Stock Market Crash Today: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 24,050 के स्तर तक फिसल गया। इस गिरावट का असर सिर्फ इंडेक्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कुछ ही मिनटों में निवेशकों की करीब ₹1.14 लाख करोड़ की पूंजी साफ हो गई।
बाजार की शुरुआत ही रही कमजोर

सोमवार को मामूली बढ़त के साथ बंद होने के बाद मंगलवार को बाजार ने कमजोरी के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती मिनटों में बिकवाली इतनी तेज रही कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए।
सुबह 09:20 बजे तक बाजार की स्थिति
- Sensex: 77,219.32 अंक (397.08 अंक या 0.51% की गिरावट)
- Nifty 50: 24,111.20 अंक (99.80 अंक या 0.41% की गिरावट)
इंट्रा-डे कारोबार के दौरान सेंसेक्स 552.99 अंक टूटकर 77,063.41 तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 160.45 अंक गिरकर 24,050.55 के स्तर तक फिसल गया।
आखिर क्यों टूटा शेयर बाजार?

मंगलवार की गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ी अनिश्चितता रही। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी।
इसके साथ ही ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। कच्चे तेल की महंगाई भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ाती है। इसी वजह से विदेशी निवेशकों की बिकवाली तेज हुई और घरेलू बाजार दबाव में आ गया।
एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी का माहौल देखने को मिला, जिसका असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।
5 सेकंड में ₹1.14 लाख करोड़ की दौलत हुई कम
बाजार में आई तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा।
- 13 जुलाई 2026 को BSE का कुल मार्केट कैप: ₹4,81,59,666.72 करोड़
- 14 जुलाई 2026 की सुबह: ₹4,80,45,121.51 करोड़
यानी शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की कुल संपत्ति ₹1,14,545.21 करोड़ घट गई।
सेक्टरवार कैसी रही तस्वीर?
आज लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में नजर आए। हालांकि आईटी सेक्टर ने कुछ हद तक बाजार को सहारा देने की कोशिश की।
सबसे ज्यादा दबाव वाले सेक्टर
- ऑटो
- प्राइवेट बैंक
- रियल्टी
इन तीनों सेक्टरों के निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं आईटी सेक्टर में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जिससे इस सेक्टर के कुछ बड़े शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
Sensex के सिर्फ 8 शेयरों में तेजी
30 शेयरों वाले सेंसेक्स में अधिकांश कंपनियां लाल निशान में कारोबार कर रही थीं।
तेजी वाले प्रमुख शेयर
- टाटा स्टील
- इंफोसिस
- टीसीएस
सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयर
- एचसीएल टेक
- इंडिगो
- बजाज फाइनेंस
इससे साफ संकेत मिला कि बाजार में निवेशकों का रुझान फिलहाल रक्षात्मक बना हुआ है।
ब्रॉडर मार्केट में भी दिखा दबाव
गिरावट सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही।
- निफ्टी मिडकैप 100 में लगभग आधा फीसदी कमजोरी
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी लाल निशान में
बीएसई पर कुल 2617 शेयरों में कारोबार हो रहा था, जिनमें—
- 988 शेयर बढ़त में
- 1452 शेयर गिरावट में
- 177 शेयर बिना बदलाव के
इसके अलावा—
- 48 शेयर एक साल के उच्च स्तर पर पहुंचे
- 14 शेयर एक साल के निचले स्तर पर पहुंचे
- 49 शेयर अपर सर्किट में
- 57 शेयर लोअर सर्किट में रहे
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना चाहिए।
यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है और ग्लोबल संकेत कमजोर बने रहते हैं, तो बाजार में आगे भी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


