कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ ट्रस्टों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। EPFO द्वारा ‘एमनेस्टी स्कीम, 2026’ (माफी योजना) शुरू की गई है, जो 29 जून से नोटिफाई हो चुकी है। यह योजना आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त ‘छूट प्राप्त पीएफ ट्रस्टों’ (Exempted PF Trusts) को अपनी स्थिति को नियमित (Regularize) करने का एक सुनहरा और आखिरी अवसर दे रही है।
HighLights
- एमनेस्टी स्कीम की शुरुआत: EPFO ने पीएफ ट्रस्टों के लिए 6 महीने की विशेष माफी योजना शुरू की।
- स्थिति नियमित करने का मौका: छूट प्राप्त पीएफ ट्रस्टों को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के अपना स्टेटस रेगुलर करने का अवसर।
- बड़ी राहत: शर्तों को पूरा करने पर बकाया राशि, हर्जाने और ब्याज के लंबित मूल्यांकन (Assessments) वापस लिए जाएंगे।
सिर्फ 6 महीने के लिए खुली है योजना
श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नियोक्ताओं (Employers), स्टेकहोल्डर्स और आम जनता को इस स्कीम का लाभ उठाने की सलाह दी जाती है। यह योजना घोषणा की तारीख से केवल छह महीने के लिए लागू रहेगी।
यह स्कीम मुख्य रूप से उन संस्थानों पर लागू होती है जो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट तो चला रहे हैं, लेकिन उनके पास संबंधित सरकार (केंद्र या राज्य सरकार) से छूट का कोई औपचारिक नोटिफिकेशन (Formal Notification) नहीं है।
कौन से संस्थान हैं इसके योग्य?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित संस्थान योग्य माने जाएंगे:
- पिछला स्टेटस रेगुलर करने वाले: वे संस्थान जो अपने ट्रस्ट को पिछले समय से रेगुलर करवाना चाहते हैं और जिन्होंने पहले ही ‘नॉन-एग्जेम्प्टेड संस्थान’ (छूट न प्राप्त संस्थान) के तौर पर नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है।
- भविष्य का विकल्प चुनने वाले: वे संस्थान जो आगे भी ‘नॉन-एग्जेम्प्टेड संस्थान’ के तौर पर नियमों का पालन करने का विकल्प चुन रहे हैं।
- सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत आने वाले: वे संस्थान जो ट्रस्ट को पिछले समय से रेगुलर करवाना चाहते हैं और ‘कोड ऑफ सोशल सिक्योरिटी, 2020’ के तहत ‘एग्जेम्प्टेड संस्थान’ के तौर पर काम जारी रखने के इच्छुक हैं।
नियमों में छूट और पेंडिंग केस होंगे खत्म
EPFO ने इस स्कीम के तहत नियोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए नियमों को काफी लचीला बनाया है:
- शर्तों में ढील: कर्मचारियों की कम से कम संख्या और कॉर्पस साइज (फंड की कुल राशि) के नियमों में ढील दी गई है। इसके अलावा, 3 साल तक पहले से नियमों का पालन करने की शर्त को भी पूरा मान लिया जाएगा।
- लंबित मामले होंगे वापस: बकाया राशि, हर्जाने (Damages) और ब्याज के लिए जितने भी लंबित असेसमेंट (Pending Assessments) हैं, उन्हें वापस ले लिया जाएगा और खत्म माना जाएगा।
- शर्त: इसके लिए शर्त सिर्फ इतनी है कि सदस्य खातों (Member Accounts) को कानूनी दरों के बराबर या उससे बेहतर ब्याज और योगदान मिला होना चाहिए। पहले से फाइनल हो चुके ऐसे विवादित आदेशों को शुरू से ही अमान्य (Void ab initio) माना जाएगा।
आवेदन कैसे करें?
योग्य और इच्छुक संस्थानों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए एक औपचारिक आवेदन (Formal Application) जमा करना होगा:
आवेदन की प्रक्रिया: योग्य संस्थान केंद्र सरकार को संबोधित एक औपचारिक आवेदन तैयार करेंगे। इस आवेदन को संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) को ईमेल के जरिए भेजा जा सकता है।
समय सीमा सीमित है, इसलिए सभी पात्र पीएफ ट्रस्टों को बिना देरी किए इस 6 महीने की अवधि के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।


