Phoenix Mills Q1 Results FY27: देश की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी फीनिक्स मिल्स ने जून तिमाही (Q1 FY27) के मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और कुल आय दोनों बढ़े, लेकिन निवेशकों की उम्मीदों पर प्रदर्शन खरा नहीं उतर सका। यही वजह रही कि शानदार वित्तीय आंकड़ों के बावजूद कंपनी के शेयरों में करीब 5% तक की गिरावट दर्ज की गई। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने भी नतीजों को अनुमान से कमजोर बताया है।
Highlights
- Q1 FY27 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 23.3% बढ़कर ₹296.86 करोड़ पहुंचा।
- कुल आय बढ़कर ₹1,115.15 करोड़ रही।
- नतीजों के बाद शेयर 4.65% गिरकर ₹1,928 तक फिसला।
- नोमुरा के अनुसार रिटेल इनकम और EBITDA अनुमान से कमजोर रहे।
- पुणे और बेंगलुरु के मॉल्स में ट्रांजिशन का असर भी कारोबार पर पड़ा।
121 साल पुरानी कंपनी, दुबई से मुंबई तक फैला कारोबार
फीनिक्स मिल्स लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी रियल एस्टेट डेवलपमेंट और रिटेल मॉल ऑपरेटिंग कंपनियों में से एक है। करीब 121 साल पुरानी यह कंपनी देश के कई बड़े शहरों के साथ-साथ दुबई में भी अपनी मौजूदगी रखती है। कंपनी शॉपिंग मॉल, कमर्शियल ऑफिस, होटल और मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स का विकास और संचालन करती है।
मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद, लखनऊ, इंदौर जैसे शहरों में कंपनी के प्रीमियम मॉल्स और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स मौजूद हैं।
Q1 FY27 में कितना रहा मुनाफा?
जून 2026 तिमाही में फीनिक्स मिल्स का शुद्ध लाभ (Net Profit) बढ़कर ₹296.86 करोड़ रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹240.68 करोड़ था। यानी कंपनी ने सालाना आधार पर लगभग 23.3% की वृद्धि दर्ज की।
वहीं कंपनी की कुल आय (Total Income) बढ़कर ₹1,115.15 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹984.50 करोड़ थी। आय में यह वृद्धि मुख्य रूप से प्रॉपर्टी लीजिंग, रिटेल स्पेस और अन्य रियल एस्टेट सेवाओं से हुई।
फिर क्यों टूट गए शेयर?
मजबूत नतीजों के बावजूद निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही। नतीजों के बाद कंपनी का शेयर करीब 4.65% गिरकर ₹1,928 तक पहुंच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार पहले से ही इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा था। जब वास्तविक नतीजे अनुमान से नीचे रहे तो निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
नोमुरा ने बताई गिरावट की असली वजह
ब्रोकरेज फर्म Nomura के अनुसार, फीनिक्स मिल्स की Q1 FY27 कमाई बाजार की अपेक्षा से कमजोर रही।
रिपोर्ट के मुताबिक—
- कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ब्लूमबर्ग अनुमान से लगभग 4% कम रहा।
- EBITDA भी अनुमान से करीब 3% नीचे रहा।
- रिटेल इनकम में अपेक्षित तेजी नहीं दिखी।
यही कारण रहा कि नतीजों के तुरंत बाद शेयरों पर दबाव बढ़ गया।
रिटेल इनकम क्यों रही कमजोर?
नोमुरा के अनुसार, कंपनी की रिटेल आय पर कैटेगरी मिक्स का असर पड़ा।
जून तिमाही में बिक्री बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स से आया। इन दोनों कैटेगरी में सालाना आधार पर 55% से 61% तक की ग्रोथ दर्ज हुई, लेकिन इन श्रेणियों में रेवेन्यू शेयर अनुपात अपेक्षाकृत कम होता है।
इसी वजह से कंपनी की रिटेल इनकम का प्रतिशत पिछले साल के 14.1% से घटकर 12.5% रह गया।
पुणे और बेंगलुरु के मॉल्स भी बने वजह
नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कंपनी के पुणे और बेंगलुरु स्थित Market City मॉल्स अभी किरायेदारों के बदलाव (Tenant Transition) के दौर से गुजर रहे हैं।
विश्लेषकों का अनुमान है कि इन प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह स्थिर होने में 1 से 2 तिमाही का समय लग सकता है।
इसके अलावा नए मॉल्स में कंपनी ने Minimum Guarantee + Revenue Share मॉडल अपनाया है। यह मॉडल लंबे समय में सुरक्षित माना जाता है, लेकिन शुरुआती चरण में रेवेन्यू शेयर का पूरा लाभ मिलने में समय लगता है।
आगे क्या है निवेशकों की नजर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाली तिमाहियों में नए मॉल्स की ऑक्यूपेंसी बेहतर होती है और रिटेल इनकम दोबारा मजबूत होती है, तो कंपनी की कमाई में और सुधार देखने को मिल सकता है।
हालांकि फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि पुणे और बेंगलुरु की परियोजनाएं कब तक सामान्य प्रदर्शन पर लौटती हैं और रिटेल बिजनेस की ग्रोथ कितनी तेजी से बढ़ती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


