DDA Flat Sale News: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में फ्लैट बिक्री से रिकॉर्ड कमाई दर्ज की है। अथॉरिटी का राजस्व सालाना आधार पर 120% बढ़कर ₹1,020 करोड़ पहुंच गया है। नरेला सब-सिटी में जबरदस्त बिक्री के बाद अब डीडीए निजी बिल्डरों को बड़ी संख्या में फ्लैट आवंटित करने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे इन फ्लैट्स की बिक्री और तेज हो सके।
Highlights
- पहली तिमाही में डीडीए की कमाई 120% बढ़कर ₹1,020 करोड़ पहुंची।
- अप्रैल-जून के दौरान कुल 1,284 फ्लैट्स की बिक्री हुई।
- नरेला सब-सिटी में अकेले 1,153 फ्लैट बिके।
- कुल राजस्व में नरेला की हिस्सेदारी करीब 90% रही।
- प्राइवेट बिल्डरों को फ्लैट अलॉट करने की नई योजना जल्द लागू हो सकती है।
- डीडीए की कई हाउसिंग स्कीमों की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक बढ़ाई गई।
पहली तिमाही में रिकॉर्ड कमाई
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (1 अप्रैल से 30 जून) में शानदार प्रदर्शन किया है। फ्लैट बिक्री से अथॉरिटी ने ₹1,020 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा ₹462 करोड़ था। यानी महज एक साल में डीडीए की आय में करीब 120 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बिक्री के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान कुल 1,284 फ्लैट्स बेचे गए, जबकि पिछले वर्ष पहली तिमाही में 1,175 फ्लैट्स की बिक्री हुई थी।
नरेला सब-सिटी बनी सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन
डीडीए की इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान नरेला सब-सिटी का रहा। यहां अकेले 1,153 फ्लैट्स की बिक्री हुई, जिससे कुल राजस्व का लगभग 90 फीसदी हिस्सा आया।
अधिकारियों के अनुसार पहले जहां नरेला में एलआईजी फ्लैट्स की अधिक मांग थी, वहीं अब मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) फ्लैट्स की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। यह संकेत देता है कि इलाके में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ मध्यम वर्ग का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
किस कैटेगरी के कितने फ्लैट बिके?
अप्रैल-जून तिमाही के दौरान विभिन्न श्रेणियों में फ्लैट बिक्री इस प्रकार रही—
| फ्लैट कैटेगरी | बिक्री |
|---|---|
| EWS | 336 |
| LIG | 322 |
| MIG | 435 |
| HIG | 191 |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि MIG कैटेगरी की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही, जो कुल बिक्री का लगभग 34 प्रतिशत है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि नरेला में EWS श्रेणी के लगभग सभी फ्लैट बिक चुके हैं, जिससे किफायती आवास की मजबूत मांग का पता चलता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का मिला फायदा
डीडीए का मानना है कि नरेला क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर ने खरीदारों का भरोसा बढ़ाया है।
मुख्य परियोजनाएं—
- अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II)
- प्रस्तावित रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर
- बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी
- सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार
इन परियोजनाओं के पूरा होने से नरेला को दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख आवासीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी आई है।
इन हाउसिंग स्कीमों में अभी भी मिल रहे हैं फ्लैट
डीडीए फिलहाल कई आवास योजनाओं के तहत फ्लैट उपलब्ध करा रहा है।
इनमें प्रमुख हैं—
- DDA कर्मयोगी आवास योजना
- DDA नागरिक आवास योजना
- कड़कड़डूमा स्थित DDA टावरिंग हाइट्स योजना
सभी फ्लैट “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर उपलब्ध हैं।
सरकारी कर्मचारियों के लिए DDA कर्मयोगी आवास योजना में फ्लैट खरीदने पर 25 प्रतिशत तक की छूट भी दी जा रही है।
इन सभी योजनाओं के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है।
पिछले वित्त वर्ष में भी बना था रिकॉर्ड
वित्त वर्ष 2025-26 में भी डीडीए ने शानदार प्रदर्शन किया था। पूरे साल में 11,764 फ्लैट्स की बिक्री हुई थी, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक फ्लैट नरेला स्थित किफायती आवास परियोजनाओं के थे।
इससे साफ है कि नरेला अब डीडीए के लिए सबसे महत्वपूर्ण हाउसिंग मार्केट बन चुका है।
अब प्राइवेट बिल्डरों को मिलेंगे फ्लैट
डीडीए अब अपनी बिक्री रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अथॉरिटी निजी बिल्डरों को बड़ी संख्या में फ्लैट आवंटित करने की योजना बना रही है।
योजना के तहत निजी डेवलपर्स इन फ्लैट्स की आवश्यक मरम्मत और फिनिशिंग के बाद उन्हें बाजार में बेच सकेंगे। इससे लंबे समय से खाली पड़े फ्लैट्स की बिक्री तेज होने के साथ खरीदारों को बेहतर गुणवत्ता वाले तैयार मकान मिलने की संभावना है।
अधिकारियों के मुताबिक इस नई व्यवस्था को जल्द लागू किया जा सकता है।
खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?
यदि यह योजना लागू होती है तो—
- नरेला में तैयार फ्लैट्स की उपलब्धता बढ़ेगी।
- खरीदारों को बेहतर फिनिशिंग वाले मकान मिल सकते हैं।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी से बिक्री प्रक्रिया तेज होगी।
- भविष्य में क्षेत्र की प्रॉपर्टी वैल्यू में भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
डीडीए की पहली तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के किफायती और मध्यम आय वर्ग के आवास बाजार में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। नरेला सब-सिटी इस ग्रोथ का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, आकर्षक हाउसिंग स्कीमों और अब निजी बिल्डरों को फ्लैट आवंटित करने की योजना से आने वाले महीनों में डीडीए की बिक्री और राजस्व में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।


