Highlights
- सोने की कीमत MCX पर ₹158 फिसलकर ₹1,41,465 प्रति 10 ग्राम पर पहुंची
- चांदी ₹2,250 की तेजी के साथ ₹2,18,649 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही
- आज रात US Fed के ब्याज दर फैसले पर पूरी दुनिया की नजर
- एक्सपर्ट्स ने लंबी अवधि के निवेशकों को SIP के जरिए खरीदारी की सलाह दी
Gold Silver Price Today: सोने में हल्की गिरावट, चांदी में जोरदार तेजी
Gold Silver Price Today: घरेलू कमोडिटी बाजार में बुधवार (29 जुलाई) को सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। जहां मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, वहीं चांदी में तेज उछाल दर्ज किया गया है। बाजार की नजर अब पूरी तरह आज रात आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के ब्याज दर फैसले पर टिकी हुई है, जिससे आने वाले दिनों में बुलियन बाजार की दिशा तय हो सकती है।
कमजोर स्पॉट डिमांड के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है, जबकि चांदी में नई खरीदारी और ताजा पोजीशन बनने से कीमतों में तेजी देखने को मिली।
MCX पर क्या रहे आज के भाव?
बुधवार को अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा अनुबंध में 158 रुपये (0.11%) की गिरावट दर्ज हुई और यह ₹1,41,465 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया।
वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹2,250 (1.04%) की तेजी के साथ ₹2,18,649 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। स्पॉट बाजार में भी चांदी की कीमतों में करीब 0.69% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सोने में कमजोरी और चांदी में तेजी की वजह क्या है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोने की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह स्पॉट मार्केट में कमजोर मांग रही। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की आशंकाओं ने भी सोने पर दबाव बनाया।
दूसरी ओर चांदी में इंडस्ट्रियल डिमांड और नई खरीदारी के चलते मजबूत तेजी देखने को मिली। निवेशकों ने चांदी में नई पोजीशन बनानी शुरू की, जिससे कीमतें ऊपर चली गईं।
आज रात आएगा US Fed का बड़ा फैसला
बाजार के लिए सबसे अहम घटना आज रात होने वाली US Federal Reserve की मौद्रिक नीति बैठक है।
- रात 11:30 बजे (IST) ब्याज दरों का फैसला आएगा।
- रात 12:00 बजे (IST) फेड चेयर की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी।
हालांकि जून के महंगाई आंकड़े अनुमान से कम रहे थे, इसलिए बाजार को इस बैठक में ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है। लेकिन निवेशकों की नजर फेड की भविष्य की रणनीति और उसके संकेतों पर रहेगी।
क्या सितंबर में बढ़ सकती हैं ब्याज दरें?
मार्केट अनुमानों के मुताबिक सितंबर और दिसंबर में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई संबंधी जोखिमों के कारण फेड आगे सख्त रुख अपना सकता है।
बाजार के अनुमानों के अनुसार सितंबर में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है, जबकि निकट अवधि में भी निवेशक फेड के हर संकेत पर नजर बनाए हुए हैं।
एक्सपर्ट की राय
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के अनुसार, बाजार अभी भी फेड की सख्त मौद्रिक नीति की संभावना को कीमतों में शामिल कर रहा है।
उनका कहना है कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 14 महीने के उच्च स्तर के आसपास बना हुआ है, जिससे सोने और अन्य बुलियन धातुओं पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) और बैंक ऑफ जापान (BoJ) भी इस सप्ताह ब्याज दरों में बदलाव नहीं कर सकते हैं।
ब्याज दरें बढ़ने से सोना क्यों होता है कमजोर?
सोना ऐसा निवेश है जिस पर कोई ब्याज या नियमित रिटर्न नहीं मिलता। ऐसे में जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं तो निवेशक फिक्स्ड इनकम वाले विकल्पों की ओर आकर्षित होते हैं। इससे सोने को होल्ड करने की अवसर लागत (Opportunity Cost) बढ़ जाती है और उसकी कीमतों पर दबाव आता है।
इसी दौरान डॉलर इंडेक्स मामूली कमजोरी के बावजूद 101.30 के आसपास बना रहा, जबकि अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.61% पर पहुंच गई।
आज के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
MCX Gold
- सपोर्ट: ₹1,40,800 और ₹1,40,000
- रेजिस्टेंस: ₹1,42,200 और ₹1,43,100
MCX Silver
- सपोर्ट: ₹2,14,000 और ₹2,12,200
- रेजिस्टेंस: ₹2,17,700 और ₹2,20,000
अंतरराष्ट्रीय बाजार
सोना
- सपोर्ट: $4,010 और $3,974 प्रति ट्रॉय औंस
- रेजिस्टेंस: $4,070 और $4,110 प्रति ट्रॉय औंस
चांदी
- सपोर्ट: $56.80 और $56 प्रति ट्रॉय औंस
- रेजिस्टेंस: $58.40 और $59.10 प्रति ट्रॉय औंस
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को मौजूदा गिरावट का फायदा उठाते हुए SIP मोड में धीरे-धीरे सोना और चांदी खरीदनी चाहिए। वहीं शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सलाह है कि वे FOMC बैठक के नतीजे आने तक नई पोजीशन लेने से बचें, क्योंकि फेड के फैसले के बाद बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए विचार बाजार विशेषज्ञों के निजी विचार हैं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


