देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी SBI Funds Management Ltd का बहुप्रतीक्षित IPO अगले सप्ताह निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। करीब ₹11,692.91 करोड़ का यह इश्यू साल 2026 का अब तक का सबसे बड़ा IPO माना जा रहा है। ग्रे मार्केट में भी इस इश्यू को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, जहां शेयर अपर प्राइस बैंड ₹574 के मुकाबले करीब 17.42% प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है।
यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी और बिक्री से मिलने वाली रकम मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।
SBI Funds Management IPO की 10 अहम बातें
1. IPO का साइज
- कुल इश्यू साइज: ₹11,692.91 करोड़
- अनुमानित मार्केट कैप: करीब ₹1.17 लाख करोड़
- यह वर्ष 2026 का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम होगा।
2. IPO कब खुलेगा?
- एंकर निवेशकों के लिए: 13 जुलाई
- IPO ओपन: 14 जुलाई
- IPO क्लोज: 16 जुलाई
- अलॉटमेंट: 17 जुलाई (संभावित)
- लिस्टिंग: 21 जुलाई (BSE और NSE)
3. प्राइस बैंड और लॉट साइज
- प्राइस बैंड: ₹545-₹574 प्रति शेयर
- लॉट साइज: 26 शेयर
- न्यूनतम निवेश लगभग ₹14,924 (अपर प्राइस बैंड पर)
4. OFS में कौन बेच रहा है शेयर?
IPO पूरी तरह OFS है, जिसमें कुल 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बिक्री के लिए रखे गए हैं।
- SBI: 12.83 करोड़ शेयर (6.3% हिस्सेदारी)
- Amundi India Holding: 7.53 करोड़ शेयर (3.7% हिस्सेदारी)
इससे SBI को लगभग ₹7,370 करोड़ और Amundi को ₹4,330-4,400 करोड़ मिलने का अनुमान है।
5. किस निवेशक के लिए कितना रिजर्व?
- QIB: 50%
- रिटेल निवेशक: 35%
- NII: 15%
इसके अलावा:
- SBI के मौजूदा शेयरधारकों के लिए लगभग 1.3 करोड़ शेयर रिजर्व।
- पात्र कर्मचारियों के लिए ₹170 करोड़ का कोटा।
- कर्मचारियों को ₹54 प्रति शेयर की छूट मिलेगी, जबकि SBI शेयरधारकों को कोई डिस्काउंट नहीं मिलेगा।
6. ग्रे मार्केट क्या संकेत दे रहा है?
ग्रे मार्केट में SBI Funds Management के शेयर अपर प्राइस बैंड ₹574 के मुकाबले लगभग 17.42% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) केवल बाजार की धारणा दिखाता है और लिस्टिंग प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता।
7. लिस्टिंग के बाद शेयरहोल्डिंग कैसी होगी?
IPO के बाद:
- SBI की हिस्सेदारी: 61.76% से घटकर 55.46%
- Amundi India Holding: 36.26% से घटकर 32.56%
8. कंपनी की वित्तीय स्थिति
अप्रैल-दिसंबर 2025
- मुनाफा: ₹2,432.9 करोड़ (25.9% वृद्धि)
- रेवेन्यू: ₹3,250.6 करोड़ (23% वृद्धि)
वित्त वर्ष 2025
- शुद्ध मुनाफा: ₹2,540.2 करोड़ (22.5% वृद्धि)
- रेवेन्यू: ₹3,597.8 करोड़ (33.7% वृद्धि)
कंपनी की मजबूत कमाई इसकी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाती है।
9. बुक रनिंग लीड मैनेजर और रजिस्ट्रार
इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं:
- Kotak Mahindra Capital
- Axis Capital
- Jefferies India
- ICICI Securities
- HSBC Securities & Capital Markets
- Motilal Oswal Investment Advisors
- JM Financial
- SBI Capital Markets
- BofA Securities
रजिस्ट्रार: KFin Technologies Ltd.
10. निवेश से पहले जानें प्रमुख जोखिम
IPO में निवेश से पहले इन जोखिमों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
- SEBI के नियमों में बदलाव से AMC की फीस और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
- Jio BlackRock और नए डिस्काउंट ब्रोकर्स से प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
- कंपनी की कमाई शेयर बाजार के प्रदर्शन पर काफी निर्भर करती है।
- पैसिव फंड्स की बढ़ती लोकप्रियता से फीस आधारित आय पर दबाव आ सकता है।
- कंपनी के AUM का लगभग 32% हिस्सा पैसिव फंड्स में है, जहां फीस अपेक्षाकृत कम होती है।
- SBI को दी जाने वाली रॉयल्टी भविष्य में मार्जिन पर असर डाल सकती है।
क्या निवेशकों की नजर इस IPO पर रहेगी?
SBI Funds Management देश की सबसे बड़ी और सबसे भरोसेमंद एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, बड़े ब्रांड और बाजार में नेतृत्व इसकी प्रमुख ताकत हैं। वहीं बढ़ती प्रतिस्पर्धा, रेगुलेटरी जोखिम और बाजार पर निर्भरता ऐसे पहलू हैं जिन्हें निवेशकों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी IPO या शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


