Share Market Closed: लगातार दबाव के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने दमदार वापसी की। सेंसेक्स 443.97 अंक चढ़कर 76,922.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 140.10 अंक की तेजी के साथ 24,005.85 के स्तर पर पहुंच गया। रियल्टी, FMCG और मीडिया सेक्टर में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली, जबकि आईटी शेयरों पर दबाव बना रहा।
Highlights
- सेंसेक्स 443.97 अंक चढ़कर 76,922.64 पर बंद
- निफ्टी 140.10 अंक उछलकर 24,005.85 के पार पहुंचा
- रियल्टी इंडेक्स में 3% और FMCG-मीडिया में 2% की तेजी
- आईटी और मेटल सेक्टर में बिकवाली जारी
- रुपया डॉलर के मुकाबले 58 पैसे टूटकर 95.24 पर बंद
शेयर बाजार में लौटे खरीदार
नई दिल्ली। कई कारोबारी सत्रों की कमजोरी के बाद बुधवार, 1 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिली। दिनभर खरीदारी का माहौल बना रहा और कारोबार के अंत में दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।
BSE सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 पर बंद हुआ। वहीं NSE निफ्टी 50 140.10 अंक यानी 0.59% चढ़कर 24,005.85 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही। NSE पर 2,158 शेयरों में तेजी, 1,935 शेयरों में गिरावट और 165 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी
निफ्टी में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे—
- Eternal (पूर्व में Zomato)
- Adani Enterprises
- Nestle India
- Hindustan Unilever (HUL)
- Asian Paints
वहीं गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे—
- HCL Technologies
- Tech Mahindra
- TCS
- Hindalco Industries
- Tata Steel
सेक्टरवार कैसा रहा प्रदर्शन?
बुधवार के कारोबार में अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए।
- रियल्टी इंडेक्स: लगभग 3% की शानदार बढ़त
- FMCG इंडेक्स: करीब 2% की तेजी
- मीडिया इंडेक्स: लगभग 2% उछला
- ऑटो इंडेक्स: करीब 1% मजबूत
- PSU बैंक इंडेक्स: लगभग 1% बढ़त
हालांकि कुछ सेक्टरों में कमजोरी बनी रही।
- आईटी इंडेक्स: लगभग 2% की गिरावट
- मेटल इंडेक्स: करीब 1% फिसला
- फार्मा इंडेक्स: लगभग 0.5% कमजोर रहा
इसके अलावा निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स दोनों में करीब 0.4% की बढ़त दर्ज की गई।
BSE पर कुल 2,283 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,991 शेयरों में गिरावट रही। 173 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
रुपये में आई बड़ी कमजोरी
शेयर बाजार की तेजी के बावजूद भारतीय मुद्रा पर दबाव देखने को मिला। बुधवार को रुपया 58 पैसे टूटकर 95.24 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले मंगलवार को रुपया 94.66 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
एक्सपर्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में घरेलू बाजार के लिए कई सकारात्मक संकेत उभर रहे हैं। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की उम्मीद, मध्य-पूर्व में तनाव कम होना और कच्चे तेल की कीमतों का स्थिर रहना बाजार के लिए सहायक कारक हैं।
उनका कहना है कि हालिया तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक स्तर पर देखने को मिली। विशेष रूप से लार्ज-कैप शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। हालांकि आगे की दिशा घरेलू आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक घटनाक्रम और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेशी निवेशकों (FPI) की खरीदारी जारी रहती है और वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख आगे भी देखने को मिल सकता है। हालांकि निवेशकों को आईटी और मेटल सेक्टर में अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। NewsJagran किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


