रेलवे सेक्टर की प्रमुख PSU कंपनी Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) को ईस्ट कोस्ट रेलवे से करीब ₹968 करोड़ का बड़ा वर्क ऑर्डर मिला है। लंबे समय से दबाव में चल रहे कंपनी के शेयरों के लिए यह खबर राहत लेकर आई है। पिछले छह महीनों में RVNL के शेयर 37% तक टूट चुके हैं, लेकिन नए ऑर्डर के बाद निवेशकों की नजर एक बार फिर इस रेलवे स्टॉक पर टिक गई है।
RVNL को मिला करीब ₹968 करोड़ का ऑर्डर
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि उसे ईस्ट कोस्ट रेलवे से ‘लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस’ (LOA) प्राप्त हुआ है। इस प्रोजेक्ट की कुल कीमत ₹967.92 करोड़ (GST सहित) है।
यह प्रोजेक्ट भद्रक-विजयनगरम सेक्शन में तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण से जुड़ा हुआ है। इसके तहत नेरगुंडी-बारंग (22 किमी) और खुर्दा रोड-विजयनगरम (363 किमी) सेक्शन में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा।
चार बड़ी नदियों पर बनाए जाएंगे स्टील गर्डर पुल
इस प्रोजेक्ट की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता चार प्रमुख नदियों पर आधुनिक ओपन वेब स्टील गर्डर पुलों का निर्माण है। RVNL को निम्न नदियों पर पुल बनाने की जिम्मेदारी मिली है:
- बिरूपा नदी
- महानदी
- काठजोड़ी नदी
- कुआखाई नदी
इन पुलों के निर्माण से रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और माल एवं यात्री ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी।
EPC मोड पर होगा पूरा काम
कंपनी इस प्रोजेक्ट को EPC (Engineering, Procurement and Construction) मोड पर पूरा करेगी। RVNL को इस ऑर्डर को पूरा करने के लिए 1095 दिन यानी लगभग तीन वर्ष का समय दिया गया है।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में सरकार के बढ़ते निवेश को देखते हुए इस तरह के बड़े ऑर्डर RVNL की ऑर्डर बुक को और मजबूत कर सकते हैं।
छह महीने में 37% टूट चुका है RVNL का शेयर
हालांकि कंपनी को बड़ा ऑर्डर मिला है, लेकिन शेयर का हाल पिछले कुछ महीनों में काफी कमजोर रहा है।
- 26 दिसंबर 2025 को RVNL का शेयर ₹387.95 पर था।
- 17 जून 2026 को शेयर ₹245.25 पर बंद हुआ।
- इस अवधि में शेयर करीब 37% गिर गया।
रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के कई शेयरों में हालिया करेक्शन का असर RVNL पर भी देखने को मिला है।
लंबी अवधि में शानदार रिटर्न
शॉर्ट टर्म कमजोरी के बावजूद RVNL ने लंबी अवधि के निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया है।
पिछले 5 वर्षों में कंपनी का शेयर लगभग 685% तक उछला है। रेलवे क्षेत्र में बढ़ते सरकारी निवेश, नई परियोजनाओं और मजबूत ऑर्डर बुक के चलते कंपनी लगातार चर्चा में बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनी को इसी तरह बड़े ऑर्डर मिलते रहे और प्रोजेक्ट समय पर पूरे होते रहे, तो आने वाले समय में शेयरों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों की नजर अब अगले ट्रिगर पर
नया ऑर्डर कंपनी की ऑर्डर बुक को मजबूत करेगा और भविष्य की आय को सपोर्ट देगा। हालांकि शेयर की दिशा केवल एक ऑर्डर से तय नहीं होगी। निवेशक अब कंपनी के तिमाही नतीजों, नए प्रोजेक्ट्स और रेलवे सेक्टर में सरकारी खर्च पर नजर रखेंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


