भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत हैं। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मिश्रित संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और डॉलर इंडेक्स में मजबूती निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की लगातार खरीदारी बाजार को कुछ हद तक सहारा दे रही है।
आज के कारोबार में आईटी, ऑयल एंड गैस, फार्मा और मेटल शेयरों पर खास नजर रहेगी। HCLTech के तिमाही नतीजे, बायोकॉन में संभावित बड़ी ब्लॉक डील और महंगाई के ताजा आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा GIFT Nifty
मंगलवार सुबह करीब 7:26 बजे GIFT Nifty 159.50 अंक यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,044 के आसपास कारोबार करता दिखा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है।
सोमवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार
सोमवार को शुरुआती कमजोरी के बावजूद आईटी शेयरों में खरीदारी ने बाजार को संभाल लिया।
- सेंसेक्स 47 अंक बढ़कर 77,616.40 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 4 अंक की बढ़त के साथ 24,211 पर बंद हुआ।
आईटी, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि एफएमसीजी, मेटल और रियल्टी सेक्टर में दबाव रहा।
एशियाई बाजारों में कमजोरी
आज अधिकांश एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
- निक्केई : -0.33%
- हैंग सेंग : -1.19%
- स्ट्रेट टाइम्स : -0.98%
- ताइवान इंडेक्स : -1.55%
- कोस्पी : -0.64%
- शंघाई कंपोजिट : -0.03%
कमजोर एशियाई संकेत भारतीय बाजार के लिए भी नकारात्मक माने जा रहे हैं।
अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की बिकवाली
अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए। टेक शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया।
- Dow Jones 0.26% गिरा।
- S&P 500 0.68% टूटा।
- Nasdaq Composite 1.41% फिसला।
डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड पर नजर
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले डॉलर मजबूत बना हुआ है।
- US Dollar Index: 101.23
- 10-Year US Bond Yield: 4.81%
- 2-Year Bond Yield: 4.28%
मजबूत डॉलर और ऊंची बॉन्ड यील्ड आमतौर पर उभरते बाजारों के लिए नकारात्मक संकेत माने जाते हैं।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।
- FII ने 13 जुलाई को 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की।
- DII ने 2,171 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी फिलहाल बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने का काम कर रही है।
कच्चे तेल में जबरदस्त उछाल
मिडिल ईस्ट तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम के बीच ब्रेंट क्रूड में तेज उछाल आया है।
- ब्रेंट क्रूड लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।
- हाल के निचले स्तर से इसमें करीब 10% की तेजी दर्ज की गई।
ऊंचे कच्चे तेल के दाम भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का विषय हैं क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ सकता है।
सोना और चांदी दबाव में
डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से कीमती धातुओं में गिरावट देखने को मिल रही है।
- सोने में करीब 3% की कमजोरी।
- चांदी लगभग 4% फिसली।
यदि डॉलर मजबूत बना रहता है तो गोल्ड और सिल्वर में दबाव जारी रह सकता है।
HCLTech के नतीजे उम्मीद से बेहतर
आईटी कंपनी HCLTech ने पहली तिमाही में अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया।
मुख्य बातें:
- Constant Currency Revenue में अनुमान से कम गिरावट।
- FY27 Revenue Growth Guidance बरकरार।
- मजबूत ऑर्डर बुक।
- AI बिजनेस में सुधार।
- डेटा सेंटर विस्तार के लिए लगभग 3,500 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा।
आज आईटी सेक्टर के शेयरों में इसकी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
Biocon में बड़ी ब्लॉक डील संभव
Biocon के शेयर भी आज फोकस में रह सकते हैं।
- Mylan अपनी 5.64% हिस्सेदारी बेच सकता है।
- फ्लोर प्राइस ₹378.50 प्रति शेयर तय।
- सौदे का आकार करीब ₹3,500 करोड़ हो सकता है।
ब्लॉक डील के कारण शेयर में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
खुदरा महंगाई 18 महीने के उच्च स्तर पर
जून महीने में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई, जो पिछले 18 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
- मई में महंगाई दर 3.93% थी।
- खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी इसका प्रमुख कारण रही।
महंगाई बढ़ने से भविष्य में ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है।
आज किन सेक्टरों पर रखें नजर?
आज के कारोबार में इन सेक्टरों पर विशेष फोकस रहेगा—
- आईटी
- ऑयल एंड गैस
- फार्मा
- बैंकिंग
- मेटल
- एफएमसीजी
निष्कर्ष
आज शेयर बाजार की दिशा मुख्य रूप से GIFT Nifty, कच्चे तेल की कीमत, डॉलर इंडेक्स, विदेशी निवेशकों की गतिविधि, HCLTech के नतीजे, Biocon की संभावित ब्लॉक डील और महंगाई के आंकड़ों से तय होगी। यदि ग्लोबल बाजारों में कमजोरी बनी रहती है और एफआईआई बिकवाली जारी रखते हैं, तो शुरुआती कारोबार में दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं, मजबूत कॉर्पोरेट नतीजे और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है।


