IDFC First Bank Share Price Target: जून तिमाही के नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म CLSA ने IDFC फर्स्ट बैंक पर अपना नजरिया और अधिक सकारात्मक कर लिया है। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा के लिए कई ब्रोकरेज ने प्राइस टार्गेट घटाए हैं। हालांकि, दोनों बैंकों को लेकर अधिकांश एनालिस्ट्स का रुख अभी भी सकारात्मक बना हुआ है।
Highlights
- CLSA ने IDFC फर्स्ट बैंक की रेटिंग ‘Hold’ से बढ़ाकर ‘Outperform’ की
- IDFC फर्स्ट बैंक का टार्गेट ₹73 से बढ़ाकर ₹95 किया गया
- Nomura ने भी बढ़ाया प्राइस टार्गेट
- बैंक ऑफ बड़ौदा के टार्गेट घटे, लेकिन ‘Buy’ रेटिंग बरकरार
- अधिकांश एनालिस्ट्स दोनों शेयरों पर अभी भी बुलिश
IDFC फर्स्ट बैंक पर CLSA का बड़ा भरोसा
नई दिल्ली। जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म CLSA ने IDFC फर्स्ट बैंक पर अपनी रेटिंग ‘Hold’ से बढ़ाकर ‘Outperform’ कर दी है। इसके साथ ही ब्रोकरेज ने बैंक का प्राइस टार्गेट ₹73 से बढ़ाकर ₹95 प्रति शेयर कर दिया है।
यह नया लक्ष्य मौजूदा स्तरों से करीब 19% तक संभावित बढ़त का संकेत देता है। CLSA का मानना है कि बैंक की परिचालन स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है और आने वाले वर्षों में इसकी कमाई बेहतर रह सकती है।
Nomura ने भी बढ़ाया टार्गेट
केवल CLSA ही नहीं, बल्कि Nomura ने भी जून तिमाही के नतीजों के बाद IDFC फर्स्ट बैंक पर भरोसा जताया है। ब्रोकरेज ने अपना लक्ष्य ₹85 से बढ़ाकर ₹95 प्रति शेयर कर दिया है।
इससे संकेत मिलता है कि प्रमुख वैश्विक ब्रोकरेज हाउस बैंक के भविष्य को लेकर सकारात्मक नजरिया रखते हैं।
आखिर क्यों बढ़ा भरोसा?
CLSA के अनुसार, हरियाणा में हुई घटना के बाद बैंक ने मजबूत वापसी की है। बैंक के प्रमुख परिचालन संकेतक बेहतर हुए हैं।
- डिपॉजिट में सालाना आधार पर 18% की वृद्धि
- CASA Ratio बढ़कर करीब 51% पहुंचा, जो इंडस्ट्री में सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है
- बैंक की फंडिंग प्रोफाइल मजबूत हुई
- वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए EPS (Earnings Per Share) के अनुमान क्रमशः 9% और 17% तक बढ़ाए गए
इन सुधारों के चलते CLSA ने बैंक की रेटिंग और लक्ष्य दोनों में बढ़ोतरी की है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के टार्गेट क्यों घटे?
दूसरी ओर, बैंक ऑफ बड़ौदा के जून तिमाही नतीजों के बाद कई ब्रोकरेज फर्मों ने अपने प्राइस टार्गेट में कटौती की है।
ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक के प्रदर्शन पर वन-टाइम प्रोविजन और कम फीस इनकम का असर पड़ा है। हालांकि, यह अस्थायी दबाव माना जा रहा है और अधिकांश ब्रोकरेज ने अपनी सकारात्मक रेटिंग बरकरार रखी है।
किस ब्रोकरेज ने कितना बदला टार्गेट?
| ब्रोकरेज | रेटिंग | नया टार्गेट |
|---|---|---|
| Citi | Buy | ₹310 (पहले ₹340) |
| Macquarie | Buy | ₹310 |
| JP Morgan | Overweight | ₹315 |
| HSBC | Hold | रेटिंग बरकरार, मीडियम टर्म रिटर्न पर दबाव की आशंका |
ब्लूमबर्ग के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा को कवर करने वाले करीब 75% एनालिस्ट्स अभी भी इस शेयर पर ‘Buy’ की राय रखते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
IDFC फर्स्ट बैंक के मामले में ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक की ग्रोथ, CASA में सुधार और बेहतर कमाई की संभावना इसे आकर्षक बनाती है। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा के लिए अल्पकालिक चुनौतियों के बावजूद अधिकांश विशेषज्ञ लंबी अवधि में सकारात्मक नजरिया बनाए हुए हैं।
हालांकि, निवेशकों को केवल ब्रोकरेज रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेने के बजाय बैंक के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और अपने निवेश लक्ष्य का भी मूल्यांकन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


