Haridwar Kanwar Yatra Rescue Video: हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कांगड़ा घाट पर गंगा में डूब रहे मेरठ के एक कांवड़िये को SDRF के जवान ने अपनी जान की परवाह किए बिना तेज बहाव में छलांग लगाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस साहसिक रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है, जिसकी लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।
हरिद्वार में SDRF जवान की बहादुरी ने बचाई कांवड़िये की जान
नोएडा (उ.प्र) निवासी शिवभक्त हरिद्वार स्थित कांगड़ा घाट पर नहाने के दौरान गंगा के तेज बहाव में बहने लगा। इसी दौरान वहां मौजूद #UttarakhandPolice SDRF जवान ने तत्काल गंगा में कूदकर कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सकुशल बचा लिया।#KanwarYatra2026#kanwaryatra pic.twitter.com/MDDb9lRd2Z
— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) July 30, 2026 उत्तराखंड के हरिद्वार में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच कांगड़ा घाट पर गंगा में स्नान के दौरान एक युवक अचानक तेज बहाव में फंसकर डूबने लगा। घाट पर तैनात स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम ने समय रहते खतरे को भांप लिया।
स्थिति गंभीर होते देख SDRF के कांस्टेबल नितेश खेतवाल ने बिना एक पल गंवाए गंगा में छलांग लगा दी। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। जवान की सूझबूझ, प्रशिक्षण और साहस की बदौलत एक बड़ा हादसा टल गया।
गंगा में डूब रहा था मेरठ का युवक
रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान 23 वर्षीय मनीष के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सूरजकुंज गांव का रहने वाला है और कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार पहुंचा था।
SDRF टीम ने नदी से बाहर निकालने के तुरंत बाद युवक को प्राथमिक उपचार दिया। कुछ देर निगरानी में रखने के बाद उसकी हालत सामान्य हो गई। समय पर मिले रेस्क्यू के कारण उसकी जान बच गई।
सामने आया रेस्क्यू का वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही युवक गंगा के तेज बहाव में फंसता है, SDRF जवान तुरंत नदी में छलांग लगाते हैं और कुछ ही देर में उसे सुरक्षित बाहर निकाल लेते हैं। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी जवान की बहादुरी की सराहना की।
कांवड़ यात्रा में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
हर साल सावन के दौरान लाखों कांवड़िये हरिद्वार पहुंचते हैं। गंगा के घाटों पर भारी भीड़ और तेज जलधारा के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें लगातार घाटों पर तैनात रहती हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि श्रद्धालुओं को निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहना चाहिए।
SDRF ने श्रद्धालुओं से की महत्वपूर्ण अपील
घटना के बाद SDRF ने सभी श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों से अपील की है कि—
- केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।
- गंगा के तेज बहाव और गहरे पानी वाले हिस्सों में जाने से बचें।
- पुलिस, SDRF और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- किसी भी आपात स्थिति में तुरंत आसपास मौजूद सुरक्षा कर्मियों को सूचना दें।
- सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए नदी के किनारों पर जोखिम न उठाएं।
SDRF ने कहा कि “सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।” थोड़ी-सी सतर्कता किसी भी बड़ी दुर्घटना को टाल सकती है।
निष्कर्ष
हरिद्वार के कांगड़ा घाट पर हुई यह घटना एक बार फिर बताती है कि आपदा राहत बल के जवान किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जिंदगी बचाते हैं। SDRF कांस्टेबल नितेश खेतवाल की बहादुरी और त्वरित कार्रवाई की हर ओर सराहना हो रही है। साथ ही यह घटना सभी श्रद्धालुओं के लिए भी संदेश है कि आस्था के साथ-साथ सुरक्षा नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।


