IT Stocks Today: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में आईटी सेक्टर ने दमदार प्रदर्शन किया। Infosys, TCS, Wipro, HCL Tech समेत लगभग सभी प्रमुख आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते Nifty IT Index दिन का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर इंडेक्स बन गया। विशेषज्ञों का मानना है कि AI पर बढ़ते खर्च और ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर बनी चिंताएं फिलहाल कुछ कम हुई हैं, जिसके कारण निवेशकों ने सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों की ओर रुख किया है। वहीं, अमेरिकी टेक दिग्गज Microsoft और Meta के तिमाही नतीजों से पहले भी निवेशक आईटी शेयरों में करेक्शन का फायदा उठाकर खरीदारी कर रहे हैं।
Nifty IT बना बाजार का सबसे मजबूत सेक्टर
बुधवार के कारोबार में Nifty IT Index करीब 2.47% की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया। यह बढ़त व्यापक बाजार से कहीं अधिक रही। जहां Nifty 50 करीब 0.93% ऊपर था, वहीं आईटी सेक्टर ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया।
इस तेजी की अगुवाई देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों ने की।
प्रमुख IT शेयरों का प्रदर्शन
| कंपनी | बढ़त |
|---|---|
| Infosys | +3.37% |
| TCS | +2.65% |
| Wipro | +1.78% |
| HCL Technologies | +1.10% |
मिडकैप आईटी कंपनियों में भी शानदार खरीदारी देखने को मिली।
| मिडकैप IT स्टॉक | बढ़त |
|---|---|
| Coforge | +4.42% |
| KPIT Technologies | +4.07% |
| Persistent Systems | +2.75% |
AI से जुड़ी चिंताओं के बीच क्यों बढ़े IT शेयर?
पिछले कुछ सप्ताहों से वैश्विक बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों पर दबाव बना हुआ था। निवेशकों को चिंता थी कि बड़ी टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी पूंजीगत खर्च (Capex) कर रही हैं, जबकि उसके मुकाबले रिटर्न को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।
इसी वजह से सेमीकंडक्टर और चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। लेकिन अब निवेशक अपेक्षाकृत बेहतर वैल्यूएशन वाले सॉफ्टवेयर और आईटी सर्विसेज शेयरों की ओर लौटते दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियां वैश्विक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी सर्विसेज की मजबूत मांग का फायदा उठा सकती हैं।
एशियाई चिप शेयरों में बिकवाली का मिला फायदा
बुधवार को दक्षिण कोरिया सहित एशियाई बाजारों में कई प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, ऊंचे वैल्यूएशन और बड़े निवेश को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ने से चिप शेयरों पर दबाव बना।
ऐसे माहौल में निवेशकों ने अपेक्षाकृत स्थिर बिजनेस मॉडल वाली भारतीय आईटी कंपनियों की ओर रुख किया। यही वजह रही कि Infosys, TCS और अन्य सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
Microsoft और Meta के नतीजों पर टिकी बाजार की नजर
बाजार की निगाह अब अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियों Microsoft और Meta के तिमाही नतीजों पर है। इन कंपनियों के परिणामों से यह संकेत मिल सकता है कि AI पर होने वाला भारी खर्च आगे भी जारी रहेगा या कंपनियां इसमें कोई बदलाव करेंगी।
यदि इन कंपनियों की कमाई उम्मीद से बेहतर रहती है और AI निवेश पर सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है।
US Fed के फैसले का भी रहेगा असर
आज निवेशकों की नजर अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve (Fed) की मौद्रिक नीति बैठक पर भी बनी हुई है।
CME FedWatch के अनुसार, बाजार को फिलहाल उम्मीद है कि फेड इस बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, फेड चेयरमैन की टिप्पणी और भविष्य की ब्याज दरों को लेकर दिए जाने वाले संकेत वैश्विक बाजारों की दिशा तय कर सकते हैं।
यदि फेड का रुख नरम रहता है तो आईटी और टेक्नोलॉजी शेयरों को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
एक्सपर्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि दक्षिण कोरियाई चिप शेयरों में आई बड़ी गिरावट भारतीय आईटी कंपनियों के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है। उनके अनुसार, निवेशक अब महंगे AI और सेमीकंडक्टर शेयरों से निकलकर मजबूत फंडामेंटल और बेहतर वैल्यूएशन वाले भारतीय सॉफ्टवेयर शेयरों में निवेश बढ़ा रहे हैं।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर?
- Microsoft और Meta के तिमाही नतीजे
- AI पर होने वाले पूंजीगत खर्च (AI Capex) का ट्रेंड
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दर फैसला
- डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


