Adani Group Shares: जून 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अदाणी ग्रुप में शुरुआती दौर के बड़े विदेशी निवेशकों में शामिल GQG पार्टनर्स ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान समूह की कई कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटा दी। अनुमान के मुताबिक GQG ने इस अवधि में करीब 1 अरब डॉलर (लगभग ₹12,077 करोड़) मूल्य के शेयर बेचे। हालांकि दिलचस्प बात यह रही कि इसी दौरान कई विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने अदाणी समूह की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।
Highlights
- GQG पार्टनर्स ने अदाणी ग्रुप में 1 अरब डॉलर से अधिक की हिस्सेदारी घटाई।
- सबसे बड़ी बिकवाली अदाणी एंटरप्राइजेज में देखने को मिली।
- कई FIIs और म्यूचुअल फंड्स ने अदाणी कंपनियों में निवेश बढ़ाया।
- अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी ग्रीन एनर्जी में घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बढ़ी।
- अलग-अलग निवेशकों की रणनीति ने बाजार में नई चर्चा शुरू कर दी है।
GQG ने क्यों घटाई हिस्सेदारी?
जून तिमाही के शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार, अमेरिकी निवेश फर्म GQG पार्टनर्स ने अदाणी ग्रुप की कई प्रमुख कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम की है। कुल मिलाकर यह बिकवाली करीब ₹12,077 करोड़ के बराबर आंकी गई है।
हालांकि कंपनी की ओर से इस बिकवाली के पीछे कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पोर्टफोलियो री-बैलेंसिंग, मुनाफावसूली (Profit Booking) या निवेश रणनीति में बदलाव का हिस्सा हो सकता है। इसलिए इसे केवल अदाणी ग्रुप पर भरोसा कम होने के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
अदाणी एंटरप्राइजेज में सबसे बड़ी कटौती
सबसे अधिक बिकवाली अदाणी एंटरप्राइजेज में देखने को मिली।
- मार्च तिमाही तक GQG पार्टनर्स इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड के पास 1.59% हिस्सेदारी थी।
- जून तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में यह हिस्सेदारी दिखाई नहीं दी।
- इसकी अनुमानित वैल्यू करीब ₹6,200 करोड़ थी।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि फंड ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी या उसकी हिस्सेदारी 1% से नीचे चली गई, क्योंकि 1% से कम हिस्सेदारी का अलग से खुलासा नहीं किया जाता।
इसके अलावा Goldman Sachs Trust GQG Partners International Opportunities Fund ने भी अपनी हिस्सेदारी 2.31% से घटाकर 2.06% कर दी। इस 0.25% हिस्सेदारी की अनुमानित कीमत करीब ₹932 करोड़ रही।
म्यूचुअल फंड्स ने दिखाई मजबूत खरीदारी
जहां GQG ने बिकवाली की, वहीं घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने अदाणी एंटरप्राइजेज में जमकर खरीदारी की।
- कुल हिस्सेदारी 2.71% से बढ़कर 5.40% पहुंच गई।
- इस अतिरिक्त निवेश की अनुमानित वैल्यू करीब ₹10,692 करोड़ रही।
- SBI Equity Hybrid Fund और Quant Small Cap Fund प्रमुख खरीदारों में शामिल रहे।
यह संकेत देता है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों का कंपनी के प्रति भरोसा बना हुआ है।
अदाणी ग्रीन एनर्जी में भी हिस्सेदारी घटी
GQG पार्टनर्स ने अदाणी ग्रीन एनर्जी में भी अपनी हिस्सेदारी करीब 0.6% कम की।
- इस हिस्सेदारी की अनुमानित वैल्यू लगभग ₹1,457 करोड़ रही।
- दूसरी ओर अन्य FIIs ने अपनी हिस्सेदारी 0.74% बढ़ाई, जिसकी कीमत करीब ₹1,814 करोड़ आंकी गई।
- म्यूचुअल फंड्स ने भी अपनी हिस्सेदारी 3.22% से बढ़ाकर 3.49% कर दी, जिसकी वैल्यू लगभग ₹644 करोड़ रही।
अदाणी पोर्ट्स में भी हुई बिकवाली
Adani Ports and Special Economic Zone में GQG ने अपनी हिस्सेदारी 2.26% से घटाकर 1.93% कर दी।
- 0.33% हिस्सेदारी की अनुमानित वैल्यू करीब ₹1,380 करोड़ रही।
- वहीं अन्य विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी 13.25% से बढ़ाकर 15.58% कर दी।
- इस अतिरिक्त निवेश की अनुमानित कीमत लगभग ₹9,716 करोड़ रही।
हालांकि शेयरहोल्डिंग डेटा में नए खरीदारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
अदाणी पावर में भी हिस्सेदारी घटी
GQG ने अदाणी पावर में अपनी हिस्सेदारी 4.80% से घटाकर 4.32% कर दी।
- इस 0.48% हिस्सेदारी की अनुमानित वैल्यू करीब ₹2,070 करोड़ रही।
- दूसरी ओर अन्य FIIs की हिस्सेदारी मामूली बढ़कर 11.74% से 11.76% हो गई।
प्रमोटर होल्डिंग में भी बदलाव
जून तिमाही में प्रमोटर हिस्सेदारी में भी कुछ बदलाव देखने को मिला।
- अदाणी पोर्ट्स में प्रमोटर हिस्सेदारी 68.02% से घटकर 66.03% हो गई।
- इस कमी की अनुमानित वैल्यू करीब ₹8,302 करोड़ रही।
वहीं दूसरी तरफ,
- अदाणी एंटरप्राइजेज में प्रमोटर हिस्सेदारी 74.67% से बढ़कर 74.84% हो गई।
- इस अतिरिक्त हिस्सेदारी की अनुमानित वैल्यू लगभग ₹2,736 करोड़ रही।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
GQG पार्टनर्स की बिकवाली ने निश्चित रूप से बाजार का ध्यान खींचा है, लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जहां एक बड़े विदेशी निवेशक ने अपनी हिस्सेदारी घटाई, वहीं कई अन्य FIIs और घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने अदाणी समूह की कंपनियों में निवेश बढ़ाया।
ऐसे में केवल एक निवेशक की बिकवाली के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी के बिजनेस प्रदर्शन, तिमाही नतीजों, कर्ज की स्थिति, कैश फ्लो और भविष्य की विकास योजनाओं जैसे मूलभूत पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।


