Highlights
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी में बनेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी मिसाइल और प्रोपेलेंट निर्माण इकोसिस्टम।
- 5 जुलाई को जीत अदाणी करेंगे परियोजना का शिलान्यास।
- रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम।
- अत्याधुनिक मिसाइल, प्रोपेलेंट और रक्षा तकनीक के निर्माण पर रहेगा फोकस।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार और डिफेंस सप्लाई चेन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।
मध्य प्रदेश में बनेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्राइवेट मिसाइल इकोसिस्टम
भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी निजी मिसाइल और प्रोपेलेंट निर्माण इकाई स्थापित करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास 5 जुलाई को कंपनी के निदेशक जीत अदाणी करेंगे।
यह परियोजना केवल एक नया औद्योगिक निवेश नहीं है, बल्कि भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की राष्ट्रीय रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। इससे देश में अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को मिलेगा बड़ा समर्थन
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस पहले से ही भारत के निजी रक्षा विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप रक्षा उत्पादन क्षमता का लगातार विस्तार कर रही है।
शिवपुरी में बनने वाला यह मिसाइल इकोसिस्टम आधुनिक तकनीक से लैस होगा, जहां मिसाइल सिस्टम, प्रोपेलेंट और अन्य उन्नत रक्षा उपकरणों के निर्माण की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे भारत वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।
उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश में बड़ा विस्तार
अदाणी डिफेंस ने वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश में गोला-बारूद और मिसाइल निर्माण के दो बड़े संयंत्र शुरू किए थे। लगभग 500 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया था।
उस परियोजना का उद्देश्य 4,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना तथा स्थानीय डिफेंस सप्लाई चेन को मजबूत बनाना था। अब शिवपुरी की नई परियोजना से भी रोजगार, औद्योगिक विकास और रक्षा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
आधुनिक रक्षा तकनीकों पर रहेगा फोकस
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस पिछले कुछ वर्षों में अपने रक्षा पोर्टफोलियो का तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी वर्तमान में कई अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों पर काम कर रही है, जिनमें शामिल हैं—
- अनमैन्ड एरियल सिस्टम (UAS)
- स्मार्ट वेपन सिस्टम
- एडवांस्ड गोला-बारूद
- एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस और रिपेयर
- मिसाइल एवं प्रोपेलेंट निर्माण
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए इकोसिस्टम से भारत की घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता और निर्यात संभावनाओं दोनों को मजबूती मिलेगी।
मध्य प्रदेश को भी मिलेगा बड़ा औद्योगिक लाभ
शिवपुरी में बनने वाली यह परियोजना केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश, नई नौकरियों और सहायक उद्योगों के विकास को भी गति मिलने की संभावना है। स्थानीय MSME कंपनियों को डिफेंस सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ने से भारत रक्षा निर्माण के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन सकता है। यदि शिवपुरी परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो यह न केवल देश की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी बल्कि भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
5 जुलाई को होने वाला शिलान्यास इसी बड़े विजन की शुरुआत माना जा रहा है, जिसके जरिए भारत आधुनिक रक्षा तकनीकों के घरेलू उत्पादन में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर होगा।


