Stock in Focus: सरकारी रेलवे कंपनी रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) को ईस्ट सेंट्रल रेलवे से 358.97 करोड़ रुपये (GST सहित) का नया ऑर्डर मिला है। यह परियोजना बिहार के सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड पर रेलवे लाइन डबलिंग से जुड़ी है। नए ऑर्डर से कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत होगी। हालांकि, शेयर अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से करीब 65% नीचे कारोबार कर रहा है। ऐसे में निवेशकों के बीच सवाल है कि क्या यह गिरावट लंबी अवधि के निवेश का अवसर बन सकती है।
बिहार में होगा 41 किलोमीटर रेलवे डबलिंग का काम
RVNL ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसे ईस्ट सेंट्रल रेलवे से 358.97 करोड़ रुपये का EPC (Engineering, Procurement and Construction) कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
इस प्रोजेक्ट के तहत कुंडवा चैनपुर से रक्सौल के बीच 41.04 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर डबलिंग का कार्य किया जाएगा। यह परियोजना बिहार में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रोजेक्ट में क्या-क्या काम शामिल है?
इस EPC परियोजना के अंतर्गत कई प्रमुख सिविल कार्य किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—
- मिट्टी भराई (Earthwork)
- ब्लैंकेटिंग
- छोटे और बड़े पुलों का निर्माण
- स्टेशन भवनों का विकास
- प्लेटफॉर्म निर्माण
- लेवल क्रॉसिंग से जुड़े कार्य
- अन्य आवश्यक सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना और इस रूट पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम बनाना है।
3 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
कंपनी के मुताबिक इस परियोजना को पूरा करने के लिए 1,095 दिन, यानी लगभग 3 वर्ष का समय निर्धारित किया गया है।
RVNL ने यह भी स्पष्ट किया कि यह ऑर्डर उसके सामान्य कारोबार का हिस्सा है। साथ ही कंपनी ने कहा कि इस कॉन्ट्रैक्ट में ईस्ट सेंट्रल रेलवे और RVNL के प्रमोटर, प्रमोटर ग्रुप या समूह कंपनियों के बीच किसी प्रकार का हित या रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं है।
इससे पहले मई में भी मिला था बड़ा रेलवे प्रोजेक्ट
यह पहला मौका नहीं है जब RVNL को हाल के महीनों में बड़ा रेलवे प्रोजेक्ट मिला हो।
मई 2026 में कंपनी को नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे की 129.46 करोड़ रुपये की परियोजना में सबसे कम बोलीदाता (L1) घोषित किया गया था।
उस परियोजना के तहत वाराणसी-प्रयागराज सेक्शन में 2×25 KV AT ट्रैक्शन फीडिंग सिस्टम के लिए—
- ट्रैक्शन सबस्टेशन
- स्विचिंग पोस्ट
- इलेक्ट्रिकल उपकरणों की डिजाइन
- सप्लाई
- इंस्टॉलेशन
- टेस्टिंग
- कमीशनिंग
का कार्य शामिल था। इसका उद्देश्य रेलवे की इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पावर सप्लाई क्षमता को मजबूत करना है।
RVNL Share Performance
मंगलवार के कारोबारी सत्र में RVNL का शेयर 1.14% की गिरावट के साथ ₹221.40 पर बंद हुआ।
शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो—
- पिछले 1 दिन में: 1.14% की गिरावट
- पिछले 6 महीने में: 35.36% की कमजोरी
- ऑल टाइम हाई से: करीब 65% नीचे
- पिछले 5 वर्षों में: 647.97% का मल्टीबैगर रिटर्न
- कंपनी का मार्केट कैप: ₹46.15 हजार करोड़
हालिया गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में RVNL ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। नए ऑर्डर लगातार मिलने से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है, जिस पर निवेशकों की नजर रहेगी।
क्या शेयर में खरीदारी का मौका है?
रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सरकार का निवेश लगातार बढ़ रहा है, जिससे RVNL जैसी कंपनियों को नए प्रोजेक्ट मिलने की संभावना बनी रहती है। नए ऑर्डर कंपनी के भविष्य के राजस्व को सहारा दे सकते हैं। हालांकि, शेयर बाजार में निवेश का फैसला केवल किसी एक ऑर्डर के आधार पर नहीं लेना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, ऑर्डर बुक, वैल्यूएशन और बाजार की परिस्थितियों का भी मूल्यांकन करना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


