Gold Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,000 महंगा होकर ₹1,48,000 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और इसके भाव ₹600 टूटकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम रह गए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार के मजबूत संकेत, डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और घरेलू मांग बढ़ने से सोने को समर्थन मिला, जबकि रुपये की मजबूती ने तेजी को कुछ हद तक सीमित रखा।
Highlights
- दिल्ली में सोना ₹1,000 महंगा होकर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंचा।
- चांदी ₹600 सस्ती होकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम पर आ गई।
- डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और वैश्विक बाजार के मजबूत रुख से सोने को मिला सपोर्ट।
- फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई और रोजगार के आंकड़ों पर।
- भारत में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सोने की मांग सालाना आधार पर 6% घटी।
दिल्ली में सोने की कीमतों में तेज उछाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत ₹1,000 बढ़कर ₹1,48,000 प्रति 10 ग्राम हो गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, वैश्विक बाजार में मजबूती के साथ-साथ ज्वैलर्स और रिटेल खरीदारों की नई खरीदारी से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को मजबूती मिली। हालांकि रुपये की मजबूती के कारण कीमतों में और अधिक तेजी देखने को नहीं मिली।
चांदी की कीमतों में आई गिरावट
जहां सोने ने निवेशकों को राहत दी, वहीं चांदी के दामों में कमजोरी दर्ज की गई। ऑल इंडिया बुलियन एसोसिएशन के मुताबिक चांदी की कीमत ₹600 घटकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई।
एक दिन पहले चांदी का भाव ₹2,25,300 प्रति किलोग्राम था। घरेलू बाजार में मुनाफावसूली और कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते चांदी पर दबाव बना रहा।
सोना और चांदी में उतार-चढ़ाव की क्या है वजह?
कोटक नियो (पूर्व में कोटक सिक्योरिटीज) की कमोडिटीज रिसर्च विभाग की एवीपी कायनात चेनवाला के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,060 डॉलर प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर 57.5 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को यथावत रखने के फैसले का आकलन कर रहे हैं। अब बाजार की नजर अमेरिका के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) महंगाई आंकड़ों और जॉबलेस क्लेम के आंकड़ों पर है, जिनसे आगे की दिशा तय हो सकती है।
डॉलर में कमजोरी से सोने को मिला सहारा
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, फेडरल रिजर्व की हालिया मौद्रिक नीति के बाद डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आई है, जिससे सोने की मांग को समर्थन मिला।
उन्होंने बताया कि पिछले कारोबारी सत्र में करीब 1% गिरावट के बाद डॉलर इंडेक्स 101 के आसपास बना हुआ है। कमजोर डॉलर आमतौर पर सोने को सस्ता बनाता है, जिससे वैश्विक निवेशकों की खरीदारी बढ़ जाती है और कीमतों में तेजी आती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहे भाव?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में हल्की मजबूती देखने को मिली।
- स्पॉट गोल्ड: 4,071.55 डॉलर प्रति औंस
- स्पॉट सिल्वर: 58.25 डॉलर प्रति औंस (करीब 1% की बढ़त)
वैश्विक बाजार की मजबूती का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
भारत में सोने की मांग 6% घटी
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में सोने की कुल मांग 6% घटकर 131.4 टन रह गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह मांग 139.7 टन थी।
हालांकि वैश्विक स्तर पर सोने की कुल मांग लगभग स्थिर रही। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल-जून तिमाही में दुनिया भर में सोने की मांग 1,269 टन रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,268.6 टन थी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व की अगली रणनीति, डॉलर इंडेक्स और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। यदि डॉलर में कमजोरी बनी रहती है और वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो सोने में तेजी जारी रह सकती है, जबकि चांदी में भी अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।


