US Federal Reserve ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। GIFT Nifty कमजोरी दिखा रहा है। जानिए आज भारतीय शेयर बाजार पर इसका क्या असर पड़ सकता है, एक्सपर्ट की राय और अहम लेवल।
US Fed Interest Rate Decision: GIFT Nifty ने दिए कमजोर शुरुआत के संकेत, जानिए भारतीय बाजार पर क्या होगा असर
Gift Nifty Indicator: अमेरिकी केंद्रीय बैंक US Federal Reserve ने लगातार पांचवीं मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है। हालांकि यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा, लेकिन फेड की सतर्क टिप्पणी, टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली और AI सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंताओं ने वैश्विक बाजारों का माहौल कमजोर कर दिया। इसका असर गुरुवार सुबह GIFT Nifty पर भी देखने को मिला, जो भारतीय शेयर बाजार में हल्की कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है।
बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली थी, लेकिन अब वैश्विक संकेतों के चलते निवेशकों की नजरें आज की ओपनिंग और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर टिकी हैं।
GIFT Nifty से क्या मिल रहा है संकेत?
गुरुवार सुबह करीब 8:00 बजे GIFT Nifty 88 अंक (0.36%) की गिरावट के साथ 24,215 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। इससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 बुधवार के 24,250.20 के क्लोजिंग स्तर से नीचे खुल सकता है।
बुधवार को भारतीय बाजारों में शानदार तेजी रही थी।
- Sensex 888.68 अंक (1.16%) चढ़कर 77,654.60 पर बंद हुआ।
- Nifty 50 264.85 अंक (1.10%) बढ़कर 24,250.20 के स्तर पर बंद हुआ।
US Fed ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव
US Federal Reserve की दो दिवसीय FOMC (Federal Open Market Committee) बैठक के बाद केंद्रीय बैंक ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर 3.50% से 3.75% के दायरे में बरकरार रखी।
यह लगातार पांचवीं बैठक है जिसमें फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। फेड का कहना है कि महंगाई, रोजगार और आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों का आकलन करने के बाद ही आगे की नीति तय की जाएगी।
हालांकि यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा, लेकिन तीन नीति-निर्माताओं ने 0.25% ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में असहमति जताई। इससे यह संकेत मिला कि आने वाले महीनों में फेड की नीति पूरी तरह आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
एशियाई बाजारों में रिकवरी
फेड के फैसले के बाद गुरुवार को अधिकांश एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिली।
- जापान का Nikkei लगभग 2% चढ़ा।
- दक्षिण कोरिया का Kospi करीब 4% उछला।
- जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI Index में 1% से अधिक की बढ़त दर्ज हुई।
- Nasdaq Futures में लगभग 1.2% की तेजी रही।
- यूरोपीय बाजारों के फ्यूचर्स भी हल्की मजबूती का संकेत दे रहे थे।
हालांकि AI सेक्टर में भारी निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को लेकर निवेशकों की चिंता अभी भी बनी हुई है।
वॉल स्ट्रीट में क्यों आई भारी गिरावट?
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार दबाव में बंद हुए।
- Dow Jones 2.19% गिरा।
- S&P 500 में 1.52% की कमजोरी रही।
- Nasdaq Composite 1.74% टूट गया।
Microsoft और Meta Platforms के तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों ने AI और टेक्नोलॉजी शेयरों में मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।
कच्चे तेल में नरमी, लेकिन जोखिम बरकरार
पिछले कारोबारी सत्र में तेज उछाल के बाद गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली।
- Brent Crude 1.42% गिरकर 89.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
- WTI Crude 0.66% फिसलकर 83.90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
हालांकि मध्य-पूर्व में जारी तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। यही वजह है कि ऊर्जा कीमतें भारतीय बाजार के लिए एक अहम जोखिम बनी हुई हैं।
भारतीय शेयर बाजार पर क्या होगा असर?
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि फेड द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने से एक बड़ी अनिश्चितता जरूर खत्म हुई है, लेकिन नीति निर्माताओं के बीच मतभेद यह संकेत देते हैं कि आगे के फैसले पूरी तरह आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर रहेंगे।
उनके अनुसार,
- 24,300-24,400 का स्तर निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस है।
- इसके ऊपर टिकने पर 24,500-24,600 तक तेजी संभव है।
- नीचे 24,150-24,000 मजबूत सपोर्ट जोन रहेगा।
- यदि निफ्टी 24,000 के नीचे फिसलता है तो 23,900-23,800 तक प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है।
वहीं जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का मानना है कि फेड का फैसला भारतीय बाजार के लिए कोई बड़ा सरप्राइज नहीं है, क्योंकि इसकी पहले से ही उम्मीद थी। उनके अनुसार फिलहाल भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम मध्य-पूर्व का तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हैं।
निवेशकों के लिए आज किन बातों पर रहेगी नजर?
- GIFT Nifty की शुरुआती चाल
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी या बिकवाली
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- मध्य-पूर्व से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम
- वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों की चाल
- निफ्टी का 24,300 और 24,000 का अहम स्तर
निष्कर्ष
US Federal Reserve का ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला बाजार की उम्मीदों के मुताबिक रहा, लेकिन फेड के सतर्क रुख, AI सेक्टर में बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं ने निवेशकों का मूड थोड़ा कमजोर कर दिया है। GIFT Nifty फिलहाल भारतीय बाजार में हल्की गिरावट के साथ शुरुआत का संकेत दे रहा है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी और बेहतर तकनीकी सेटअप बाजार को सहारा दे सकते हैं। ऐसे में आज के कारोबार में वैश्विक संकेतों के साथ निफ्टी के प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इस लेख में दिए गए विचार संबंधित एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। NewsJagran.in या इसका प्रबंधन किसी भी निवेश निर्णय के लिए उत्तरदायी नहीं है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।


