Foreign Investors Return FY27: लंबे समय तक भारतीय शेयर बाजार से दूरी बनाए रखने वाले विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अब फिर से भारतीय बाजार की ओर रुख कर सकते हैं। AlfAccurate Advisors के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) राजेश कोठारी का मानना है कि FY27 की दूसरी छमाही में विदेशी निवेशकों की चरणबद्ध वापसी देखने को मिल सकती है। उनका कहना है कि हालिया बाजार गिरावट के बाद भारतीय शेयरों की वैल्यूएशन पहले की तुलना में अधिक आकर्षक हो गई है। ऐसे में चुनिंदा सेक्टर निवेशकों के लिए बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं।
जुलाई में बदला विदेशी निवेशकों का रुख
काफी समय बाद विदेशी निवेशकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। जुलाई महीने में एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली की तुलना में अधिक खरीदारी की है। यही वजह रही कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक ब्याज दरों में स्थिरता बनी रहती है और आर्थिक अनिश्चितता कम होती है, तो विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार पर और मजबूत हो सकता है।
वैल्यूएशन अब पहले से ज्यादा आकर्षक
राजेश कोठारी के अनुसार हाल के करेक्शन के बाद भारतीय बाजार की वैल्यूएशन अब अधिक संतुलित नजर आ रही है। पहले कई सेक्टर महंगे मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे थे, लेकिन गिरावट के बाद निवेशकों के लिए अच्छे अवसर बन रहे हैं।
उनका कहना है कि मजबूत आर्थिक विकास, कॉरपोरेट अर्निंग्स में सुधार और भारत की दीर्घकालिक ग्रोथ स्टोरी विदेशी निवेशकों को आकर्षित करेगी।
रियल एस्टेट में सीधे नहीं, इन कंपनियों पर रखें नजर
हालांकि कोठारी ने रियल एस्टेट सेक्टर में मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका मानना है कि प्रॉपर्टी डेवलपर्स की तुलना में हाउसिंग इकोसिस्टम से जुड़ी कंपनियां बेहतर अवसर दे सकती हैं।
इन क्षेत्रों में निवेश की संभावना अधिक दिखाई देती है—
- बिल्डिंग मैटेरियल कंपनियां
- सीमेंट और निर्माण सामग्री
- रियल एस्टेट एंसिलियरी कंपनियां
- हाउसिंग सपोर्ट सर्विसेज
इन कंपनियों में रिस्क-रिवॉर्ड अनुपात फिलहाल अधिक आकर्षक माना जा रहा है।
आईटी सेक्टर में चुनिंदा शेयरों पर करें फोकस
आईटी सेक्टर को लेकर भी कोठारी ने सकारात्मक लेकिन संतुलित राय दी। उनका कहना है कि वैश्विक मांग में कमजोरी का दौर धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है और आने वाले समय में डिस्क्रेशनरी टेक्नोलॉजी खर्च बढ़ सकता है।
हालांकि पूरी आईटी इंडस्ट्री में एक जैसी तेजी की उम्मीद नहीं है।
उनके अनुसार बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियां वे होंगी जो—
- AI आधारित समाधान प्रदान करती हैं।
- डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाओं में मजबूत हैं।
- क्लाउड और ऑटोमेशन पर फोकस कर रही हैं।
- हाई वैल्यू टेक्नोलॉजी सर्विसेज ऑफर करती हैं।
AI थीम अभी शुरुआती दौर में
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बाजार में उत्साह अभी खत्म नहीं हुआ है। कोठारी का कहना है कि AI निवेश चक्र अभी शुरुआती चरण में है।
हालांकि कुछ वैश्विक AI कंपनियों के शेयर काफी महंगे हो चुके हैं, इसलिए उनमें समय-समय पर करेक्शन देखने को मिल सकता है। लेकिन लंबी अवधि में AI सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी मजबूत बनी रहने की संभावना है।
घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टर देंगे बेहतर रिटर्न
राजेश कोठारी का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि का सबसे बड़ा फायदा घरेलू मांग आधारित कंपनियों को मिलेगा। बढ़ती आय, मजबूत खपत और सरकार की विकासोन्मुख नीतियां कई सेक्टरों को मजबूती देंगी।
उन्होंने खास तौर पर इन सेक्टरों में बेहतर अवसर बताए—
- ऑटो एंसिलियरी
- कैपिटल गुड्स
- कंजम्प्शन
- बैंकिंग
- फाइनेंशियल सर्विसेज
उनका कहना है कि निवेशकों को ऐसी कंपनियां चुननी चाहिए जिनकी आय (Earnings) मजबूत हो और भविष्य की ग्रोथ स्पष्ट दिखाई देती हो।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा समय में जल्दबाजी की बजाय गुणवत्ता वाले शेयरों में चरणबद्ध निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। यदि विदेशी निवेशकों की वापसी तेज होती है, तो बैंकिंग, कैपिटल गुड्स, कंजम्प्शन, ऑटो एंसिलियरी और AI आधारित आईटी कंपनियां बाजार की अगली तेजी का नेतृत्व कर सकती हैं।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश के अवसर बन रहे हैं। हालांकि किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना और जोखिम क्षमता का आकलन करना जरूरी है।


