नई दिल्ली। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी सुज़लॉन एनर्जी (Suzlon Energy) ने भारत के विंड एनर्जी उद्योग में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने कर्नाटक के विजयनगर जिले में देश का सबसे ऊंचा और सबसे शक्तिशाली S175 (5 MW) विंड टर्बाइन स्थापित किया है। 160 मीटर की ऊंचाई वाला यह टर्बाइन न केवल भारत का सबसे बड़ा ऑनशोर विंड टर्बाइन माना जा रहा है, बल्कि इसे देश का पहला FDRE-Ready (Firm and Dispatchable Renewable Energy) टर्बाइन भी बताया गया है।
इस बड़ी उपलब्धि की घोषणा के बाद निवेशकों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सोमवार के कारोबार में सुज़लॉन एनर्जी के शेयर करीब 6 फीसदी तक उछल गए और कंपनी का स्टॉक निवेशकों की नजरों में फिर से चर्चा का विषय बन गया।
शेयर में दिखी जोरदार तेजी
सुज़लॉन की इस उपलब्धि का असर शेयर बाजार में भी दिखाई दिया। कंपनी का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 55.57 रुपये पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 56.01 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान लगभग 6 फीसदी की तेजी के साथ 58.90 रुपये तक पहुंच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की नई तकनीक और बड़े आकार के टर्बाइन भविष्य में ऑर्डर बुक को मजबूत कर सकते हैं, जिसका सकारात्मक असर कारोबार और शेयर प्रदर्शन दोनों पर पड़ सकता है।
भारत का अब तक का सबसे शक्तिशाली विंड टर्बाइन
कंपनी के अनुसार S175 (5 MW) टर्बाइन को 30 वर्षों से अधिक के परिचालन अनुभव और 15.5 GW से ज्यादा स्थापित विंड क्षमता के आधार पर विकसित किया गया है। यह टर्बाइन पहले की तुलना में अधिक ऊर्जा उत्पादन करने में सक्षम है और कम हवा वाले क्षेत्रों में भी बेहतर प्रदर्शन दे सकता है।
सुज़लॉन का कहना है कि यह टर्बाइन भारत के ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) को गति देने के साथ-साथ देश के बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कम हवा वाले इलाकों में भी मिलेगा बेहतर उत्पादन
कंपनी ने बताया कि नई तकनीक से लैस S175 टर्बाइन विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी होगा जहां हवा की गति कम या मध्यम रहती है। इससे पहले ऐसे कई स्थानों को व्यावसायिक रूप से विंड एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता था।
इस नई तकनीक की मदद से अब इन क्षेत्रों में भी बिजली उत्पादन संभव होगा, जिससे पवन ऊर्जा परियोजनाओं का दायरा बढ़ेगा और निवेशकों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया बड़ा कदम
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री Pralhad Joshi ने इस लॉन्च को भारत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि S175 (5 MW) टर्बाइन का लॉन्च देश और दुनिया में विंड एनर्जी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह अगली पीढ़ी की स्वच्छ ऊर्जा तकनीक है, जो भारत को वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी बाजार में और मजबूत स्थिति दिला सकती है।
सुज़लॉन ने बताया क्या होगा फायदा
सुज़लॉन ग्रुप के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन Girish Tanti ने कहा कि इस टर्बाइन की सबसे बड़ी सफलता सिर्फ ज्यादा बिजली उत्पादन नहीं है, बल्कि यह उन साइट्स को भी उपयोगी बना देगा जिन्हें पहले विंड एनर्जी के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता था।
उनके अनुसार इससे देश में पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उपलब्ध भूमि और बाजार का विस्तार होगा तथा प्रोजेक्ट की आर्थिक व्यवहार्यता भी बेहतर बनेगी।
भारत के ग्रीन एनर्जी मिशन को मिलेगा बल
भारत ने वर्ष 2030 तक बड़े स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में सुज़लॉन का यह नया 5 MW टर्बाइन देश की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में अहम भूमिका निभा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े और अधिक दक्ष टर्बाइन भविष्य में बिजली उत्पादन लागत कम करने और ग्रीन एनर्जी क्षमता बढ़ाने में मदद करेंगे।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यहां दी गई शेयर बाजार संबंधी जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


