IDBI Bank Q1 Results: हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया के बीच IDBI Bank ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर ₹2,115 करोड़ से अधिक हो गया है। वहीं, शुद्ध ब्याज आय (NII) में 10 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा बैंक की एसेट क्वालिटी भी बेहतर हुई है और ग्रॉस व नेट NPA दोनों में गिरावट आई है। अब निवेशकों की नजर सोमवार, 20 जुलाई को शेयर बाजार में बैंक के शेयर की चाल पर रहेगी।
जून तिमाही में ₹2,115 करोड़ का शुद्ध मुनाफा
शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में IDBI Bank का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 5.37 प्रतिशत बढ़कर ₹2,115.18 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने ₹2,007.36 करोड़ का मुनाफा कमाया था।
बैंक की कुल आय (Total Income) भी हल्की बढ़त के साथ ₹8,573 करोड़ रही, जबकि जून 2025 तिमाही में यह ₹8,458 करोड़ थी।
NII में 10% की मजबूत बढ़ोतरी
बैंक के मुख्य कारोबार से होने वाली शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income – NII) में अच्छी वृद्धि देखने को मिली।
- जून 2026 तिमाही NII: ₹3,486 करोड़
- जून 2025 तिमाही NII: ₹3,166 करोड़
- सालाना बढ़ोतरी: करीब 10%
हालांकि, बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट कुछ कमजोर रहा। यह घटकर ₹2,167.81 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह ₹2,354 करोड़ था।
एसेट क्वालिटी में सुधार, NPA घटा
IDBI Bank की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार जारी है।
- ग्रॉस NPA: 2.93% से घटकर 2.30%
- नेट NPA: 0.21% से घटकर 0.16%
हालांकि, रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) में मामूली गिरावट आई है।
- जून 2026: 1.89%
- जून 2025: 2.01%
कम होते NPA यह संकेत देते हैं कि बैंक की लोन रिकवरी और जोखिम प्रबंधन पहले की तुलना में मजबूत हुआ है।
बिजनेस और लोन ग्रोथ रही मजबूत
तिमाही के दौरान बैंक का कुल बिजनेस भी दोहरे अंक की दर से बढ़ा।
- कुल बिजनेस: ₹5,84,725 करोड़ (15% वृद्धि)
- कुल डिपॉजिट: ₹3,25,757 करोड़ (10% वृद्धि)
- नेट एडवांसेज: ₹2,58,968 करोड़ (22% वृद्धि)
लोन बुक में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी बैंक के क्रेडिट विस्तार की मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
सोमवार को शेयर पर रहेगी निवेशकों की नजर
IDBI Bank का शेयर फिलहाल BSE पर ₹87.02 के स्तर पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप ₹93,500 करोड़ से अधिक है और यह BSE 200 Index का हिस्सा है।
पिछले तीन महीनों में शेयर करीब 16 प्रतिशत की तेजी दिखा चुका है। ऐसे में तिमाही नतीजों के बाद सोमवार, 20 जुलाई को निवेशकों की नजर शेयर की शुरुआती चाल पर रहेगी।
हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया फिर तेज
IDBI Bank की रणनीतिक बिक्री को लेकर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
हाल ही में सरकार को बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए Fairfax Financial Holdings और Emirates NBD की संशोधित वित्तीय बोलियां मिली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्तीय बोलियां खुलने के बाद सफल बोलीदाता का अंतिम चयन किया जा सकता है।
सरकार और LIC मिलकर बैंक में अपनी कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रहे हैं।
- भारत सरकार: 30.48% हिस्सेदारी बेचने की योजना
- LIC: 30.24% हिस्सेदारी बेचने की योजना
मार्च में क्यों टल गई थी बिक्री?
गौरतलब है कि मार्च 2026 में IDBI Bank की हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया रोक दी गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, संभावित खरीदारों की वित्तीय बोलियां सरकार द्वारा तय रिजर्व प्राइस से कम थीं, जिसके चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
फिलहाल बैंक में:
- LIC की हिस्सेदारी: 49.24%
- भारत सरकार की हिस्सेदारी: 45.48%
- पब्लिक शेयरहोल्डिंग: 5.29%
सरकार लंबे समय से बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाने की योजना पर काम कर रही है और अब नई बोलियों के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
तिमाही नतीजों में IDBI Bank ने मुनाफा, NII, डिपॉजिट और एडवांसेज में अच्छी वृद्धि दर्ज की है। सबसे सकारात्मक बात यह रही कि बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार जारी है और NPA लगातार कम हो रहा है। हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट और RoA में हल्की गिरावट देखने को मिली है। अब निवेशकों की निगाह शेयर बाजार की प्रतिक्रिया और हिस्सेदारी बिक्री प्रक्रिया में आगे होने वाले घटनाक्रम पर रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


