नई दिल्ली। देश की प्रमुख सीमेंट कंपनियों में शामिल Dalmia Bharat ने आने वाले वर्षों के लिए बड़ा विस्तार रोडमैप तैयार किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2030-31 तक अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 11 से 13 करोड़ टन प्रति वर्ष (MTPA) करने का लक्ष्य रखा है। इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरा करने के लिए कंपनी 4,000 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने की तैयारी में है।
हाल ही में कंपनी ने Jaiprakash Associates (जेपी एसोसिएट्स) की मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश स्थित सीमेंट परिसंपत्तियों के अधिग्रहण का समझौता किया है। इसके बाद डालमिया भारत का विस्तार अभियान और तेज हो गया है।
2031 तक 13 करोड़ टन क्षमता का लक्ष्य
कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में डालमिया भारत की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता करीब 4.95 करोड़ टन सालाना है। कंपनी पहले चरण में इसे बढ़ाकर 7.5 करोड़ टन तक पहुंचाना चाहती है। इसके बाद अगले चरण में 2030-31 तक 11-13 करोड़ टन क्षमता हासिल करने की योजना है।
कंपनी का मानना है कि भारत में बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च, निजी निवेश, शहरीकरण और आवास क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण सीमेंट की खपत अगले कुछ वर्षों में 6-7 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ सकती है। इसी संभावित मांग को देखते हुए विस्तार की रणनीति तैयार की गई है।
4,000 करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी
डालमिया भारत अपनी विस्तार योजनाओं को वित्तीय मजबूती देने के लिए आगामी एजीएम में शेयरधारकों से 4,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी मांगेगी। कंपनी यह राशि विभिन्न माध्यमों से जुटा सकती है, जिनमें शामिल हैं:
- इक्विटी शेयर
- क्यूआईपी (Qualified Institutional Placement)
- जीडीआर (Global Depository Receipts)
- एडीआर (American Depository Receipts)
- एफसीसीबी (Foreign Currency Convertible Bonds)
- परिवर्तनीय डिबेंचर और अन्य प्रतिभूतियां
इस पूंजी का उपयोग नए प्रोजेक्ट, क्षमता विस्तार, कर्ज भुगतान, कार्यशील पूंजी और सहायक कंपनियों में निवेश के लिए किया जाएगा।
दूसरे चरण में 6,800 करोड़ रुपये का निवेश
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ Puneet Dalmia और प्रबंध निदेशक Gautam Dalmia ने बताया कि दूसरे चरण की विस्तार योजना के तहत बेलगावी, पुणे और कडप्पा में कुल 1.2 करोड़ टन अतिरिक्त क्षमता जोड़ने के लिए 6,800 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की घोषणा की जा चुकी है।
इसके अलावा दक्षिण भारत में पकड़ मजबूत करने के लिए चेन्नई के पास एक नया बल्क टर्मिनल भी विकसित किया जा रहा है।
JP Associates के प्लांट की 2,850 करोड़ रुपये में खरीद
डालमिया भारत ने हाल ही में जयप्रकाश एसोसिएट्स की मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश स्थित सीमेंट इकाइयों के अधिग्रहण के लिए 2,850 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर समझौता किया है। इस सौदे से कंपनी की उत्तरी और मध्य भारत में मौजूदगी मजबूत होगी और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सीमेंट उद्योग के जानकारों का मानना है कि यह अधिग्रहण डालमिया भारत को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वित्तीय प्रदर्शन भी रहा मजबूत
वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए रिकॉर्ड प्रदर्शन वाला साल रहा। इस दौरान:
- राजस्व 6% बढ़कर 14,804 करोड़ रुपये पहुंचा
- शुद्ध लाभ 65% बढ़कर 1,157 करोड़ रुपये रहा
- कर पूर्व आय (PBT) 3,083 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
मजबूत वित्तीय नतीजों के कारण कंपनी के पास विस्तार योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की क्षमता बनी हुई है।
सीमेंट उद्योग में किसकी कितनी क्षमता?
वर्तमान में भारत में केवल दो सीमेंट कंपनियों की उत्पादन क्षमता 10 करोड़ टन सालाना से अधिक है।
| कंपनी | उत्पादन क्षमता |
|---|---|
| UltraTech Cement | 20.55 करोड़ टन |
| Ambuja Cements | 10.9 करोड़ टन |
| Dalmia Bharat | 4.95 करोड़ टन |
यदि डालमिया भारत अपनी योजना के अनुसार 13 करोड़ टन क्षमता हासिल कर लेती है, तो वह देश की शीर्ष सीमेंट कंपनियों में और मजबूत स्थिति में पहुंच जाएगी।
सीमेंट सेक्टर में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, हाईवे, रेलवे, औद्योगिक कॉरिडोर और हाउसिंग सेक्टर में निवेश बढ़ने से सीमेंट उद्योग के लिए दीर्घकालिक संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। ऐसे में डालमिया भारत का आक्रामक विस्तार यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में भारतीय सीमेंट बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)


