Market View: ग्लोबल तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में जल्दबाजी में ट्रेड लेने के बजाय निवेशकों को वेट एंड वॉच मोड में रहना चाहिए। अगर बाजार में रिकवरी आती है तो सबसे पहले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं ट्रेडिंग के लिहाज से मिडकैप IT और फार्मा सेक्टर बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल के मुताबिक, बाजार में अब मार्च जैसी घबराहट नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा गिरावट उन निवेशकों के लिए अवसर बन सकती है, जो पिछली रैली में शामिल नहीं हो पाए थे।
निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट लेवल, 23,800 का स्तर होगा मेक या ब्रेक
अनुज सिंघल के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला अहम सपोर्ट 23,950-24,050 के जोन में है। इसके बाद बड़ा सपोर्ट 23,800-23,850 के स्तर पर रहेगा।
उन्होंने कहा कि गैपडाउन ओपनिंग के बाद सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि निफ्टी 23,900-23,950 के स्तर को बनाए रख पाता है या नहीं।
अगर इंडेक्स इस स्तर को संभाल लेता है तो बाजार में दोबारा खरीदारी देखने को मिल सकती है। वहीं 23,800 का स्तर टूटने पर कमजोरी बढ़ सकती है।
वीकेंड पर बढ़ा US-ईरान तनाव, बाजार पर असर संभव
शुक्रवार को भारतीय बाजार दिन के ऊपरी स्तरों के करीब बंद हुआ था। हालांकि, वीकेंड के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ गया है। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की बात कही है, जबकि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
अगर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर असर पड़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ेगा।
कच्चा तेल, डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर बाजार की नजर
ग्लोबल तनाव के चलते कच्चे तेल में तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड फिर से 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।
इसके अलावा:
- डॉलर इंडेक्स 101 के ऊपर बना हुआ है।
- सोने और चांदी में दबाव देखने को मिला है।
- अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड करीब 4.6% के स्तर पर बनी हुई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अब सबसे ज्यादा नजर कच्चे तेल की चाल पर रहेगी। अगर ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकलता है, तो बाजार में बड़ी गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।
हालांकि अगर तेल की कीमतें 80 डॉलर के आसपास सीमित रहती हैं तो गैपडाउन के बाद रिकवरी संभव है।
Market Breadth और India VIX होंगे अहम फैक्टर
अनुज सिंघल के मुताबिक, इस समय बाजार में सबसे ज्यादा ध्यान मार्केट ब्रेड्थ पर देना चाहिए।
अगर बाजार में सुधार आता है तो:
- सबसे पहले मिडकैप शेयरों में तेजी आ सकती है।
- स्मॉलकैप इंडेक्स बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
- मजबूत शेयरों में खरीदारी के मौके मिल सकते हैं।
इसके अलावा India VIX भी बाजार की दिशा तय करने वाला बड़ा संकेतक रहेगा।
पिछले दो कारोबारी सत्रों में India VIX वापस गिरकर आरामदायक स्तर पर आया है। जब तक India VIX 14.5 के नीचे रहता है, तब तक बाजार में डर का माहौल ज्यादा नहीं माना जाएगा।
FIIs की वापसी के संकेत, बिकवाली में आई कमी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियां भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रही हैं।
जुलाई महीने में FIIs की बिकवाली में कमी देखने को मिली है। पहले जहां विदेशी निवेशक एक दिन में 5,000-10,000 करोड़ रुपये तक की बिकवाली करते थे, वहीं अब बिकवाली का आंकड़ा करीब 1,500-2,000 करोड़ रुपये के आसपास सीमित दिखाई दे रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर FIIs की बिकवाली वास्तव में रुकती है तो भारतीय बाजार हायर लो बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
निफ्टी ने:
- मार्च में 22,180 के आसपास लो बनाया।
- जून में करीब 23,100 का हायर बॉटम बनाया।
- अब अगर 23,800 का स्तर बचता है तो एक और हायर बॉटम बन सकता है।
आज किन सेक्टरों में दिख सकते हैं मौके?
बाजार में शुरुआती दबाव रेट सेंसिटिव सेक्टरों में देखने को मिल सकता है।
इन सेक्टरों पर नजर रहेगी:
- बैंकिंग
- NBFC
- ऑटो
- रियल एस्टेट
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि गिरावट आने पर इन्हीं सेक्टरों में लंबी अवधि के लिए अच्छे अवसर भी मिल सकते हैं।
ट्रेडिंग के लिहाज से फिलहाल:
- मिडकैप IT
- फार्मा शेयर
बेहतर नजर आ रहे हैं।
Nifty Trading Strategy: सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
निफ्टी सपोर्ट
- पहला सपोर्ट: 23,950-24,050
- बड़ा सपोर्ट: 23,800-23,850
अगर निफ्टी 23,900-23,950 जोन को बनाए रखता है तो 23,850 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है।
निफ्टी रेजिस्टेंस
- पहला रेजिस्टेंस: 24,150-24,200
- बड़ा रेजिस्टेंस: 24,250-24,350
गैपडाउन के बाद रिकवरी फेल होने पर ही बिकवाली की रणनीति अपनाने की सलाह दी गई है।
Bank Nifty Strategy: इन स्तरों पर रखें नजर
बैंक निफ्टी सपोर्ट
- पहला सपोर्ट: 57,500-57,750
- बड़ा सपोर्ट: 57,050-57,300
खरीदारी का बेहतर जोन:
57,350-57,550
स्टॉप लॉस:
57,050
बैंक निफ्टी रेजिस्टेंस
- पहला रेजिस्टेंस: 57,800-58,050
- बड़ा रेजिस्टेंस: 58,250-58,500
अगर रिकवरी कमजोर पड़ती है तो दिन के ऊपरी स्तर को स्टॉप लॉस मानकर ट्रेड करने की रणनीति अपनाई जा सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
मौजूदा बाजार परिस्थिति में निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। ग्लोबल घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर-रुपये की चाल और FIIs की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी।
विशेषज्ञों की सलाह है कि गिरावट को डर की बजाय अवसर के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन निवेश से पहले मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना जरूरी है।
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