नई दिल्ली। शुक्रवार, 19 जून 2026 को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव में कमी का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। इसके चलते सोने और चांदी दोनों के भाव नरम पड़े हैं।
हाल के महीनों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। वहीं चांदी भी अपने उच्च स्तर से नीचे फिसल गई है। ऐसे में निवेशक और ज्वेलरी खरीदने वाले दोनों ही मौजूदा कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं।
24 कैरेट सोना ₹1.49 लाख के करीब
ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना कई शहरों में ₹1.46 लाख से ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव ₹1.34 लाख के आसपास बना हुआ है। 18 कैरेट गोल्ड की कीमत भी गिरावट के साथ ₹1.09 लाख से ₹1.10 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में पहुंच गई है।
दूसरी ओर चांदी के दाम भी नरम हुए हैं और यह लगभग ₹2.30 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।
प्रमुख शहरों में सोने-चांदी का भाव
| शहर | 24K सोना (10 ग्राम) | 22K सोना (10 ग्राम) | 18K सोना (10 ग्राम) | चांदी (1 किलो) |
|---|---|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹146,250 | ₹134,063 | ₹109,688 | ₹230,210 |
| मुंबई | ₹146,500 | ₹134,292 | ₹109,875 | ₹230,610 |
| पटना | ₹146,430 | ₹134,228 | ₹109,823 | ₹230,480 |
| जयपुर | ₹146,480 | ₹134,273 | ₹109,860 | ₹230,570 |
| कानपुर | ₹146,420 | ₹134,218 | ₹109,815 | ₹230,570 |
| लखनऊ | ₹146,420 | ₹134,218 | ₹109,815 | ₹230,570 |
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतों में आई ताजा गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं।
1. अमेरिकी डॉलर की मजबूती
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर सोने की मांग कम हो जाती है, जिससे कीमतों पर दबाव आता है।
2. फेडरल रिजर्व का सख्त रुख
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने के संकेत दिए गए हैं। ऊंची ब्याज दरें सोने जैसे गैर-ब्याज वाले निवेश को कम आकर्षक बनाती हैं।
3. वैश्विक तनाव में कमी
अमेरिका और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव में नरमी आने के बाद निवेशकों की सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग घटी है।
4. मुनाफावसूली का दबाव
रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली की है, जिससे कीमतों में करेक्शन देखने को मिला है।
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोने में हर गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है। हालांकि अल्पकाल में वैश्विक आर्थिक संकेतों, डॉलर इंडेक्स और केंद्रीय बैंकों की नीतियों के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए भी वर्तमान गिरावट राहत लेकर आई है। यदि आने वाले दिनों में कीमतें और नीचे आती हैं तो त्योहार और शादी सीजन से पहले खरीदारी बढ़ सकती है।
आगे क्या रहेगा रुझान?
विश्लेषकों का कहना है कि यदि अमेरिकी डॉलर मजबूत बना रहता है और वैश्विक तनाव में और कमी आती है तो सोने और चांदी पर दबाव जारी रह सकता है। वहीं किसी नए भू-राजनीतिक संकट या आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति में कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।
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