South Korea Stock Market: दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी दिन भारी बिकवाली देखने को मिली। देश का प्रमुख इंडेक्स KOSPI शुरुआती बढ़त गंवाकर तेज गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि KOSDAQ में भी बड़ी बिकवाली के चलते ट्रेडिंग कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मेमोरी चिप निर्माता SK Hynix के तिमाही नतीजे रहे, जो मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी के बावजूद बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। इसका असर Samsung Electronics समेत पूरे टेक सेक्टर पर देखने को मिला।
Highlights
- दक्षिण कोरिया का KOSPI लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट का शिकार
- दो कारोबारी दिनों में बाजार करीब 21% तक लुढ़का
- SK Hynix के कमजोर तिमाही नतीजों से निवेशकों में निराशा
- Samsung Electronics के शेयरों में भी लगातार दूसरे दिन तेज गिरावट
- KOSDAQ में 8% तक गिरावट, ट्रेडिंग 20 मिनट के लिए रोकी गई
- भारतीय शेयर बाजार में इसके उलट निफ्टी और सेंसेक्स में शानदार तेजी
KOSPI ने शुरुआती बढ़त गंवाई, दिनभर हावी रही बिकवाली
29 जुलाई को दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर बाजार KOSPI शुरुआत में मजबूती के साथ खुला था, लेकिन कुछ ही घंटों में बिकवाली इतनी तेज हो गई कि इंडेक्स गहरे लाल निशान में पहुंच गया। कारोबार के दौरान एक समय इसमें करीब 10% तक की गिरावट दर्ज की गई। बाद में कुछ रिकवरी आई, लेकिन दक्षिण कोरिया के समयानुसार दोपहर 3:10 बजे तक यह करीब 8% गिरकर 5,541 अंक पर कारोबार कर रहा था।
लगातार दूसरे दिन आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। टेक शेयरों में तेज बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है।
SK Hynix के नतीजों ने बढ़ाई बाजार की चिंता
दक्षिण कोरिया के बाजार में बिकवाली की सबसे बड़ी वजह SK Hynix के जून तिमाही के वित्तीय नतीजे रहे। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 557% बढ़ा, लेकिन यह वृद्धि विश्लेषकों की अपेक्षाओं से कम रही।
बाजार आमतौर पर सिर्फ बेहतर नतीजों पर नहीं, बल्कि उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देता है। चूंकि SK Hynix अपेक्षित स्तर तक प्रदर्शन नहीं कर पाया, इसलिए निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली शुरू कर दी।
कारोबार समाप्त होने से कुछ समय पहले तक कंपनी का शेयर 9.55% नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि दिन के दौरान इसमें करीब 15% तक की गिरावट भी दर्ज की गई।
Samsung Electronics भी दबाव में
SK Hynix की कमजोरी का असर दक्षिण कोरिया की दूसरी बड़ी चिप निर्माता कंपनी Samsung Electronics पर भी साफ दिखाई दिया। कंपनी के शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेज गिरावट दर्ज की गई।
एक समय Samsung का शेयर करीब 8% तक टूट गया, हालांकि बाद में इसमें कुछ सुधार देखने को मिला। दोनों कंपनियां दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में सबसे अधिक वेटेज रखने वाली कंपनियों में शामिल हैं। KOSPI इंडेक्स में इनकी संयुक्त हिस्सेदारी करीब 60% है, इसलिए इन शेयरों में गिरावट का सीधा असर पूरे बाजार पर पड़ा।
एक महीने में करीब 35% टूट चुका है KOSPI
दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार के लिए पिछले कुछ सप्ताह बेहद मुश्किल रहे हैं। बीते एक महीने में KOSPI करीब 35% गिर चुका है। कभी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा यह इंडेक्स अब तेज करेक्शन का सामना कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर सेक्टर में आई तेज रैली के बाद अब निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। इसके अलावा चिप कंपनियों की भविष्य की ग्रोथ को लेकर भी सतर्कता बढ़ी है।
KOSDAQ में भी मचा हड़कंप
केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि दक्षिण कोरिया की स्मॉलकैप और मिडकैप कंपनियों पर भी बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया।
KOSDAQ इंडेक्स कारोबार के दौरान करीब 8% तक गिर गया, जिसके बाद बाजार नियामकों ने अस्थायी रूप से 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोक दी। यह कदम अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया।
एक साल का रिटर्न अब भी शानदार
हालिया गिरावट के बावजूद दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार पिछले एक साल के प्रदर्शन के लिहाज से अब भी दुनिया के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल है।
- KOSPI ने पिछले एक साल में 71% से अधिक रिटर्न दिया है।
- SK Hynix और Samsung Electronics ने इस अवधि में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया।
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (Global Investors) की मजबूत खरीदारी ने इस तेजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यानी हालिया गिरावट को कई विशेषज्ञ लंबी अवधि की तेज रैली के बाद आया करेक्शन भी मान रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार में दिखी अलग तस्वीर
जहां दक्षिण कोरिया का बाजार भारी दबाव में रहा, वहीं भारतीय शेयर बाजार में 29 जुलाई को मजबूत तेजी देखने को मिली।
दोपहर करीब 12:30 बजे तक:
- निफ्टी 50 करीब 235 अंक (0.98%) की बढ़त के साथ 24,221 पर कारोबार कर रहा था।
- सेंसेक्स लगभग 810 अंक (1.06%) चढ़कर 77,579 पर पहुंच गया।
- बैंक निफ्टी में भी करीब 0.80% की तेजी दर्ज की गई।
भारतीय बाजारों में खरीदारी का रुख मजबूत बना रहा, जबकि एशियाई बाजारों में दबाव देखने को मिला।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
दक्षिण कोरिया के बाजार में आई यह तेज गिरावट इस बात का संकेत है कि केवल मजबूत मुनाफा दिखाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि कंपनियों को बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन भी करना पड़ता है। AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में पिछले एक साल की तेज रैली के बाद अब निवेशक वैल्यूएशन और भविष्य की ग्रोथ को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं।
यदि आने वाली तिमाहियों में प्रमुख टेक कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहते हैं, तो वैश्विक टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ऐसी गिरावटें चुनिंदा मजबूत कंपनियों में निवेश का अवसर भी साबित हो सकती हैं।


