Highlights
- पीएम किसान की 23वीं किस्त से पहले किसानों को बड़ी राहत
- प्याज का न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य बढ़ाकर ₹1,650 प्रति क्विंटल
- नई दरें 13 जून 2026 से लागू
- सरकार का दावा- किसानों को मिलेगा बेहतर दाम और बढ़ेगी आय
- MSP नहीं होने के बावजूद PSF के तहत होगी सरकारी खरीद
नई दिल्ली। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत भरी घोषणा की है। मोदी सरकार ने प्याज उत्पादक किसानों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्याज का न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (Minimum Assured Procurement Price – MAPP) बढ़ाकर ₹1,650 प्रति क्विंटल कर दिया है। नई दरें 13 जून 2026 से लागू हो गई हैं।
इस फैसले को ऐसे समय में लिया गया है जब देशभर के किसान पीएम किसान योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए खरीद मूल्य से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और बाजार में कीमतों की अनिश्चितता से भी राहत मिलेगी।
क्या है सरकार का नया फैसला?
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि प्याज खरीद व्यवस्था की समीक्षा के बाद सरकार ने किसानों के हित में यह बड़ा फैसला लिया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में बाजार की स्थिति, किसानों की लागत और भंडारण योग्य प्याज की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद सरकार ने न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य को बढ़ाकर ₹1,650 प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया। यह संशोधित दर शुक्रवार, 13 जून से प्रभावी हो चुकी है।
किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
प्याज की कीमतों में अक्सर भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। कई बार उत्पादन बढ़ने पर किसानों को लागत से भी कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ती है। ऐसे हालात में सरकार की खरीद योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है।
नई दर लागू होने के बाद:
- किसानों को पहले से बेहतर मूल्य मिलेगा
- बाजार में कीमत गिरने पर नुकसान कम होगा
- प्याज उत्पादकों की आय बढ़ने की संभावना बनेगी
- सरकारी खरीद व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और कर्नाटक जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों के किसानों को सीधा लाभ पहुंचा सकता है।
प्याज के लिए MSP क्यों नहीं तय होती?
गेहूं, धान और दालों की तरह प्याज के लिए केंद्र सरकार कोई औपचारिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित नहीं करती। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि प्याज जल्दी खराब होने वाली फसल है और इसके भंडारण व खरीद की प्रक्रिया अन्य फसलों की तुलना में अधिक जटिल होती है।
इसी कारण सरकार मूल्य स्थिरीकरण कोष (Price Stabilization Fund – PSF) के माध्यम से न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य पर प्याज खरीदती है। इसका उद्देश्य किसानों को बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
बाजार और उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?
सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ किसानों के हित में नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। जब सरकारी एजेंसियां उचित मात्रा में प्याज खरीदकर भंडारण करती हैं तो बाद में आपूर्ति संकट के दौरान बाजार में स्टॉक जारी किया जा सकता है। इससे कीमतों में अत्यधिक उछाल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
यानी यह फैसला एक तरफ किसानों को बेहतर दाम दिलाएगा तो दूसरी तरफ भविष्य में प्याज की कीमतों को स्थिर रखने में भी मददगार साबित हो सकता है।
PM Kisan की 23वीं किस्त से पहले बड़ी राहत
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। 23वीं किस्त को लेकर देशभर के किसानों में उत्सुकता बनी हुई है। इसी बीच प्याज खरीद मूल्य बढ़ाने का फैसला किसानों के लिए अतिरिक्त राहत माना जा रहा है।
सरकार का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने और बाजार जोखिम कम करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।


