Global Market Today: सोमवार 13 जुलाई को ग्लोबल शेयर बाजारों पर वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव का असर देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियां बढ़ने तथा होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती अनिश्चितता से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ा, जहां कई प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5 फीसदी से ज्यादा टूट गया, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 2 फीसदी तक गिर गया। भारतीय शेयर बाजार के लिए भी संकेत कमजोर रहे क्योंकि GIFT Nifty में 160 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिली, जो घरेलू बाजार में कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है।
एशियाई बाजारों में भारी दबाव
सोमवार को एशियाई बाजारों में गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव रहा। वीकेंड के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों की खबरों के बाद निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी।
ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के दावे ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की सप्लाई के लिए यह समुद्री रास्ता बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
एशियाई बाजारों का प्रदर्शन:
- जापान का निक्केई 225: 1.32% नीचे
- टॉपिक्स इंडेक्स: 0.09% गिरावट
- दक्षिण कोरिया कोस्पी: 5.24% की बड़ी गिरावट
- सिंगापुर स्ट्रेट टाइम्स: 0.21% नीचे
- ताइवान बाजार: 0.91% बढ़कर 45,766.53 पर
- हैंगसेंग इंडेक्स: 0.55% बढ़कर 24,309 के स्तर पर
- शंघाई कंपोजिट: 0.71% गिरकर 3,968.14 पर
वहीं GIFT Nifty करीब 24,056 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से लगभग 186 अंक नीचे था। इससे भारतीय बाजार में गैप-डाउन ओपनिंग के संकेत मिल रहे हैं।
वॉल स्ट्रीट में शुक्रवार को रही तेजी
जहां एशियाई बाजार दबाव में रहे, वहीं शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में तेजी और तिमाही नतीजों की उम्मीदों से निवेशकों का भरोसा मजबूत रहा।
अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन:
- Dow Jones: 0.29% बढ़कर 52,637.01 अंक
- S&P 500: 0.42% बढ़कर 7,575.39 अंक
- Nasdaq Composite: 0.29% बढ़कर 26,281.61 अंक
पूरे हफ्ते की बात करें तो:
- S&P 500 में 1.2% की तेजी रही
- Nasdaq में 1.7% की बढ़त दर्ज हुई
- Dow Jones में 0.5% की गिरावट आई
टेक शेयरों में तेजी का नेतृत्व सेमीकंडक्टर कंपनियों ने किया।
- Nvidia के शेयर: 4.03% चढ़े
- AMD: 2.04% ऊपर
- Micron Technology: 1.24% नीचे
- Meta Platforms: 5.97% मजबूत
- Moderna: 10.83% गिरा
US-ईरान तनाव का बाजार पर असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक अमेरिका ने हमले तेज किए हैं, जबकि अमेरिका की ओर से कहा गया है कि होर्मुज स्ट्रेट अभी भी खुला हुआ है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की रुकावट से वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो:
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है
- महंगाई का दबाव बढ़ सकता है
- केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं
- शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है
SK Hynix की अमेरिकी लिस्टिंग शानदार रही
दक्षिण कोरिया की बड़ी मेमोरी चिप कंपनी SK Hynix ने Nasdaq पर शानदार शुरुआत की। कंपनी के अमेरिका में लिस्टेड शेयर 12.76% बढ़कर 168.01 डॉलर प्रति शेयर पर बंद हुए।
कंपनी ने 149 डॉलर प्रति शेयर कीमत वाली अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट (ADR) जारी कर 26 अरब डॉलर से अधिक जुटाए।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में AI की बढ़ती मांग के कारण निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है।
US ट्रेजरी यील्ड में तेजी
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई की चिंता के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी देखने को मिली।
- 2 साल की US ट्रेजरी यील्ड: 3 बेसिस पॉइंट बढ़कर 4.24%
- 10 साल की US ट्रेजरी यील्ड: 2 बेसिस पॉइंट बढ़कर 4.58%
2 साल की यील्ड फरवरी 2025 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।
निवेशक अनुमान लगा रहे हैं कि अगर तेल कीमतों के कारण महंगाई बढ़ती है तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती को टाल सकता है।
जापानी बॉन्ड यील्ड में गिरावट
जापान में सरकारी बॉन्ड यील्ड में गिरावट जारी रही।
- 10 साल की JGB यील्ड 2.5 बेसिस पॉइंट गिरकर 2.735%
- 20 साल की JGB यील्ड 4 बेसिस पॉइंट गिरकर 3.710%
- 5 साल की JGB यील्ड 1 बेसिस पॉइंट गिरकर 1.970%
कम यील्ड यह संकेत देती है कि निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई।
- Brent Crude: 3.88% बढ़कर 78.96 डॉलर प्रति बैरल
- WTI Crude: 4.01% बढ़कर 74.27 डॉलर प्रति बैरल
अगर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर स्थिति खराब होती है तो तेल कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई और करेंट अकाउंट डेफिसिट पर दबाव डाल सकता है।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट
आमतौर पर तनाव के समय सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार डॉलर में मजबूती और ब्याज दरों को लेकर चिंता के कारण सोने की कीमतों में गिरावट रही।
- स्पॉट गोल्ड: 1.2% गिरकर 4,072.78 डॉलर प्रति औंस
- US गोल्ड फ्यूचर्स: 0.8% गिरकर 4,081.70 डॉलर प्रति औंस
- स्पॉट सिल्वर: 1.6% गिरकर 58.89 डॉलर प्रति औंस
डॉलर हुआ मजबूत
मिडिल ईस्ट तनाव और महंगाई की चिंता के बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ।
- US Dollar Index: 101.07 के स्तर पर
- Euro: 0.1% गिरकर 1.1403 डॉलर
- British Pound: 0.1% गिरकर 1.3383 डॉलर
- US Dollar/Yen: 161.92 येन
डॉलर की मजबूती का असर उभरते बाजारों पर पड़ सकता है, क्योंकि विदेशी निवेशकों के लिए डॉलर आधारित निवेश आकर्षक हो जाता है।
भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर पड़ेगा?
ग्लोबल संकेतों को देखते हुए सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती दबाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों की नजरें इन प्रमुख फैक्टर्स पर रहेंगी:
- वेस्ट एशिया तनाव और कच्चे तेल की कीमतें
- विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां
- डॉलर-रुपया मूवमेंट
- बैंकिंग और आईटी सेक्टर का प्रदर्शन
- कंपनियों के तिमाही नतीजे
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और कंपनियों के फंडामेंटल पर ध्यान देना चाहिए।
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