नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के बीच बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। बुधवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 4,703 करोड़ रुपये की तीन बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें दो परियोजनाएं आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती से जुड़ी हैं, जबकि तीसरी परियोजना गुजरात के अहमदाबाद शहर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से संबंधित है।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक प्रशासनिक ढांचा तैयार करना है। इन परियोजनाओं से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
कुल 4,703 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत तीनों परियोजनाओं की कुल लागत 4,703 करोड़ रुपये है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा अमरावती के विकास से जुड़ी परियोजनाओं का है। आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में विकसित किए जा रहे अमरावती में केंद्र सरकार के कार्यालयों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं:
- अहमदाबाद मेट्रो फेज 2ए विस्तार: 2,169 करोड़ रुपये
- सेंट्रल गवर्नमेंट ऑफिस कॉम्प्लेक्स, अमरावती: 1,299 करोड़ रुपये
- सेंट्रल गवर्नमेंट रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, अमरावती: 1,235 करोड़ रुपये
इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, शहरी विकास को गति देना और सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना है।
अहमदाबाद मेट्रो को मिला बड़ा विस्तार
कैबिनेट ने अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2ए को मंजूरी देकर गुजरात की शहरी परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने का रास्ता साफ कर दिया है। यह परियोजना कोटेश्वर रोड को सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ेगी।
करीब छह किलोमीटर लंबे इस नए कॉरिडोर में चार एलिवेटेड स्टेशन और एक भूमिगत स्टेशन बनाया जाएगा। परियोजना को चार वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का मानना है कि इस विस्तार से एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर होगी। परियोजना पूरी होने के बाद अहमदाबाद मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर लगभग 78 किलोमीटर हो जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट कनेक्टिविटी किसी भी बड़े शहर की आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी से ट्रैफिक दबाव कम होगा और यात्रियों को तेज तथा सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
अमरावती में बनेगा केंद्र सरकार का ऑफिस कॉम्प्लेक्स
कैबिनेट ने अमरावती में सेंट्रल गवर्नमेंट जनरल पूल ऑफिस कॉम्प्लेक्स के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 1,299 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यह परिसर लगभग 5.53 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण के बाद केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों को एक आधुनिक और एकीकृत प्रशासनिक ढांचा उपलब्ध होगा।
अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों और विभागों की मौजूदगी बढ़ेगी तथा प्रशासनिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बनेंगे 1,504 आवास
कैबिनेट ने अमरावती में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना की लागत 1,235 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
इस परियोजना के तहत कुल 1,504 आवासीय क्वार्टर बनाए जाएंगे। पूरा आवासीय परिसर लगभग 17 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा। इसका कुल निर्मित क्षेत्रफल 31.3 लाख वर्ग फुट होगा।
सरकार का उद्देश्य अमरावती में तैनात होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराना है। इससे शहर में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अमरावती के विकास को मिलेगा नया बल
अमरावती को लेकर केंद्र सरकार के हालिया फैसले राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। लंबे समय से राजधानी परियोजना को लेकर चल रही अनिश्चितताओं के बीच केंद्र की यह मंजूरी विकास कार्यों को नई गति दे सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी कार्यालयों और आवासीय परिसरों के निर्माण से निजी निवेश आकर्षित होगा। साथ ही निर्माण क्षेत्र, रियल एस्टेट, परिवहन और सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आंध्र प्रदेश सरकार भी लंबे समय से अमरावती को पूर्ण विकसित राजधानी बनाने के लिए केंद्र के सहयोग की मांग करती रही है। ऐसे में यह मंजूरी राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
क्या होगा इन परियोजनाओं का असर?
इन तीनों परियोजनाओं का प्रभाव केवल संबंधित शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। अहमदाबाद मेट्रो विस्तार से शहरी परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, जबकि अमरावती में बनने वाले कार्यालय और आवासीय परिसर प्रशासनिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे।
निर्माण चरण के दौरान हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा सीमेंट, स्टील, इंजीनियरिंग, परिवहन और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों को भी लाभ मिल सकता है।
कुल मिलाकर केंद्र सरकार के ये फैसले बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।


