नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक कथित अखबार की कटिंग और ग्राफिक तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और केनरा बैंक के विलय (Merger) को मंजूरी दे दी है और जल्द ही देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक बनने जा रहा है।
लेकिन यह दावा पूरी तरह फर्जी निकला है। सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इस वायरल पोस्ट का खंडन करते हुए इसे मनगढ़ंत और भ्रामक बताया है।
हाईलाइट्स
- सोशल मीडिया पर SBI, PNB और केनरा बैंक के विलय का दावा वायरल।
- PIB Fact Check ने बताया दावा पूरी तरह फर्जी।
- सरकार ने कहा- ऐसा कोई प्रस्ताव मंजूर नहीं किया गया।
- वायरल तस्वीर किसी असली अखबार या आधिकारिक सूचना का हिस्सा नहीं।
- बैंकिंग संबंधी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
क्या है वायरल दावा?
सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीर में दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने SBI, PNB और Canara Bank के विलय को मंजूरी दे दी है। ग्राफिक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह किसी प्रतिष्ठित अखबार की खबर जैसा दिखाई देता है, जिससे लोग आसानी से भ्रमित हो सकते हैं।
दावे में कहा गया कि तीनों सरकारी बैंकों को मिलाकर देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बनाया जाएगा।
PIB Fact Check ने क्या कहा?
An image circulating on social media platforms falsely claims that the Government has approved the merger of Punjab National Bank (PNB), Canara Bank, and State Bank of India (SBI).#PIBFactCheck
❌ This claim is #FAKE.
✅ The Government of India has NOT approved any proposal… pic.twitter.com/0A7gJZznHT
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 29, 2026 PIB Fact Check ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया कि वायरल हो रही तस्वीर पूरी तरह फर्जी है।
फैक्ट-चेक यूनिट के अनुसार:
- सरकार ने SBI, PNB और Canara Bank के विलय के किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है।
- वायरल ग्राफिक किसी वास्तविक समाचार पत्र की रिपोर्ट नहीं है।
- यह तस्वीर केवल लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
PIB ने लोगों से अपील की कि बैंकिंग या सरकारी फैसलों से जुड़ी किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें।
सरकार ने क्यों जारी किया स्पष्टीकरण?
हाल के महीनों में सोशल मीडिया पर सरकारी योजनाओं, बैंकिंग नियमों और वित्तीय फैसलों से जुड़े फर्जी पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं।
ऐसे भ्रामक दावों के कारण लोगों में भ्रम पैदा होता है। इसी वजह से PIB Fact Check समय-समय पर वायरल दावों की जांच कर उनका सच सामने लाता है।
सही जानकारी कहां से लें?
अगर बैंकिंग या सरकारी फैसलों से जुड़ी कोई बड़ी खबर सामने आती है तो उसकी पुष्टि हमेशा इन आधिकारिक स्रोतों से करें:
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट
- PIB Fact Check के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट
- संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट और प्रेस विज्ञप्ति
लोगों को क्या सलाह दी गई?
PIB Fact Check ने नागरिकों से कहा है कि:
- सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी पोस्ट को बिना जांचे साझा न करें।
- बैंकिंग से जुड़ी खबरों की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करें।
- यदि कोई संदिग्ध सरकारी दावा दिखाई दे तो उसकी जानकारी @PIBFactCheck को दें।
- फर्जी खबरों से बचें और दूसरों को भी जागरूक करें।
निष्कर्ष
SBI, PNB और Canara Bank के विलय को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। केंद्र सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है और न ही किसी विलय प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसलिए इस तरह की वायरल पोस्ट पर भरोसा करने के बजाय हमेशा आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।


