Swiggy Q1 Results: फूड और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का घाटा सालाना आधार पर करीब 34% घटकर 791 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 1,197 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। वहीं, ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू 37% बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये पहुंच गया। मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और क्विक कॉमर्स बिजनेस में सुधार के संकेतों के चलते निवेशकों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और गुरुवार को कंपनी के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
जून तिमाही में घटा घाटा, बढ़ी कमाई
स्विगी के तिमाही नतीजों के मुताबिक कंपनी का नेट लॉस लगातार कम हो रहा है।
| वित्तीय आंकड़े | Q1 FY27 | Q1 FY26 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| नेट लॉस | ₹791 करोड़ | ₹1,197 करोड़ | 34% की कमी |
| ऑपरेशन से रेवेन्यू | ₹6,812 करोड़ | ₹4,961 करोड़ | 37% की बढ़ोतरी |
| कुल खर्च | ₹7,813 करोड़ | ₹6,244 करोड़ | 25% की बढ़ोतरी |
मार्च 2026 तिमाही की तुलना में भी कंपनी के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला। पिछली तिमाही में कंपनी का घाटा 800 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 6,383 करोड़ रुपये था।
रेवेन्यू ग्रोथ ने सुधारी तस्वीर
स्विगी के घाटे में कमी आने की सबसे बड़ी वजह उसकी मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ रही। कंपनी का फूड डिलीवरी बिजनेस लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, जबकि क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Instamart में भी परिचालन सुधार देखने को मिल रहा है।
हालांकि कंपनी अभी भी Instamart के विस्तार पर भारी निवेश कर रही है, लेकिन खर्च बढ़ने की रफ्तार अब रेवेन्यू की तुलना में कम है। इससे संकेत मिलता है कि क्विक कॉमर्स बिजनेस का घाटा धीरे-धीरे कम हो रहा है।
Instamart पर फोकस, लेकिन फूड डिलीवरी बनी ताकत
स्विगी की रणनीति फिलहाल क्विक कॉमर्स कारोबार को तेजी से विस्तार देने की है। Instamart में नए शहरों, डार्क स्टोर्स और बेहतर डिलीवरी नेटवर्क पर निवेश जारी है।
दूसरी ओर, कंपनी का मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस पहले से ही मुनाफे में है और यही पूरे कारोबार की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाए हुए है।
Zomato से मुकाबला जारी
फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर में स्विगी की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी जोमैटो भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
- जोमैटो ने जून तिमाही में ₹92 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया।
- कंपनी का रेवेन्यू 17% बढ़कर ₹20,211 करोड़ पहुंच गया।
ऐसे में दोनों कंपनियां अब क्विक कॉमर्स बाजार में तेजी से निवेश कर रही हैं और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
कंपनी के CEO ने क्या कहा?
स्विगी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं ग्रुप CEO हर्ष मजेटी ने कहा कि कंपनी के मुख्य कारोबार की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा कि,
“फूड डिलीवरी इकोनॉमिक्स में मजबूती बनी हुई है। आउट-ऑफ-होम कंजम्प्शन बिजनेस अब प्रॉफिट में है और तेजी से बढ़ रहा है। इससे कंपनी की प्रगति को मजबूती मिल रही है।”
शेयर बाजार में दिखा सकारात्मक असर
तिमाही नतीजों के दिन यानी 30 जुलाई को स्विगी के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
- शेयर 2.25% की बढ़त के साथ ₹293.80 पर बंद हुआ।
- पिछले एक सप्ताह में शेयर लगभग 19% चढ़ चुका है।
वहीं, व्यापक बाजार में भी मजबूती रही।
- सेंसेक्स 273 अंक चढ़कर 77,928 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 66 अंक की बढ़त के साथ 24,317 पर क्लोज हुआ।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
स्विगी के ताजा नतीजे बताते हैं कि कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन उसका नुकसान लगातार कम हो रहा है। मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, फूड डिलीवरी बिजनेस की लाभप्रदता और Instamart के घाटे में संभावित कमी आने वाले समय में कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माने जा सकते हैं। हालांकि क्विक कॉमर्स सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा काफी तेज है, इसलिए भविष्य में लाभप्रदता बनाए रखना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहेगा।


