Gold Silver Weekly Update: 20 से 24 जुलाई का कारोबारी सप्ताह सोना और चांदी के निवेशकों के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेज उछाल और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने पूरे सप्ताह बुलियन मार्केट की दिशा तय की। सप्ताह के दौरान दोनों कीमती धातुओं ने अच्छी बढ़त दर्ज की, लेकिन आखिरी कारोबारी दिन मुनाफावसूली के कारण ऊपरी स्तरों से फिसल गए। अब बाजार की नजर अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की बैठक पर टिकी है, जो आगे की चाल तय कर सकती है।
Highlights
- पूरे सप्ताह सोना और चांदी दोनों में साप्ताहिक तेजी दर्ज हुई।
- क्रूड ऑयल की कीमतों में 10% से ज्यादा उछाल से महंगाई की चिंता बढ़ी।
- अमेरिकी मजबूत आर्थिक आंकड़ों के बाद सप्ताह के अंत में मुनाफावसूली देखने को मिली।
- एक्सपर्ट ने फिलहाल “Sell on Rise” रणनीति अपनाने की सलाह दी।
- अगले सप्ताह US Fed की बैठक बाजार की दिशा तय करेगी।
पूरे सप्ताह कैसी रही सोने और चांदी की चाल?
भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना और चांदी दोनों ने मजबूत प्रदर्शन किया।
सोना (Gold Weekly Performance)
- साप्ताहिक हाई: ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम
- साप्ताहिक लो: ₹1,41,081 प्रति 10 ग्राम
- सप्ताह का क्लोजिंग स्तर: ₹1,43,106 प्रति 10 ग्राम
- साप्ताहिक बढ़त: 1.56%
वहीं MCX पर 5 अगस्त डिलीवरी वाला सोना शुक्रवार को ₹245 की बढ़त के साथ ₹1,42,821 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
दिल्ली सर्राफा बाजार में हालांकि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन सोने की कीमतों में ₹2,000 की गिरावट दर्ज की गई और कीमत करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम रही।
IBJA के अनुसार 24 कैरेट (999) सोने का भाव ₹1,42,757 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि बुलियन बाजार में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,43,750 प्रति 10 ग्राम रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX पर सोना 0.14% बढ़कर 4,053 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
चांदी ने भी दिखाई दमदार तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी में भी पूरे सप्ताह शानदार तेजी देखने को मिली।
- साप्ताहिक हाई: ₹2,28,984 प्रति किलोग्राम
- साप्ताहिक लो: ₹2,17,325 प्रति किलोग्राम
- सप्ताह का क्लोजिंग स्तर: ₹2,22,138 प्रति किलोग्राम
- साप्ताहिक बढ़त: 2.65%
शुक्रवार शाम तक MCX पर चांदी की कीमत ₹6,974 बढ़कर ₹2,22,721 प्रति किलोग्राम पहुंच गई, जबकि पहले यह ₹2,15,474 प्रति किलोग्राम थी।
क्रूड ऑयल की तेजी ने क्यों बढ़ाई चिंता?
इस सप्ताह WTI क्रूड ऑयल की कीमतों में 10.55% की बड़ी छलांग देखने को मिली और यह 91.65 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
इस तेजी की मुख्य वजह रही—
- होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव
- लाल सागर में बढ़ते हमले
- तेल सप्लाई पर बढ़ता खतरा
कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का कहना है कि यदि कच्चा तेल लगातार महंगा रहता है तो वैश्विक महंगाई बढ़ सकती है। ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची रख सकते हैं, जिसका दबाव आगे चलकर सोना और चांदी दोनों पर पड़ सकता है।
क्या युद्ध जैसे हालात में Safe Haven खरीदारी हुई?
आमतौर पर युद्ध या वैश्विक संकट के समय निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मानते हैं।
लेकिन अनुज गुप्ता के अनुसार इस बार सामान्य निवेशकों की ओर से वैसी मजबूत खरीदारी देखने को नहीं मिली जैसी पहले देखने को मिलती थी।
हालांकि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीदारी जारी रहने से कीमतों को निचले स्तरों पर अच्छा सपोर्ट मिलता रहा।
सप्ताह के आखिरी दिन क्यों आई गिरावट?
शुक्रवार को ऊंचे स्तरों से मुनाफावसूली देखने को मिली।
इसके पीछे मुख्य वजहें रहीं—
- अमेरिका से उम्मीद से बेहतर बेरोजगारी आंकड़े
- डॉलर इंडेक्स में मजबूती
- निवेशकों द्वारा ऊंचे स्तर पर मुनाफा बुक करना
इन कारणों से सोना और चांदी दोनों ऊपरी स्तरों से कुछ कमजोर पड़े।
अगले सप्ताह किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
अगले सप्ताह सबसे बड़ा इवेंट अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक होगी।
यदि फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाता है या भविष्य में दरें बढ़ाने के संकेत देता है, तो सोना और चांदी में दबाव बढ़ सकता है।
वहीं यदि फेड नरम रुख अपनाता है तो दोनों कीमती धातुओं में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
Gold Support & Resistance
| स्तर | कीमत |
|---|---|
| मजबूत सपोर्ट | ₹1,41,000 |
| दूसरा सपोर्ट | ₹1,38,000 |
| पहला रेजिस्टेंस | ₹1,45,000 |
| दूसरा रेजिस्टेंस | ₹1,47,000 |
Silver Support & Resistance
| स्तर | कीमत |
|---|---|
| मजबूत सपोर्ट | ₹2,16,000 |
| दूसरा सपोर्ट | ₹2,10,000 |
| पहला रेजिस्टेंस | ₹2,26,000 |
| दूसरा रेजिस्टेंस | ₹2,32,000 |
एक्सपर्ट की सलाह
कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का कहना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता काफी अधिक है। इसलिए निवेशकों और ट्रेडर्स को बिना रणनीति के बड़ी खरीदारी से बचना चाहिए।
उनके अनुसार फिलहाल “Sell on Rise” यानी कीमतों में उछाल आने पर मुनाफावसूली की रणनीति ज्यादा सुरक्षित मानी जा सकती है। सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बीच ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए जोखिम अपेक्षाकृत कम रह सकता है।
निष्कर्ष
20-24 जुलाई का सप्ताह सोना और चांदी दोनों के लिए मजबूत रहा, लेकिन सप्ताह के अंत में आई मुनाफावसूली ने यह संकेत दिया कि बाजार अभी भी बेहद संवेदनशील बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेड की आगामी बैठक अगले सप्ताह बुलियन मार्केट की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण कारक होंगे। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने के बजाय वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।


