नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा ने भारत और न्यूजीलैंड के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। लगभग चार दशकों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा रही, जिसके दौरान दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, डिजिटल भुगतान, कृषि, शिक्षा और खेल समेत कई अहम क्षेत्रों में 18 महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति जताई। इन समझौतों के साथ भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते अब रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के नए दौर में प्रवेश कर गए हैं।
2030 तक ₹38,000 करोड़ से अधिक व्यापार का लक्ष्य
दोनों देशों ने ‘रोडमैप 2030’ को अपनाते हुए द्विपक्षीय व्यापार को अगले कुछ वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना के तहत 2030 तक व्यापार को करीब ₹38,462 करोड़ (NZ$7 बिलियन) से अधिक तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को इस लक्ष्य का प्रमुख आधार माना जा रहा है। इसके अलावा न्यूजीलैंड ने भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता भी जताई है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
UPI और डिजिटल पेमेंट सिस्टम होंगे आपस में जुड़े
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने बड़ा कदम उठाया है। भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को न्यूजीलैंड के फास्ट पेमेंट सिस्टम से जोड़ने पर सहमति बनी है।
इससे दोनों देशों के नागरिकों, छात्रों, पर्यटकों और कारोबारियों के लिए सीमा पार भुगतान (Cross-border Payments) पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा। यह समझौता डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्र में भी अहम समझौते हुए। दोनों देशों ने सेनाओं के बीच आपसी लॉजिस्टिक्स सहयोग, संयुक्त अभ्यास और समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों को देखते हुए यह सहयोग दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कृषि और डेयरी सेक्टर में साझा पहल
कृषि और डेयरी क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत के नागालैंड और उत्तराखंड में सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से आधुनिक खेती, डेयरी प्रबंधन और नई तकनीकों का लाभ किसानों तक पहुंचाने की योजना है।
शिक्षा में बढ़ेगा सहयोग
शिक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों ने साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड की प्रमुख यूनिवर्सिटीज को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने का निमंत्रण दिया, जिससे भारतीय छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध हो सकेगी।
खेल सहयोग का दायरा होगा विस्तृत
भारत और न्यूजीलैंड ने खेल सहयोग को केवल क्रिकेट तक सीमित न रखते हुए हॉकी, रग्बी और अन्य खेलों में भी ट्रेनिंग, कोचिंग और प्रतिभा विकास कार्यक्रम शुरू करने पर सहमति जताई है।
दोनों देशों के रिश्तों में नया अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है। 18 बड़े समझौतों के जरिए व्यापार, निवेश, डिजिटल भुगतान, रक्षा, शिक्षा, कृषि और खेल जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इससे दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत होंगे।


