भारत का कोल्ड चेन बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। खाद्य पदार्थों, फार्मा प्रोडक्ट्स और वैक्सीन की बढ़ती मांग के बीच इस सेक्टर का आकार 2035 तक 7.14 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। स्नोमैन लॉजिस्टिक्स, कूल-एक्स, कोल्डएक्स, TCI कोल्ड चेन और कोल्डमैन लॉजिस्टिक्स जैसी कंपनियां भारत की तापमान नियंत्रित सप्लाई चेन की रीढ़ बन चुकी हैं।
Highlights
- भारत का कोल्ड चेन मार्केट 2035 तक 7.14 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान
- स्नोमैन लॉजिस्टिक्स देश की प्रमुख लिस्टेड कोल्ड चेन कंपनियों में शामिल
- कूल-एक्स ने कोविड-19 वैक्सीन ट्रांसपोर्ट करने वाली पहली भारतीय कंपनी होने का रिकॉर्ड बनाया
- फार्मा, फूड और FMCG सेक्टर में बढ़ रही है कोल्ड स्टोरेज और रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट की मांग
क्या होती है Cold Chain Operator कंपनी?
कोल्ड चेन ऑपरेटर ऐसी लॉजिस्टिक्स कंपनियां होती हैं जो तापमान के प्रति संवेदनशील सामानों को सुरक्षित रखने और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करती हैं। इन कंपनियों की भूमिका खासतौर पर फूड इंडस्ट्री, फार्मास्यूटिकल्स, वैक्सीन, डेयरी प्रोडक्ट्स और केमिकल सेक्टर में बेहद महत्वपूर्ण होती है।
कोल्ड चेन कंपनियां रेफ्रिजरेटेड ट्रकों, आधुनिक कोल्ड स्टोरेज वेयरहाउस, तापमान निगरानी सिस्टम और डिजिटल ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी की मदद से यह सुनिश्चित करती हैं कि प्रोडक्ट की गुणवत्ता और तापमान पूरी सप्लाई चेन के दौरान बना रहे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत का कोल्ड चेन बाजार साल 2025 में करीब 2.16 लाख करोड़ रुपये का था। अनुमान है कि 2026 से 2035 के बीच यह बाजार लगभग 12.70% CAGR की दर से बढ़ते हुए 2035 तक 7.14 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
आइए जानते हैं भारत की प्रमुख कोल्ड चेन ऑपरेटर कंपनियों के बारे में।
1. Snowman Logistics: भारत की प्रमुख लिस्टेड Cold Chain कंपनी
Snowman Logistics Limited भारत की सबसे जानी-मानी कोल्ड चेन कंपनियों में शामिल है। यह एक शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी है, जिसकी मार्केट कैपिटल करीब 611 करोड़ रुपये बताई जाती है।
कंपनी इंटीग्रेटेड टेम्परेचर-कंट्रोल्ड लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध कराती है। इसके तहत:
- कोल्ड स्टोरेज वेयरहाउसिंग
- रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्टेशन
- डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क
- वैल्यू एडेड लॉजिस्टिक्स सर्विसेज
शामिल हैं।
स्नोमैन लॉजिस्टिक्स की सुविधाएं मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों सहित देश के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर मौजूद हैं। कंपनी का फोकस फूड, फार्मा और FMCG कंपनियों के लिए एंड-टू-एंड कोल्ड चेन समाधान उपलब्ध कराना है।
बढ़ते ई-कॉमर्स, ऑनलाइन ग्रॉसरी और फार्मा सेक्टर के कारण कंपनी के लिए भविष्य में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
2. Kool-Ex Cold Chain: कोविड वैक्सीन पहुंचाने वाली पहली कंपनी
Kool-Ex Cold Chain भारत की प्रमुख फार्मा और वैक्सीन कोल्ड चेन कंपनियों में से एक है।
कंपनी की स्थापना राहुल सुभाष अग्रवाल ने सुभाष चंद्र अग्रवाल के साथ मिलकर की थी। इससे पहले उन्होंने 1997 में भोरुका लॉजिस्टिक्स की शुरुआत की थी और बाद में 2012 में Kool-Ex की स्थापना की।
कंपनी की प्रमुख सेवाओं में शामिल हैं:
- तापमान नियंत्रित ट्रांसपोर्टेशन
- फार्मा लॉजिस्टिक्स
- कोल्ड बॉक्स समाधान
- वेयरहाउसिंग
- फार्मा ब्लॉकचेन आधारित ट्रैकिंग सेवाएं
कोविड-19 महामारी के दौरान Kool-Ex ने कोरोना वैक्सीन के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कंपनी को देश में कोविड वैक्सीन ट्रांसपोर्ट करने वाली शुरुआती और प्रमुख कंपनियों में गिना जाता है।
वैक्सीन जैसे संवेदनशील उत्पादों के लिए 2°C से 8°C तापमान बनाए रखना बेहद जरूरी होता है और Kool-Ex ने इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता दिखाई।
