नई दिल्ली: आयकर रिटर्न (ITR) फाइलिंग सीजन के बीच टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 (AY 2026-27) के लिए ITR-3 फॉर्म की यूटिलिटी जारी कर दी है। इसके साथ ही बिजनेस, प्रोफेशन और शेयर बाजार में सक्रिय ट्रेडर्स अब अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
इससे पहले विभाग ITR-1, ITR-2 और ITR-4 की यूटिलिटी जारी कर चुका था। अब जटिल आय स्रोत वाले करदाताओं के लिए भी रिटर्न फाइलिंग का रास्ता साफ हो गया है। खासकर वे लोग जो बिजनेस चलाते हैं, फ्रीलांसिंग करते हैं, F&O ट्रेडिंग करते हैं या किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, उनके लिए यह फॉर्म बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
क्या है ITR-3 फॉर्म?
Kind Attention Taxpayers!
Online filing and Excel Utility for ITR-3 for A.Y. 2026–27 is now enabled on the e-Filing portal.https://t.co/1vnMusEbbF pic.twitter.com/oxcmvyAEIi
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) June 19, 2026 ITR-3 एक ऐसा आयकर रिटर्न फॉर्म है जिसे उन व्यक्तियों (Individuals) और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) के लिए तैयार किया गया है जिनकी आय का स्रोत बिजनेस या प्रोफेशन होता है। ऐसे करदाता जिन्हें अपने खातों का नियमित रिकॉर्ड रखना पड़ता है, वे इस फॉर्म के जरिए आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं।
किन लोगों के लिए जरूरी है ITR-3?
1. बिजनेस या प्रोफेशन से आय कमाने वाले
यदि आप किसी प्रोपराइटरशिप बिजनेस के मालिक हैं या डॉक्टर, वकील, सीए, आर्किटेक्ट, कंसल्टेंट या फ्रीलांसर के रूप में काम करते हैं, तो आपको ITR-3 भरना होगा।
2. F&O और इंट्राडे ट्रेडर्स
शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) या इंट्राडे ट्रेडिंग से होने वाली आय को बिजनेस इनकम माना जाता है। ऐसे निवेशकों के लिए ITR-3 अनिवार्य है।
3. पार्टनरशिप फर्म के पार्टनर
यदि किसी फर्म से आपको सैलरी, बोनस, कमीशन या ब्याज प्राप्त होता है, तो ITR-3 फाइल करना होगा।
4. कंपनी डायरेक्टर और अनलिस्टेड शेयरधारक
किसी कंपनी में डायरेक्टर होने या अनलिस्टेड इक्विटी शेयर रखने वाले व्यक्तियों को भी ITR-3 का उपयोग करना पड़ता है।
5. क्रिप्टो निवेशक
यदि आपने क्रिप्टोकरेंसी या अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) में ट्रेडिंग कर लाभ या हानि अर्जित की है, तो इसकी जानकारी ITR-3 में देनी होगी।
6. उच्च आय वाले करदाता
जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है और उसमें बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम शामिल है, उन्हें भी यह फॉर्म भरना होगा।
कौन नहीं भर सकता ITR-3?
कुछ करदाता ऐसे हैं जिनके लिए ITR-3 लागू नहीं होता।
- जिनकी कोई बिजनेस या प्रोफेशनल आय नहीं है।
- केवल वेतन, पेंशन या अन्य साधारण स्रोतों से आय पाने वाले व्यक्ति।
- प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम का लाभ लेकर ITR-4 भरने वाले छोटे कारोबारी और पेशेवर।
हालांकि, यदि कोई करदाता विस्तृत जानकारी देना चाहता है तो वह स्वेच्छा से ITR-3 का विकल्प चुन सकता है।
AY 2026-27 के लिए ITR-3 में क्या बदला?
आयकर विभाग ने इस बार पारदर्शिता बढ़ाने और रिपोर्टिंग को मजबूत करने के लिए कई बदलाव किए हैं।
अतिरिक्त पता और संपर्क विवरण
अब करदाता अपने मुख्य पते के अलावा एक वैकल्पिक पता, अतिरिक्त मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी दर्ज कर सकेंगे।
F&O और इंट्राडे ट्रेडिंग की अलग रिपोर्टिंग
शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों को अब इंट्राडे और F&O से होने वाले लाभ या नुकसान को अलग-अलग दिखाना होगा। इससे रिपोर्टिंग अधिक स्पष्ट होगी।
राजनीतिक दल को दिए गए चंदे की जानकारी
धारा 80GGC के तहत टैक्स छूट का दावा करने वाले करदाताओं को अब संबंधित राजनीतिक दल का नाम और PAN नंबर देना अनिवार्य होगा।
दान पर टैक्स छूट के लिए अतिरिक्त विवरण
धारा 80G के तहत दान पर छूट लेने वालों को भुगतान का ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर, बैंक विवरण और IFSC कोड दर्ज करना होगा।
विदेशी खातों की आय की रिपोर्टिंग
विदेशी रिटायरमेंट बेनिफिट अकाउंट से आय प्राप्त करने वाले करदाता अब ITR-1 या ITR-4 नहीं भर पाएंगे। उन्हें ITR-2 या ITR-3 का उपयोग करना होगा।
ITR-3 फाइल करने की अंतिम तारीख
आयकर विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग डेडलाइन तय की है।
| श्रेणी | अंतिम तिथि |
|---|---|
| नॉन-ऑडिट केस | 31 अगस्त 2026 |
| ऑडिट केस | 31 अक्टूबर 2026 |
करदाताओं को सलाह दी जाती है कि अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते रिटर्न फाइल कर लें ताकि किसी तकनीकी समस्या या पेनल्टी से बचा जा सके।
क्यों अहम है यह अपडेट?
ITR-3 यूटिलिटी जारी होने से लाखों ऐसे करदाताओं को राहत मिली है जिनकी आय केवल वेतन तक सीमित नहीं है। बिजनेस, प्रोफेशन, शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो निवेश और अन्य जटिल आय स्रोतों वाले लोगों के लिए अब रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए रिपोर्टिंग नियमों के कारण इस बार करदाताओं को अपने दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। सही जानकारी के साथ समय पर ITR फाइल करने से नोटिस, जुर्माना और भविष्य की टैक्स संबंधी परेशानियों से बचा जा सकता है।
निष्कर्ष
AY 2026-27 के लिए ITR-3 फॉर्म की यूटिलिटी जारी होना उन लाखों करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण कदम है जो बिजनेस या प्रोफेशन से आय अर्जित करते हैं। यदि आप F&O ट्रेडर, फ्रीलांसर, कंपनी डायरेक्टर, पार्टनर या क्रिप्टो निवेशक हैं, तो यह फॉर्म आपके लिए जरूरी हो सकता है। ऐसे में समय रहते सभी दस्तावेज तैयार कर सही श्रेणी में रिटर्न दाखिल करना समझदारी होगी।


