शेयर बाजार में जब भी बड़े और सफल निवेशकों के पोर्टफोलियो की बात होती है, तो रेखा झुनझुनवाला, राकेश झुनझुनवाला, राधाकिशन दमानी और विजय केडिया जैसे दिग्गज निवेशकों के स्टॉक पर निवेशकों की नजर रहती है। इन निवेशकों की रणनीति को समझने के लिए छोटे-बड़े निवेशक उनके पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियों को ट्रैक करते हैं।
इसी कड़ी में रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में शामिल एक सरकारी बैंक का शेयर लंबे समय से चर्चा में है। यह बैंकिंग स्टॉक लंबे समय में निवेशकों को शानदार रिटर्न दे चुका है। रेखा झुनझुनवाला की इस सरकारी बैंक में करोड़ों रुपये की हिस्सेदारी है।
रेखा झुनझुनवाला के पास केनरा बैंक के करोड़ों शेयर
दिग्गज निवेशक रेखा झुनझुनवाला की हिस्सेदारी सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक Canara Bank में है। कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक जून 2026 तक रेखा झुनझुनवाला के पास बैंक के करीब 12.91 करोड़ शेयर हैं।
उनकी कुल हिस्सेदारी बैंक में लगभग 1.42 फीसदी है। मौजूदा बाजार मूल्य के आधार पर इस निवेश की वैल्यू करीब 1,657 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
हालांकि, पिछले कुछ समय में उनकी हिस्सेदारी में तिमाही आधार पर बदलाव देखने को मिला है, लेकिन उन्होंने अभी भी बैंक में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बनाए रखी है।
केनरा बैंक शेयर ने दिया मल्टीबैगर रिटर्न
केनरा बैंक के शेयर ने लंबी अवधि में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। करीब दो दशक पहले यह शेयर बेहद कम कीमत पर कारोबार करता था, लेकिन बैंकिंग सेक्टर में सुधार और कंपनी के प्रदर्शन के साथ इसके शेयर में लंबी अवधि में तेजी देखने को मिली।
- साल 2003 में केनरा बैंक का शेयर करीब 9 रुपये के स्तर पर था।
- साल 2021 में इसकी कीमत लगभग 25 रुपये के आसपास थी।
- इसके बाद बैंक के शेयर में तेजी आई और यह 2026 में 160 रुपये के स्तर के करीब पहुंच चुका है।
इस तरह लंबे समय तक निवेश बनाए रखने वाले निवेशकों को इस सरकारी बैंक शेयर ने कई गुना रिटर्न दिया है।
सरकारी बैंकिंग सेक्टर का मजबूत खिलाड़ी है केनरा बैंक
केनरा बैंक भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल है। बैंक की स्थापना साल 1906 में हुई थी और 1969 में इसका राष्ट्रीयकरण किया गया था।
साल 2021 में सरकार के बैंकिंग सुधार कार्यक्रम के तहत Syndicate Bank का विलय केनरा बैंक में किया गया था। इस विलय से बैंक का कारोबार और नेटवर्क काफी मजबूत हुआ।
वर्तमान में केनरा बैंक देशभर में बड़ी शाखा नेटवर्क और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के साथ काम कर रहा है।
सरकारी बैंक शेयरों में क्यों बढ़ी निवेशकों की दिलचस्पी?
पिछले कुछ वर्षों में सरकारी बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। इसके पीछे कई कारण रहे हैं:
1. बैंक बैलेंस शीट में सुधार
सरकारी बैंकों ने पिछले कुछ वर्षों में खराब कर्ज (NPA) को कम करने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने पर ध्यान दिया है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
2. क्रेडिट ग्रोथ में तेजी
भारत में लोन की मांग बढ़ने से बैंकिंग सेक्टर को फायदा मिला है। खासतौर पर रिटेल, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर लोन में वृद्धि देखने को मिली है।
3. सरकारी सुधारों का असर
सरकार की बैंकिंग सुधार नीतियों और विलय प्रक्रिया से कई सरकारी बैंकों की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ी है।
रेखा झुनझुनवाला पोर्टफोलियो को क्यों देखते हैं निवेशक?
रेखा झुनझुनवाला भारतीय शेयर बाजार की चर्चित निवेशकों में शामिल हैं। उनके पोर्टफोलियो में कई कंपनियां शामिल हैं, जिनमें उन्होंने लंबी अवधि के नजरिए से निवेश किया है।
हालांकि, किसी भी बड़े निवेशक के पोर्टफोलियो में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि वह शेयर निश्चित रूप से भविष्य में भी अच्छा प्रदर्शन करेगा। हर निवेशक को कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, सेक्टर की संभावनाओं और अपने जोखिम स्तर को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।
क्या केनरा बैंक शेयर में अभी भी है मौका?
केनरा बैंक जैसे बड़े सरकारी बैंक को बैंकिंग सेक्टर के लंबी अवधि के थीम से जोड़कर देखा जाता है। भारत में बैंकिंग और क्रेडिट ग्रोथ बढ़ने की उम्मीदों के कारण इस सेक्टर पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी स्टॉक का प्रदर्शन कई कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें आर्थिक स्थिति, ब्याज दरें, बैंक की आय और बाजार की परिस्थितियां शामिल हैं।
निष्कर्ष
रेखा झुनझुनवाला की केनरा बैंक में बड़ी हिस्सेदारी इस सरकारी बैंक शेयर को निवेशकों के रडार पर लाती है। पिछले वर्षों में इस स्टॉक ने लंबी अवधि के निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है और यह सरकारी बैंकिंग सेक्टर के प्रमुख शेयरों में शामिल है।
लेकिन निवेश करने से पहले कंपनी के मौजूदा प्रदर्शन, भविष्य की ग्रोथ और अपनी निवेश रणनीति का मूल्यांकन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए किसी भी स्टॉक या निवेश से संबंधित जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


