Share Market Crash Today: वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी दबाव के साथ हुई। ग्लोबल संकेत कमजोर रहने, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के चलते Sensex 500 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि Nifty 50 24,050 के करीब फिसल गया। हालांकि आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में कुछ खरीदारी देखने को मिली, लेकिन बैंकिंग और रियल्टी शेयरों की कमजोरी ने बाजार की रिकवरी पर ब्रेक लगा दिया।
13 जुलाई को बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था। Sensex 47.01 अंक बढ़कर 77,616.40 और Nifty 50 4.10 अंक चढ़कर 24,211.00 पर बंद हुआ था। लेकिन अगले ही कारोबारी दिन ग्लोबल घटनाक्रमों ने निवेशकों की धारणा को पूरी तरह बदल दिया।
सुबह 09:50 बजे तक Sensex 478.60 अंक (0.62%) टूटकर 77,137.80 और Nifty 138.70 अंक (0.57%) गिरकर 24,072.30 पर कारोबार कर रहा था। इंट्रा-डे में Sensex 77,063.41 और Nifty 24,050.55 तक फिसल गया।
कच्चे तेल में उबाल से बढ़ी बाजार की चिंता
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज तेजी का रहा। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ी, जिससे ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।
महंगा कच्चा तेल भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय है क्योंकि इससे महंगाई, चालू खाता घाटा और कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। यही वजह रही कि निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी।
क्यों टूटा शेयर बाजार? जानिए 5 बड़ी वजहें
1. अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई अनिश्चितता
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी आशंकाओं ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इस घटनाक्रम का असर एशियाई बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
2. कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 2% बढ़कर 84.98 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 79.79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। इससे पहले वाले सत्र में ब्रेंट क्रूड में करीब 9.6% की तेजी दर्ज की गई थी, जो कई वर्षों की सबसे बड़ी एकदिवसीय छलांगों में शामिल रही।
तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव की आशंका ने निवेशकों को सतर्क बना दिया।
3. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल
महंगाई की आशंका बढ़ने के साथ अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी ऊपर चली गई।
- 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: 4.618%
- 30 वर्षीय बॉन्ड यील्ड: 5.104%
- 2 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड: 4.273%
बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव बनता है।
4. India VIX में तेजी
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX करीब 13.75 के स्तर पर पहुंच गया। VIX में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि निवेशक आने वाले दिनों में अधिक उतार-चढ़ाव की आशंका देख रहे हैं।
जब VIX बढ़ता है तो बाजार में घबराहट और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति भी बढ़ जाती है।
5. बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली
आज की गिरावट में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग सेक्टर का रहा।
- निफ्टी PSU बैंक में 1% से अधिक गिरावट
- निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1% से अधिक कमजोरी
- निफ्टी रियल्टी करीब 1.5% से ज्यादा टूटा
दूसरी ओर, मेटल, फार्मा और आईटी शेयरों में सीमित खरीदारी देखने को मिली, लेकिन यह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।
किन सेक्टर्स का रहा प्रदर्शन?
| सेक्टर | प्रदर्शन |
|---|---|
| बैंकिंग | सबसे ज्यादा दबाव |
| PSU बैंक | 1% से अधिक गिरावट |
| प्राइवेट बैंक | 1% से अधिक गिरावट |
| रियल्टी | 1.5% से अधिक कमजोरी |
| आईटी | हल्की बढ़त |
| मेटल | मजबूती |
| फार्मा | खरीदारी देखने को मिली |
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय गुणवत्ता वाले शेयरों पर नजर रखते हुए चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।
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