नई दिल्ली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के फैसले के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई। हालांकि शुरुआती कारोबार में निफ्टी और सेंसेक्स ने कुछ रिकवरी दिखाई, लेकिन निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के बावजूद वैश्विक संकेत मिश्रित रहने से घरेलू बाजारों में दबाव देखने को मिला।
सुबह के कारोबार में निफ्टी 50 करीब 12 अंकों की गिरावट के साथ 23,073 के स्तर पर खुला, जबकि सेंसेक्स लगभग 70 अंक कमजोर होकर 77,088 के आसपास कारोबार करता दिखा। निवेशक अब फेड चेयरमैन के बयान और आगे की ब्याज दरों की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं।
फेड ने ब्याज दरों को रखा स्थिर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने अपनी ताजा बैठक में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रखने का फैसला किया। फेड का मानना है कि महंगाई अभी भी लक्ष्य स्तर से ऊपर बनी हुई है, जबकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में है। ऐसे में केंद्रीय बैंक ने फिलहाल किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचने का संकेत दिया है।
फेड के इस फैसले का असर वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिला और भारतीय निवेशकों ने भी सतर्क रुख अपनाया।
निफ्टी में ये शेयर रहे टॉप गेनर
शुरुआती कारोबार में कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में शामिल रहे:
- HDFC Life
- Trent
- Cipla
- Bharat Electronics (BEL)
- SBI Life Insurance
इन शेयरों में निवेशकों की खरीदारी के चलते सकारात्मक रुख दिखाई दिया।
आईटी शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर आईटी सेक्टर में कमजोरी बनी रही। निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल रहे:
- Infosys
- Tech Mahindra
- HCL Technologies
- TCS
- Wipro
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक टेक सेक्टर की सुस्ती का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ रहा है।
इन शेयरों में दिख रहा खास एक्शन
कॉर्पोरेट घटनाक्रम और ताजा खबरों के चलते कुछ शेयर निवेशकों के रडार पर बने हुए हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- RVNL
- HFCL
- Lemon Tree Hotels
- Balkrishna Industries
- Lupin
- Corona Remedies
- Finolex Industries
इन कंपनियों से जुड़ी खबरों और कारोबारी अपडेट्स के कारण इनके शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार फिलहाल वैश्विक संकेतों, अमेरिकी ब्याज दरों और विदेशी निवेशकों के रुख पर नजर रखे हुए है। ऐसे में निकट अवधि में बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के फंडामेंटल और बाजार की परिस्थितियों का मूल्यांकन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


