Highlights
- सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद।
- आईटी सेक्टर में करीब 5% की जोरदार तेजी, चार दिन की गिरावट टूटी।
- कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट।
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का माहौल रहा।
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार (2 जुलाई) को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। लगातार दूसरे कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में खरीदारी देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर नरम टिप्पणियां और आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार की धारणा को बेहतर बनाया।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75 फीसदी की तेजी के साथ 77,502.12 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 169.85 अंक यानी 0.71 फीसदी चढ़कर 24,175.70 के स्तर पर बंद हुआ।
हालांकि विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये पर दबाव बना रहा। रुपया 15 पैसे कमजोर होकर 95.39 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.24 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
बाजार में चौतरफा खरीदारी
गुरुवार के कारोबारी सत्र में बाजार का व्यापक रुख सकारात्मक रहा। बीएसई पर कारोबार करने वाले लगभग 2,436 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,663 शेयरों में गिरावट रही। करीब 165 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। इससे साफ है कि बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती
निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे—
- इंफोसिस
- टीसीएस
- टेक महिंद्रा
- एचसीएल टेक्नोलॉजीज
- बजाज फिनसर्व
इन कंपनियों में मजबूत खरीदारी की वजह से आईटी सेक्टर ने पूरे बाजार का नेतृत्व किया।
वहीं सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे—
- मैक्स हेल्थकेयर
- एलएंडटी
- नेस्ले इंडिया
- एक्सिस बैंक
- टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स
आईटी सेक्टर बना बाजार का स्टार
गुरुवार के कारोबार में सबसे ज्यादा चमक आईटी सेक्टर में देखने को मिली। आईटी इंडेक्स करीब 5 फीसदी तक उछल गया। इसके साथ ही पिछले चार कारोबारी दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला भी टूट गया।
विश्लेषकों के अनुसार, आईटी शेयरों में शॉर्ट कवरिंग के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। भारतीय आईटी कंपनियों के लिए आने वाले समय में एंटरप्राइज AI बड़ा अवसर माना जा रहा है।
अन्य सेक्टर्स का प्रदर्शन
आईटी के अलावा कई अन्य सेक्टरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
- ऑटो इंडेक्स में करीब 1% की तेजी।
- रियल्टी सेक्टर में मजबूत बढ़त।
- कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में तेजी।
- मेटल शेयरों में भी लगभग 1% की मजबूती।
हालांकि कुछ सेक्टर दबाव में रहे।
- कैपिटल गुड्स इंडेक्स में गिरावट।
- पावर सेक्टर कमजोर रहा।
- टेलीकॉम इंडेक्स फिसला।
- पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.4% से 0.7% तक की कमजोरी रही।
इस दौरान निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.5 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 1.2 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।
कच्चे तेल की नरमी से मिला सहारा
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने से महंगाई और आयात बिल पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ती है। यही वजह रही कि निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और बाजार में खरीदारी देखने को मिली।
क्या बोले विनोद नायर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर अपेक्षाकृत नरम रुख ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इससे भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ।
उन्होंने कहा कि आईटी सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। शॉर्ट कवरिंग के अलावा इस बात को लेकर भी निवेशकों का विश्वास बढ़ा है कि भारतीय आईटी कंपनियां एंटरप्राइज AI अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।
आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
विश्लेषकों के अनुसार आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा कई अहम घटनाओं से तय होगी, जिनमें शामिल हैं—
- अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के आंकड़े।
- भारत-जापान शिखर सम्मेलन से जुड़ी घोषणाएं।
- कंपनियों के Q1 FY27 तिमाही नतीजों की शुरुआत।
- वैश्विक ब्याज दरों और कच्चे तेल की चाल।
यदि इन मोर्चों पर सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो घरेलू बाजार में तेजी का रुख आगे भी जारी रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। NewsJagran किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


