Anil Agarwal Foundation News: वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बिहार सरकार के साथ एक बड़ा समझौता (MoU) किया है। इस समझौते के तहत राज्यभर में आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र ‘नंद घर’ स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, वहीं महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।
बिहार सरकार और अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के बीच हुआ समझौता
बिहार से मेरा रिश्ता सिर्फ जन्म का नहीं, वहाँ से मिले मूल्यों और संस्कारों का भी है। वहीं मैंने सपने देखना सीखा, मेहनत का महत्व समझा और यह भरोसा पाया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती। आज मैं जो कुछ भी हूँ, उसमें बिहार की मिट्टी का बहुत बड़ा योगदान है। इसलिए… https://t.co/OKTA3ZqTUe pic.twitter.com/bMZKg9OXLR
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) July 17, 2026 वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने सामाजिक संगठन अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के माध्यम से बिहार सरकार के साथ इस महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की। इस समझौते के जरिए पूरे बिहार में चरणबद्ध तरीके से ‘नंद घर’ विकसित किए जाएंगे, जो पारंपरिक आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करेंगे।
इस पहल का मकसद बच्चों के शुरुआती विकास, शिक्षा और पोषण को मजबूत बनाना है, ताकि उनकी नींव बचपन से ही बेहतर तरीके से तैयार हो सके।
एक्स पर भावुक पोस्ट में कही दिल की बात
इस समझौते की जानकारी देते हुए अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि उनका बिहार से रिश्ता केवल जन्म का नहीं, बल्कि उन मूल्यों और संस्कारों का भी है, जिन्होंने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने उन्हें सपने देखना, मेहनत करना और संघर्ष करना सिखाया। आज जो कुछ भी उन्होंने हासिल किया है, उसमें बिहार की मिट्टी का बड़ा योगदान है। इसलिए राज्य के विकास में योगदान देना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
क्या है ‘नंद घर’ योजना?
नंद घर एक आधुनिक आंगनवाड़ी मॉडल है, जिसे बच्चों और महिलाओं के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
इस योजना के तहत बच्चों को मिलेगा—
- शुरुआती शिक्षा की बेहतर व्यवस्था
- पौष्टिक भोजन और पोषण सेवाएं
- स्वास्थ्य जांच और देखभाल
- सुरक्षित एवं आधुनिक सीखने का वातावरण
वहीं महिलाओं के लिए—
- कौशल विकास (Skill Development) प्रशिक्षण
- स्वरोजगार और आजीविका के अवसर
- आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सहयोग
बच्चों के भविष्य पर रहेगा खास फोकस
अनिल अग्रवाल का मानना है कि किसी भी बच्चे के जीवन के पहले छह वर्ष उसके भविष्य की सबसे मजबूत नींव तैयार करते हैं। यदि इस अवधि में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो आने वाली पीढ़ी अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बन सकती है।
इसी सोच के साथ ‘नंद घर’ मॉडल को बिहार में लागू किया जा रहा है, जिससे लाखों बच्चों और परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
उद्योग विकास भी अगला बड़ा लक्ष्य
अनिल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि नंद घर पहल केवल शुरुआत है। उनका अगला बड़ा उद्देश्य बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। उनका मानना है कि यदि राज्य में निवेश और उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य मिल सकेगा।
उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में बिहार में विकास और निवेश से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं तलाश की जाएंगी।
मुख्यमंत्री और अधिकारियों का जताया आभार
इस साझेदारी की शुरुआत पर अनिल अग्रवाल ने बिहार सरकार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा सभी संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार के सहयोग से यह अभियान राज्य के हर जिले और गांव तक पहुंच सकता है।
उन्होंने लोगों से भी इस पहल को जन-आंदोलन बनाने की अपील की, ताकि बच्चों और महिलाओं के विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
बिहार के सामाजिक विकास में अहम कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो इससे बिहार में प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ महिलाओं को रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।


