नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार को लेकर वैश्विक ब्रोकरेज Goldman Sachs का रुख अब पहले की तुलना में काफी सकारात्मक हो गया है। ब्रोकरेज ने अनुमान जताया है कि जून 2027 तक निफ्टी 50 इंडेक्स 26,500 के स्तर तक पहुंच सकता है। यह अनुमान भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, विदेशी निवेशकों (FII) की संभावित वापसी और कॉर्पोरेट कंपनियों के बेहतर नतीजों की उम्मीद पर आधारित है।
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि आने वाले समय में बैंकिंग, डिफेंस, पावर, एनर्जी और ट्रैवल जैसे सेक्टर बाजार की तेजी की अगुवाई कर सकते हैं। इसी वजह से उसने 15 बड़े शेयरों को अपनी पसंदीदा सूची में शामिल किया है।
Highlights
- जून 2027 तक निफ्टी 50 के 26,500 अंक तक पहुंचने का अनुमान।
- विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार को मिल सकता है बड़ा सहारा।
- बैंकिंग, डिफेंस, पावर और एनर्जी सेक्टर पर सबसे ज्यादा भरोसा।
- रिलायंस, HDFC बैंक, HAL समेत 15 शेयरों को पसंदीदा सूची में रखा।
निफ्टी 26,500 तक पहुंचने की उम्मीद
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार की बुनियादी स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हुई है। ब्रोकरेज का मानना है कि जून 2027 तक निफ्टी 50 इंडेक्स 26,500 अंक तक पहुंच सकता है, जो इसके पिछले रिकॉर्ड हाई से भी ऊपर होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस लक्ष्य तक पहुंचने के पीछे कई सकारात्मक कारण हैं। इनमें घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती, महंगाई पर नियंत्रण, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपये की स्थिरता और कंपनियों की बेहतर कमाई की संभावना प्रमुख हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा बढ़ा
ब्रोकरेज का कहना है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में मजबूत बनी हुई है। सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश, बढ़ती घरेलू मांग और कॉर्पोरेट सेक्टर की मजबूत बैलेंस शीट बाजार को समर्थन दे सकती है।
साथ ही, दूसरी तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों से भी बाजार की धारणा मजबूत होने की उम्मीद जताई गई है।
विदेशी निवेशकों की वापसी से मिलेगा बड़ा सहारा
Goldman Sachs के मुताबिक, साल 2026 की पहली छमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 30 अरब डॉलर की बिकवाली की थी। हालांकि जून के मध्य से तस्वीर बदलनी शुरू हुई है।
ब्रोकरेज का कहना है कि विदेशी निवेशकों ने अब तक करीब 2 अरब डॉलर की खरीदारी की है, जिसमें सबसे ज्यादा निवेश बैंकिंग शेयरों में देखने को मिला है।
रिपोर्ट के अनुसार, अभी भी कई वैश्विक फंड भारतीय बाजार में कम निवेशित हैं। यदि आर्थिक सुधार की गति बनी रहती है तो आने वाले महीनों में विदेशी निवेश और बढ़ सकता है।
अब वैल्यू शेयरों पर रहेगा निवेशकों का फोकस
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि अब निवेशकों की रणनीति बदल सकती है। केवल हाई ग्रोथ कंपनियों की बजाय अब ऐसे शेयर ज्यादा आकर्षक बनेंगे जिनका वैल्यूएशन उचित है और जिनमें लंबी अवधि की ग्रोथ की संभावना मौजूद है।
ब्रोकरेज ने खास तौर पर बड़े (Large Cap) शेयरों को मिडकैप कंपनियों के मुकाबले अधिक पसंद किया है। उसका मानना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी का सबसे ज्यादा फायदा लार्ज कैप और बैंकिंग सेक्टर को मिल सकता है।
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा भरोसा?
गोल्डमैन सैक्स ने जिन सेक्टरों को आने वाले समय के लिए सबसे मजबूत बताया है, उनमें शामिल हैं—
- बैंकिंग
- डिफेंस
- पावर
- एनर्जी एवं रिफाइनिंग
- होटल एवं टूरिज्म
- एविएशन
वहीं, एक्सपोर्ट पर अत्यधिक निर्भर कंपनियों और कुछ ऑयल कंपनियों को लेकर फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Goldman Sachs की पसंद के 15 शेयर
ब्रोकरेज ने निम्नलिखित कंपनियों को अपनी पसंदीदा सूची में शामिल किया है—
- रिलायंस इंडस्ट्रीज
- HDFC बैंक
- अडानी एंटरप्राइजेज
- अडानी पावर
- कोटक महिंद्रा बैंक
- NTPC
- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL)
- इटरनल
- पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन
- अडानी ग्रीन एनर्जी
- इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo)
- HDFC लाइफ इंश्योरेंस
- इंडियन होटल्स कंपनी
- मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स
- मेकमायट्रिप
मार्च में था सतर्क, अब पूरी तरह बदला रुख
गौरतलब है कि इसी साल मार्च में Goldman Sachs ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर सतर्क रुख अपनाया था। उस समय कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कंपनियों की कमाई पर संभावित दबाव को लेकर चिंता जताई गई थी।
लेकिन अब बदलते आर्थिक माहौल, महंगाई में राहत, विदेशी निवेशकों की वापसी और बेहतर कॉर्पोरेट आउटलुक को देखते हुए ब्रोकरेज ने भारत के प्रति अपना नजरिया सकारात्मक कर लिया है।
आगे निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले महीनों में बाजार की दिशा कई अहम कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों का निवेश प्रवाह, ब्याज दरों पर केंद्रीय बैंकों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां शामिल हैं। यदि ये कारक अनुकूल रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार में नई ऊंचाइयों की संभावना मजबूत हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई किसी भी शेयर संबंधी जानकारी को निवेश की सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


