Reliance Industries शुक्रवार को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी करेगी। जानिए मुनाफा, EBITDA, जियो, O2C, रिटेल बिजनेस और निवेशकों की नजर किन अहम संकेतों पर रहेगी।
Reliance Industries Q1 Preview
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 (Q1 FY27) की पहली तिमाही के नतीजे जारी करेगी। बाजार को उम्मीद है कि इस बार कंपनी के नतीजे मजबूत रहेंगे। इसकी सबसे बड़ी वजह रिफाइनिंग कारोबार में बेहतर मार्जिन, पेट्रोकेमिकल बिजनेस में सुधार और रिलायंस जियो की लगातार मजबूत ग्रोथ मानी जा रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी का विविध (Diversified) बिजनेस मॉडल ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद उसे मजबूती देता है। जून तिमाही के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन बेहतर ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) से कंपनी को फायदा मिलने की उम्मीद है।
Q1 में कितनी रह सकती है कमाई?
ब्रोकरेज हाउस और मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुमानों के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन इस तिमाही में मजबूत रह सकता है।
| अनुमान | संभावित आंकड़ा |
|---|---|
| कुल रेवेन्यू | करीब ₹3.11 लाख करोड़ |
| EBITDA | लगभग ₹46,165 करोड़ |
| शुद्ध मुनाफा | करीब ₹18,512 करोड़ |
यदि अनुमान सही साबित होते हैं तो यह रिलायंस के लिए एक और मजबूत तिमाही होगी।
O2C बिजनेस से मिल सकती है बड़ी ताकत
रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस में इस बार अच्छी रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है।
Jefferies का अनुमान है कि O2C EBITDA में सालाना आधार पर करीब 20% की बढ़ोतरी हो सकती है। इसकी प्रमुख वजह बेहतर पेट्रोकेमिकल स्प्रेड और मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) है।
JP Morgan का भी मानना है कि रिफाइनिंग क्रैक और पेट्रोकेमिकल मार्जिन काफी मजबूत रहे। हालांकि मेंटेनेंस शटडाउन और ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने से कुछ असर पड़ सकता है।
वहीं Kotak Institutional Equities का अनुमान है कि SEZ रिफाइनरी, अमेरिका स्थित इथेन आधारित पेट्रोकेमिकल बिजनेस और रुपये की कमजोरी से EBITDA में करीब 12% की वृद्धि हो सकती है।
हालांकि Nuvama का नजरिया थोड़ा सतर्क है। ब्रोकरेज का मानना है कि फ्यूल रिटेलिंग में नुकसान, LPG उत्पादन बढ़ने और KG-D6 गैस डायवर्जन जैसे कारण बेहतर GRM का पूरा फायदा नहीं मिलने देंगे।
रिलायंस जियो बनी रहेगी सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन
जियो इस तिमाही में भी रिलायंस की कमाई का सबसे मजबूत स्तंभ बनी रह सकती है।
विश्लेषकों के मुताबिक नए ग्राहकों के जुड़ने और Average Revenue Per User (ARPU) बढ़ने से टेलीकॉम बिजनेस शानदार प्रदर्शन कर सकता है।
विभिन्न ब्रोकरेज का अनुमान
- Avendus: वायरलेस ग्राहक संख्या 50 करोड़ के पार जा सकती है, जबकि ARPU लगभग ₹205 प्रति माह रहने का अनुमान।
- Nomura: करीब 80 लाख नए ग्राहक जुड़ सकते हैं और ARPU बढ़कर ₹217 प्रति माह पहुंच सकता है।
- Emkay: लगभग 95 लाख नए सब्सक्राइबर जुड़ने और ARPU ₹216.5 रहने का अनुमान।
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि टेलीकॉम बिजनेस इस तिमाही में रिलायंस की कमाई में सबसे बड़ा योगदान देगा।
रिटेल बिजनेस में ग्रोथ, लेकिन मार्जिन पर दबाव
रिलायंस रिटेल का कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है और इस तिमाही में भी डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है।
Nomura के अनुसार रिटेल रेवेन्यू में लगभग 12% की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन EBITDA केवल करीब 3% बढ़ने का अनुमान है क्योंकि क्विक कॉमर्स और विस्तार पर निवेश जारी है।
Citi का भी मानना है कि क्विक कॉमर्स में भारी निवेश के कारण मार्जिन दबाव में रह सकता है।
दूसरी ओर Jefferies थोड़ा अधिक सकारात्मक है। उसका अनुमान है कि रिटेल कारोबार में 11% रेवेन्यू ग्रोथ और करीब 8% EBITDA ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
अपस्ट्रीम कारोबार रह सकता है कमजोर
रिलायंस के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन (E&P) बिजनेस में इस तिमाही भी दबाव बने रहने की संभावना है।
Elara Capital का अनुमान है कि अपस्ट्रीम EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 21% की गिरावट आ सकती है। वहीं Nomura भी कमजोर गैस उत्पादन और कम आय के कारण इस सेगमेंट में नरम प्रदर्शन की उम्मीद जता रहा है।
निवेशकों की नजर किन अहम संकेतों पर रहेगी?
रिलायंस के नतीजों के साथ सिर्फ आंकड़ों पर ही नहीं बल्कि मैनेजमेंट की भविष्य की रणनीति पर भी बाजार की नजर रहेगी।
निवेशक खासतौर पर इन बिंदुओं पर फोकस करेंगे—
- रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) पर मैनेजमेंट की टिप्पणी
- पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में रिकवरी की रफ्तार
- रिलायंस जियो के नए सब्सक्राइबर और ARPU
- रिलायंस रिटेल के EBITDA और मार्जिन
- कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) की योजना
- ग्रीन एनर्जी और न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर अपडेट
- दूसरी छमाही के लिए बिजनेस आउटलुक
क्या कहते हैं बाजार के जानकार?
जून तिमाही में पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का विविध कारोबार कंपनी को ऐसे वैश्विक जोखिमों से काफी हद तक सुरक्षित रखता है।
यदि O2C और जियो का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहता है तो कंपनी मजबूत नतीजे पेश कर सकती है। हालांकि रिटेल मार्जिन और अपस्ट्रीम बिजनेस का प्रदर्शन निवेशकों के लिए अहम संकेत देगा।
डिस्क्लेमर
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