8th Pay Commission Latest News: आठवें वेतन आयोग और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की मांग के बीच केंद्र सरकार ने संसद में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सरकार ने कहा है कि फिलहाल UPS का दायरा अन्य पेंशन योजनाओं या दूसरे क्षेत्रों तक बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस बयान के बाद ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन ने नाराजगी जताते हुए सरकार से जल्द व्यवस्था लागू करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कई कर्मचारी UPS चुनने के बावजूद अब तक न UPS का लाभ पा रहे हैं और न ही NPS का।
8th Pay Commission और OPS बहस के बीच सरकार का बड़ा बयान
भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि #NPS से रिटायर्ड 25756 कर्मचारियों में से 9823 कर्मचारियों को #UPS से पेंशन (पे आउट) शुरू कर दिया गया है और फिलहाल अन्य किसी पेंशन स्कीम या अन्य किसी सेक्टर जैसे #CABs आदि में अब #UPS को एक्सटेंड करने का कोई इरादा भी नहीं है। माननीय मंत्री… pic.twitter.com/DhScUY7buP
— Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) July 22, 2026 देशभर में आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच केंद्र सरकार ने संसद में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि UPS का विस्तार अन्य पेंशन योजनाओं या किसी अन्य सेक्टर तक करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।
सरकार के इस जवाब को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब विभिन्न कर्मचारी संगठन OPS बहाली और UPS के व्यापक विस्तार की मांग लगातार उठा रहे हैं।
UPS के तहत कितने कर्मचारियों को मिला लाभ?
सरकार द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार:
- 25,756 सेवानिवृत्त केंद्रीय सरकारी कर्मचारी UPS के तहत अतिरिक्त लाभ पाने के पात्र हैं।
- 9 जुलाई 2026 तक 12,258 दावे प्राप्त हुए।
- इनमें से 9,823 दावों का निपटारा किया जा चुका है।
- पात्र कर्मचारियों को UPS के तहत अतिरिक्त पेंशन लाभ का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि पात्र कर्मचारियों के दावों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है ताकि उन्हें समय पर लाभ मिल सके।
क्या UPS का दायरा दूसरे कर्मचारियों तक बढ़ेगा?
संसद में सरकार से यह भी पूछा गया कि क्या भविष्य में UPS जैसे लाभ अन्य पेंशन योजनाओं या विभिन्न सरकारी क्षेत्रों के कर्मचारियों को भी दिए जाएंगे।
इस पर सरकार ने साफ कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
सरकार ने दोहराया कि:
- यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) केवल नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक विकल्प है।
- वर्तमान में इसे अन्य राज्यों, स्वायत्त संस्थाओं या अन्य सेक्टरों तक विस्तार देने की कोई योजना नहीं है।
इस बयान से यह संकेत मिलता है कि फिलहाल सरकार UPS के दायरे को सीमित ही रखना चाहती है।
कर्मचारी संगठन ने जताई नाराजगी
सरकार के जवाब के बाद ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन ने नाराजगी व्यक्त की है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि NPS से रिटायर हुए 25,756 पात्र कर्मचारियों में से 9,823 को UPS के तहत भुगतान शुरू हो चुका है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर UPS की व्यवस्था अभी भी पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है।
उनका कहना है कि कई कर्मचारी UPS का विकल्प चुन चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक न तो UPS की पेंशन मिल रही है और न ही NPS से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
दिल्ली समेत केंद्र शासित प्रदेशों का मुद्दा उठाया
डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर को टैग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों में UPS को मंजूरी मिलने के बावजूद कई जगह इसकी ऑनलाइन व्यवस्था शुरू नहीं हुई है।
उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि:
- सैकड़ों कर्मचारी UPS का विकल्प चुनकर सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
- उन्हें अब तक UPS की पेंशन शुरू नहीं हुई है।
- कई कर्मचारियों को NPS का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
- एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
- CABs जैसी संस्थाओं में भी UPS पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि UPS का विकल्प चुन चुके सभी पात्र कर्मचारियों के लिए जल्द ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि उन्हें समय पर पेंशन मिल सके।
8वें वेतन आयोग और OPS पर क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह बयान फिलहाल यह संकेत देता है कि:
- UPS केवल NPS के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय कर्मचारियों तक सीमित रहेगी।
- अन्य कर्मचारियों या पेंशन योजनाओं में इसे लागू करने की तत्काल संभावना नहीं दिख रही।
- OPS बहाली की मांग करने वाले कर्मचारी संगठनों का दबाव आगे भी बना रह सकता है।
- आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के साथ पेंशन सुधारों पर बहस आने वाले समय में और तेज हो सकती है।
निष्कर्ष
आठवें वेतन आयोग और ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का दायरा बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। हालांकि सरकार ने पात्र कर्मचारियों के दावों के निपटारे में प्रगति का दावा किया है, लेकिन कर्मचारी संगठन अभी भी कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में UPS लागू करने में देरी को लेकर नाराज हैं। आने वाले महीनों में 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया और पेंशन सुधारों पर सरकार का रुख लाखों कर्मचारियों के लिए अहम रहेगा।


