बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग, बेहतरीन डांस और दमदार एक्टिंग के लिए आज भी फैंस के दिलों में खास जगह रखते हैं। 1990 के दशक में गोविंदा का स्टारडम अपने चरम पर था और उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाती थीं। अब उनकी को-स्टार रहीं सीनियर एक्ट्रेस शगुफ्ता अली ने उनके साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए उनकी जमकर तारीफ की है।
शगुफ्ता अली ने कहा कि गोविंदा सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार ही नहीं, बल्कि काम को लेकर बेहद जुनूनी और परफेक्शनिस्ट भी हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि गोविंदा बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहे जाने वाले आमिर खान से भी ज्यादा परफेक्शनिस्ट हैं।
गोविंदा करते थे 25 बार तक रिहर्सल
सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में शगुफ्ता अली ने फिल्म ‘हीरो नंबर 1’ की शूटिंग के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि गोविंदा किसी भी सीन को बेहतर बनाने के लिए कई बार रिहर्सल करते थे और जब तक वह पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते थे, तब तक टेक देते रहते थे।
शगुफ्ता ने कहा कि गोविंदा कई बार एक सीन की 25 बार तक प्रैक्टिस करते थे। उनकी परफेक्शन की चाहत इतनी ज्यादा थी कि वह अपने को-स्टार्स की थकान की भी परवाह नहीं करते थे, क्योंकि उनका पूरा ध्यान सिर्फ शानदार शॉट देने पर होता था।
उन्होंने कहा, “गोविंदा आमिर खान से भी ज्यादा परफेक्शनिस्ट हैं। उनकी नजर हर छोटी चीज पर होती थी। वह तब तक संतुष्ट नहीं होते थे, जब तक उन्हें नहीं लगता था कि सीन बिल्कुल सही हुआ है।”
‘हीरो नंबर 1’ का सेट था पेड पिकनिक जैसा
शगुफ्ता अली ने ‘हीरो नंबर 1’ की शूटिंग को याद करते हुए कहा कि फिल्म का सेट किसी पेड हॉलिडे जैसा लगता था। उन्होंने बताया कि ऊटी में हुई शूटिंग के दौरान सभी कलाकारों ने खूब मस्ती की थी।
उन्होंने कहा, “चाहे गोविंदा और करिश्मा सेट पर हों या नहीं, हम लोग बहुत मजा करते थे। यह एक पेड पिकनिक जैसा था। ऊटी में आउटडोर शूट का अनुभव बहुत अच्छा रहा।”
उन्होंने यह भी बताया कि उस दौरान वे लोग मिथुन चक्रवर्ती के होटल में ठहरे थे। जब मिथुन दा को इसकी जानकारी मिली तो वह उनसे मिलने आए और अपने हाथों से खाना बनाकर सभी को खिलाया।
गोविंदा के देर से आने की आदत से परेशान होते थे कलाकार
हालांकि, शगुफ्ता अली ने गोविंदा की एक आदत का भी जिक्र किया, जिससे सेट पर बाकी कलाकार परेशान हो जाते थे। उन्होंने बताया कि गोविंदा अक्सर शूटिंग पर देर से पहुंचते थे।
उन्होंने कहा, “अगर शिफ्ट सुबह 9 बजे की होती थी, तो गोविंदा दोपहर 1 या 2 बजे आते थे। इससे पहले वह कभी नहीं आते थे। बस यही एक चीज थी जिससे परेशानी होती थी, बाकी वह बहुत अच्छे इंसान हैं।”
शगुफ्ता ने बताया कि गोविंदा के साथ उन्होंने 3-4 फिल्मों में काम किया और हर बार उनका व्यवहार शानदार रहा। उन्होंने कहा कि गोविंदा मजाकिया स्वभाव के हैं और सेट पर माहौल को खुशनुमा बनाए रखते थे।
कादर खान भी हो जाते थे नाराज
शगुफ्ता अली ने यह भी बताया कि गोविंदा के देर से आने की वजह से कई बार मशहूर अभिनेता और कॉमेडियन कादर खान भी नाराज हो जाते थे। शूटिंग सेट पर मौजूद दूसरे कलाकार भी इंतजार करते-करते परेशान हो जाते थे, लेकिन गोविंदा की लोकप्रियता और स्टारडम के कारण सभी को उनका इंतजार करना पड़ता था।
90 के दशक में गोविंदा का था जलवा
1990 के दशक में गोविंदा बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में शामिल थे। उनकी कॉमिक टाइमिंग, डांस स्टाइल और अभिनय क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
उनकी सुपरहिट फिल्मों में ‘राजा बाबू’, ‘कुली नंबर 1’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘दूल्हे राजा’, ‘बड़े मियां छोटे मियां’, ‘हसीना मान जाएगी’ और ‘पार्टनर’ जैसी फिल्में शामिल हैं।
डायरेक्टर डेविड धवन के साथ उनकी जोड़ी काफी पसंद की गई। इसके अलावा करिश्मा कपूर, रवीना टंडन और कादर खान जैसे कलाकारों के साथ उनकी फिल्मों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
‘पार्टनर’ के बाद नहीं मिली पुरानी सफलता
2000 के दशक की शुरुआत में गोविंदा के फिल्मी करियर में गिरावट देखने को मिली। हालांकि साल 2007 में आई फिल्म ‘पार्टनर’ से उन्होंने शानदार वापसी की, लेकिन वह सफलता लंबे समय तक कायम नहीं रह सकी।
गोविंदा आखिरी बार फिल्म ‘रंगीला राजा’ (2019) में नजर आए थे, जिसमें उन्होंने डबल रोल निभाया था। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई। इसके बाद से गोविंदा बड़े पर्दे से दूर हैं, लेकिन उनकी पुरानी फिल्मों और उनके अंदाज को आज भी दर्शक पसंद करते हैं।


