FII Holding June Quarter: जून 2026 तिमाही की शेयरहोल्डिंग के आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने कई बड़े लार्जकैप शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, TCS, भारती एयरटेल, ICICI बैंक और SBI जैसे दिग्गज शेयरों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी कम हुई है। इनमें से कई शेयर 2026 में भारी गिरावट के बाद अपने 52 वीक लो के करीब कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और LIC जैसी कुछ चुनिंदा कंपनियां ऐसी रहीं, जहां एफआईआई ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर भरोसा जताया है।
जून तिमाही में बड़े ब्लूचिप शेयरों से FII की दूरी
जून 2026 की शेयरहोल्डिंग रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने कई दिग्गज कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ऊंचे ब्याज दरों का माहौल और उभरते बाजारों से पूंजी निकासी जैसी वजहों से एफआईआई ने भारतीय बाजार में चुनिंदा स्टॉक्स में मुनाफावसूली की है।
दिलचस्प बात यह है कि जिन कंपनियों में विदेशी निवेशकों ने हिस्सेदारी घटाई है, उनमें से कई शेयर इस साल दो अंकों की गिरावट झेल चुके हैं और अब अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रहे हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज में सबसे बड़ी कटौती
रिलायंस इंडस्ट्रीज में एफआईआई होल्डिंग मार्च 2026 के 18.67% से घटकर जून 2026 में 17.19% रह गई।
- मार्च 2026 FII होल्डिंग: 18.67%
- जून 2026 FII होल्डिंग: 17.19%
- 52 वीक हाई: ₹1,612
- 52 वीक लो: ₹1,250
- मौजूदा भाव: करीब ₹1,278
- 2026 में अब तक गिरावट: लगभग 19%
रिलायंस का शेयर फिलहाल अपने 52 वीक लो के बेहद करीब कारोबार कर रहा है।
भारती एयरटेल और HDFC बैंक में भी घटी हिस्सेदारी
Bharti Airtel
एफआईआई होल्डिंग 27.79% से घटकर 26.48% रह गई।
- 52 वीक हाई: ₹2,175
- मौजूदा भाव: करीब ₹1,898
- 2026 में गिरावट: 10.2%
HDFC Bank
एचडीएफसी बैंक में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 44.05% से घटकर 41.82% हो गई।
- मौजूदा भाव: ₹743
- 52 वीक हाई: ₹1,020
- 2026 में गिरावट: करीब 25.3%
बैंकिंग सेक्टर के इस दिग्गज शेयर में एफआईआई की बिकवाली सबसे ज्यादा चर्चा में रही।
ICICI बैंक और SBI में भी कम हुई विदेशी हिस्सेदारी
ICICI Bank
- मार्च FII होल्डिंग: 34.48%
- जून FII होल्डिंग: 33.79%
- मौजूदा भाव: ₹1,433
- 2026 में रिटर्न: करीब 7%
हालांकि हिस्सेदारी घटी है, लेकिन ICICI बैंक का शेयर इस साल सकारात्मक रिटर्न देने में सफल रहा।
State Bank of India (SBI)
- FII होल्डिंग: 11.41% से घटकर 10.81%
- 2026 में रिटर्न: करीब 3.2%
एसबीआई में भी विदेशी निवेशकों ने हिस्सेदारी घटाई, लेकिन शेयर ने सकारात्मक प्रदर्शन बनाए रखा।
TCS में भी FII की बिकवाली
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में एफआईआई होल्डिंग 9.66% से घटकर 9.07% रह गई।
- मौजूदा भाव: ₹2,254
- 52 वीक हाई: ₹3,350
- 2026 में गिरावट: करीब 30%
आईटी सेक्टर में कमजोरी के चलते TCS इस साल सबसे ज्यादा दबाव वाले ब्लूचिप शेयरों में शामिल रहा।
Bajaj Finance और Hindustan Unilever में भी कमी
Bajaj Finance
- FII होल्डिंग: 21.33% से घटकर 20.20%
- 2026 में रिटर्न: करीब 2.4% की बढ़त
Hindustan Unilever (HUL)
- FII होल्डिंग: 10.10% से घटकर 9.50%
- मौजूदा भाव: करीब ₹2,145
- 2026 में गिरावट: करीब 7.6%
इन दो कंपनियों में बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा
जहां अधिकांश बड़े शेयरों में एफआईआई ने हिस्सेदारी घटाई, वहीं दो प्रमुख कंपनियों में विदेशी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।
LIC
- मार्च FII होल्डिंग: 0.31%
- जून FII होल्डिंग: 0.44%
एलआईसी के शेयर में इस साल ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया और विदेशी निवेशकों ने इसमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।
Larsen & Toubro (L&T)
- मार्च FII होल्डिंग: 18.78%
- जून FII होल्डिंग: 19.13%
हालांकि L&T का शेयर 2026 में करीब 7.5% कमजोर रहा, लेकिन एफआईआई की बढ़ती हिस्सेदारी कंपनी में उनके भरोसे को दर्शाती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
एफआईआई की हिस्सेदारी में बदलाव को बाजार निवेशक एक महत्वपूर्ण संकेतक मानते हैं। हालांकि केवल विदेशी निवेशकों की खरीद या बिकवाली के आधार पर निवेश का फैसला लेना सही रणनीति नहीं होती। किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, सेक्टर की स्थिति और लंबी अवधि की संभावनाओं का भी आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे किसी भी शेयर में निवेश, खरीदारी या बिकवाली की सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