3. ColdEX Logistics: फूड सप्लाई चेन का बड़ा नाम
ColdEX Logistics भारत की सबसे बड़ी संगठित और इंटीग्रेटेड फूड सप्लाई चेन कंपनियों में शामिल है।
कंपनी फूड सर्विस इंडस्ट्री, FMCG, डेयरी, कन्फेक्शनरी और रिटेल सेक्टर के लिए कोल्ड चेन समाधान उपलब्ध कराती है।
ColdEX Logistics की ताकत:
- देशभर में फैला डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क
- आधुनिक वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर
- तापमान नियंत्रित वाहन बेड़ा
- टेक्नोलॉजी आधारित सप्लाई चेन सिस्टम
कंपनी बड़े ब्रांड्स को उनके उत्पादों को सुरक्षित तरीके से ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद करती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार ColdEX Logistics का सालाना रेवेन्यू 500 करोड़ रुपये से अधिक है।
4. TCI Cold Chain Solutions: बड़ा वेयरहाउस नेटवर्क और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर
TCI Cold Chain Solutions, Transport Corporation of India और Mitsui & Co. के बीच एक जॉइंट वेंचर है।
इसमें TCI की हिस्सेदारी 80% और Mitsui की हिस्सेदारी 20% है।
कंपनी के पास रणनीतिक स्थानों पर बने कोल्ड चेन वेयरहाउस और तापमान नियंत्रित वाहनों का नेटवर्क है।
TCI Cold Chain Solutions की सेवाओं में शामिल हैं:
- फार्मा लॉजिस्टिक्स
- फूड सप्लाई चेन
- कोल्ड स्टोरेज
- एंड-टू-एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट
कंपनी को 3500 से अधिक कर्मचारियों की टीम सपोर्ट करती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार TCI के कोल्ड चेन बिजनेस ने हाल के वर्षों में 100 करोड़ रुपये से अधिक का रेवेन्यू हासिल किया है।
5. Coldman Logistics: तापमान नियंत्रित वेयरहाउसिंग का विशेषज्ञ
Coldman Logistics एडवांस्ड टेम्परेचर-कंट्रोल्ड वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
कंपनी उन उद्योगों को सेवाएं देती है जहां उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सटीक तापमान नियंत्रण जरूरी होता है।
इसके प्रमुख ग्राहक सेक्टर हैं:
- फार्मा
- फूड एंड बेवरेज
- डेयरी
- FMCG
- रिटेल
Coldman Logistics आधुनिक तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए कंपनियों को बेहतर स्टोरेज और वितरण सुविधाएं प्रदान करती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी का सालाना रेवेन्यू भी 100 करोड़ रुपये से अधिक है।
भारत में Cold Chain सेक्टर क्यों बढ़ रहा है?
भारत में कोल्ड चेन इंडस्ट्री की ग्रोथ के पीछे कई बड़े कारण हैं:
1. फार्मा और वैक्सीन की बढ़ती मांग
भारत दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माताओं में से एक है। नई दवाओं और बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स के लिए मजबूत कोल्ड चेन नेटवर्क की जरूरत बढ़ रही है।
2. फूड वेस्ट कम करने की जरूरत
भारत में बड़ी मात्रा में फल, सब्जियां और डेयरी उत्पाद खराब हो जाते हैं। बेहतर कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर से इस नुकसान को कम किया जा सकता है।
3. ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स का विस्तार
ऑनलाइन ग्रॉसरी और फ्रोजन फूड की मांग बढ़ने से तापमान नियंत्रित सप्लाई चेन की जरूरत बढ़ी है।
4. सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
सरकार लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूत करने और सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर ध्यान दे रही है।
निष्कर्ष: आने वाले वर्षों में बढ़ेगा Cold Chain का साम्राज्य
भारत में कोल्ड चेन सेक्टर अब सिर्फ फूड स्टोरेज तक सीमित नहीं है। फार्मा, वैक्सीन, ई-कॉमर्स और FMCG इंडस्ट्री की बढ़ती जरूरतों के कारण यह देश के सबसे तेजी से बढ़ने वाले लॉजिस्टिक्स सेक्टर में शामिल हो गया है।
स्नोमैन लॉजिस्टिक्स, Kool-Ex, ColdEX, TCI Cold Chain Solutions और Coldman Logistics जैसी कंपनियां इस बदलते बाजार में अहम भूमिका निभा रही हैं। आने वाले वर्षों में 7.14 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित बाजार के साथ इस सेक्टर में निवेश और विस्तार की संभावनाएं काफी मजबूत दिखाई दे रही हैं।


