- एल्युमिना उत्पादन: 40 से 41 लाख टन
इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कंपनी अपनी विस्तार परियोजनाओं और क्षमता वृद्धि पर लगातार निवेश कर रही है।
CEO राजेश कुमार ने क्या कहा?
कंपनी के सीईओ राजेश कुमार ने कहा,
“हमने एक नई, स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपने सफर की शुरुआत मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के साथ की है। यह सफलता हमारे व्यवसाय की मजबूती, अनुशासित निष्पादन और दीर्घकालिक रणनीति का परिणाम है।”
डिमर्जर के बाद नई पहचान
जून 2026 में वेदांता लिमिटेड के डिमर्जर के बाद चार नई कंपनियां शेयर बाजार में स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध हुईं—
- वेदांता एल्युमीनियम मेटल
- वेदांता पावर
- वेदांता ऑयल एंड गैस
- वेदांता आयरन एंड स्टील
इस पुनर्गठन का उद्देश्य प्रत्येक कारोबार को स्वतंत्र रूप से विकसित करना और निवेशकों के लिए अधिक मूल्य सृजित करना है।
शेयर बाजार में कैसा रहा प्रदर्शन?
हालांकि शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद शुक्रवार को वेदांता एल्युमीनियम मेटल के शेयर में हल्की मुनाफावसूली देखने को मिली।
- बीएसई पर शेयर 0.47% गिरकर 454.20 रुपये पर बंद हुआ।
- हालांकि पिछले 5 कारोबारी सत्रों में करीब 3% की बढ़त दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत वित्तीय नतीजे, लागत नियंत्रण और उत्पादन विस्तार की योजनाएं आने वाले समय में कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती दे सकती हैं।
निष्कर्ष
वेदांता एल्युमीनियम ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में रिकॉर्ड राजस्व, तीन गुना से अधिक मुनाफा और मजबूत EBITDA दर्ज कर यह संकेत दिया है कि डिमर्जर के बाद कंपनी मजबूत स्थिति में है। ₹8 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड, घटती उत्पादन लागत और FY27 के विस्तार लक्ष्य निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि अल्पकाल में शेयर में उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन कंपनी की परिचालन क्षमता और दीर्घकालिक रणनीति भविष्य की वृद्धि का आधार बन सकती है।


