Hockey India Saffron Jersey: एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से पहले हॉकी इंडिया ने पुरुष और महिला टीमों के लिए नई सैफ्रॉन (भगवा) जर्सी लॉन्च की है। पारंपरिक नीली जर्सी की जगह भगवा रंग अपनाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। विवाद बढ़ने पर हॉकी इंडिया ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी राजनीतिक वजह से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सलाह तथा मैदान पर बेहतर विजिबिलिटी को ध्यान में रखकर लिया गया है।
एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप से पहले लॉन्च हुई नई जर्सी
Presenting the new India jersey! 🇮🇳
Every stitch tells a story. Every pattern, every colour carries India's pride.
Our teams are ready to once again do the country proud at the FIH Hockey World Cup Belgium & Netherlands 2026.
🎥: Select 2 (SD+HD)+ Khel & JioHotstar
🗓️: August… pic.twitter.com/8GvwbByapq
— Hockey India (@TheHockeyIndia) July 27, 2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 15 अगस्त से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में होगा। टूर्नामेंट से पहले हॉकी इंडिया ने पुरुष और महिला टीमों की नई आधिकारिक जर्सी पेश की है।
इस बार सबसे बड़ा बदलाव जर्सी के रंग में देखने को मिला है। वर्षों से भारतीय हॉकी टीम की पहचान रही नीली जर्सी की जगह मुख्य किट के रूप में सैफ्रॉन (भगवा) रंग को चुना गया है। इसके साथ ही टीम के पास इसी डिजाइन की सफेद वैकल्पिक जर्सी भी उपलब्ध रहेगी।
नई जर्सी सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और विरासत से जोड़कर सराहा, जबकि कई पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने पारंपरिक नीली जर्सी को बदलने पर सवाल उठाए।
विवाद बढ़ने पर हॉकी इंडिया ने दी सफाई
विवाद के बाद हॉकी इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि जर्सी का रंग बदलने के पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है।
अधिकारी के मुताबिक, यह फैसला खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से मिले सुझावों के आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि भगवा रंग भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का भी हिस्सा है और इसे भारत की पहचान, साहस और गौरव के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बदलाव को हमेशा सकारात्मक नजरिए से देखना चाहिए और इसका उद्देश्य टीम की प्रस्तुति को बेहतर बनाना है।
मैदान पर खिलाड़ियों को पहचानना होगा आसान
हॉकी इंडिया ने नई जर्सी के पीछे एक व्यावहारिक वजह भी बताई है।
अधिकारी के अनुसार, अधिकांश अंतरराष्ट्रीय हॉकी मुकाबले नीले टर्फ पर खेले जाते हैं। ऐसे में जब खिलाड़ी नीली जर्सी पहनते हैं तो मैदान और खिलाड़ियों के बीच कंट्रास्ट कम हो जाता है। इससे दर्शकों और प्रसारण देखने वालों के लिए खिलाड़ियों को पहचानना और उनकी मूवमेंट को ट्रैक करना अपेक्षाकृत मुश्किल हो सकता है।
नई सैफ्रॉन जर्सी इस समस्या को कम करेगी और खिलाड़ियों की दृश्यता बेहतर होगी।
जर्सी के डिजाइन में दिखाई गई भारतीय पहचान
हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया पर नई जर्सी लॉन्च करते हुए बताया कि इसका डिजाइन भारत की संस्कृति, विरासत और राष्ट्रीय गौरव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
फेडरेशन के अनुसार—
- सैफ्रॉन रंग साहस, त्याग और जीत की भावना का प्रतीक है।
- जर्सी का डिजाइन भारतीय तिरंगे से प्रेरित है।
- इसमें उगते सूरज की थीम को भी शामिल किया गया है, जो नई शुरुआत और नई ऊर्जा का संदेश देती है।
- टीम के पास मुख्य सैफ्रॉन जर्सी के अलावा सफेद रंग की वैकल्पिक किट भी होगी।
पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने जताई आपत्ति
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रस्किन्हा ने इस फैसले पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के लिए कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन मुख्य जर्सी का रंग बदलना निराशाजनक फैसला है।
उनका कहना था कि भारतीय टीम की पहचान हमेशा नीली जर्सी रही है। उन्होंने कई वर्षों तक उसी जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व किया है और उनका मानना है कि प्रशंसक भी भारतीय टीम को उसी रंग में देखने के आदी हैं। ऐसे में मुख्य जर्सी का रंग बदलने के पीछे क्या आधार है, इसका स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
नई जर्सी को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी नजर आई।
एक वर्ग का कहना है कि समय के साथ टीम की पहचान और ब्रांडिंग में बदलाव होना स्वाभाविक है और यदि इससे खिलाड़ियों की विजिबिलिटी बेहतर होती है तो यह सकारात्मक कदम है।
वहीं दूसरे वर्ग का मानना है कि भारतीय हॉकी टीम की ऐतिहासिक पहचान उसकी नीली जर्सी रही है और उसे बनाए रखा जाना चाहिए था।
क्या बदलेगी भारतीय हॉकी टीम की पहचान?
फिलहाल हॉकी इंडिया अपने फैसले पर कायम है और उसने साफ कर दिया है कि नई जर्सी खिलाड़ियों के सुझाव, बेहतर दृश्यता और भारतीय विरासत को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम नई सैफ्रॉन जर्सी में कैसा प्रदर्शन करती है और समय के साथ प्रशंसक इस बदलाव को किस तरह स्वीकार करते हैं।


