NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    richest-countries-by-gdp-per-capita-2026
    GDP Per Capita Ranking 2026: अमेरिका भी नहीं टॉप-5 में, जानिए दुनिया के 10 सबसे अमीर देशों की पूरी लिस्ट
    29 मई 2026
    usd-inr-live-chart-dollar-vs-rupee-exchange-rate-hindi
    USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
    29 मई 2026
    india-forex-reserves-fall-rbi-dollar-sale-rupee-pressure
    Forex Reserves News: 3 महीने में रिकॉर्ड हाई से 47 अरब डॉलर नीचे आया भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, क्या रुपये पर बढ़ रहा है दबाव?
    29 मई 2026
    india-critical-minerals-alliance-china-rare-earth-supply-chain
    30+ देशों की ‘क्रिटिकल मिनरल्स फौज’ से टूटेगा चीन का दबदबा? भारत की नई रणनीति बदल सकती है EV और डिफेंस सेक्टर का भविष्य
    29 मई 2026
    nepal-ambassador-recruitment-open-for-citizens-apply-till-5-june
    नेपाल में आम नागरिक भी बन सकेंगे राजदूत! बालेन सरकार का बड़ा फैसला, 5 जून तक मांगे आवेदन; जानिए योग्यता और पूरी प्रक्रिया
    29 मई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-today-may-29-gold-silver-rate-fall-city-wise-price
    Gold Silver Price Today May 29: सोना ₹700 और चांदी ₹1,500 से ज्यादा सस्ती, क्या खरीदारी का सही मौका आ गया?
    29 मई 2026
    crude-oil-price-today
    Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
    28 मई 2026
    png-price-today
    PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
    28 मई 2026
    cng-price-today
    CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
    28 मई 2026
    lpg-price-today
    LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
    28 मई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    vedanta-demerger-arun-mishra-tenure-extension-four-companies-listing-update-hindi
    वेदांता से आई बड़ी खबर, 4 कंपनियों की लिस्टिंग के बीच अरुण मिश्रा का कार्यकाल बढ़ा, CEO पद खत्म
    29 मई 2026
    cmr-green-technologies-ipo-gmp-price-band-review-hindi
    CMR Green IPO: ग्रे मार्केट में मचा रहा धमाल, पहले ही दिन GMP पहुंचा 17% के पार; जानिए निवेश करें या नहीं?
    29 मई 2026
    mukesh-ambani-reliance-sebi-order-cancelled-supreme-court-rs-447-crore-case
    मुकेश अंबानी के लिए बड़ी राहत! सुप्रीम कोर्ट ने Reliance के खिलाफ SEBI का ₹447 करोड़ का आदेश किया रद्द, ₹250 करोड़ लौटाने का भी निर्देश
    29 मई 2026
    vedanta-share-new-52-week-high-icra-rating-upgrade-demerger-target-price-380
    Vedanta Share: डिमर्जर और ICRA रेटिंग अपग्रेड से शेयर ने बनाया नया रिकॉर्ड, क्या ₹380 तक जाएगी रफ्तार?
    29 मई 2026
    gaudium-ivf-q4fy26-results-revenue-profit-growth-ai-expansion-plan
    Gaudium IVF Results: फर्टिलिटी सेक्टर में कंपनी का जलवा, मुनाफे और रेवेन्यू में दर्ज की रिकॉर्ड बढ़त, AI टेक्नोलॉजी और विस्तार योजना से बढ़ीं उम्मीदें
    29 मई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Iran War Impact: 17 खाद जहाज खाड़ी में फंसे, खरीफ सीजन से पहले बढ़ी चिंता; क्या किसानों पर पड़ेगा असर?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Iran War Impact: 17 खाद जहाज खाड़ी में फंसे, खरीफ सीजन से पहले बढ़ी चिंता; क्या किसानों पर पड़ेगा असर?

Namam Sharma
Last updated: 2026/05/29 at 2:08 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
10 Min Read
iran-war-impact-fertilizer-ships-stuck-kharif-season-india
SHARE

जून में पीक पर पहुंचेगी खाद की मांग, सरकार वैकल्पिक रास्तों पर कर रही विचार

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी ईरान युद्ध का असर अब केवल कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों तक सीमित नहीं रह गया है। भारत की कृषि व्यवस्था और खाद आपूर्ति श्रृंखला पर भी इसका दबाव तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि फर्टिलाइजर लेकर भारत आने वाले 17 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से इन जहाजों का भारत पहुंचना अनिश्चित हो गया है।

Contents
जून में पीक पर पहुंचेगी खाद की मांग, सरकार वैकल्पिक रास्तों पर कर रही विचार17 जहाज खाड़ी में फंसे, सरकार तलाश रही नया रास्ताखरीफ सीजन से पहले क्यों बढ़ गई है चिंता?भारत की खाद जरूरतों में आयात की कितनी भूमिका?ईरान युद्ध के बाद कितनी बढ़ चुकी हैं खाद की कीमतें?रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई मुश्किलसरकार का सब्सिडी बिल कितना बढ़ सकता है?क्या रबी सीजन भी हो सकता है प्रभावित?किसानों और बाजार के लिए आगे क्या?निष्कर्ष

चिंता की बात यह है कि जून के मध्य तक खरीफ सीजन के लिए खाद की मांग अपने चरम पर पहुंचने वाली है। ऐसे समय में सप्लाई में देरी किसानों, सरकार और फर्टिलाइजर कंपनियों तीनों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। सरकार अब वैकल्पिक मार्गों पर विचार कर रही है ताकि खाद की उपलब्धता प्रभावित न हो और किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके।

17 जहाज खाड़ी में फंसे, सरकार तलाश रही नया रास्ता

रिपोर्ट्स के अनुसार फर्टिलाइजर विभाग के अधिकारियों ने मंत्रियों के एक अनौपचारिक समूह को बताया है कि भारत आने वाले 17 जहाज वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा जोखिम और जहाजों की आवाजाही पर असर के कारण सामान्य समुद्री मार्ग बाधित हो गया है। सरकार जिस वैकल्पिक योजना पर विचार कर रही है, उसके तहत खाड़ी क्षेत्र के बंदरगाहों से खाद को सड़क मार्ग के जरिए सऊदी अरब के यानबू (Yanbu) बंदरगाह तक पहुंचाया जा सकता है। इसके बाद वहां से जहाजों में लादकर भारत भेजा जाएगा। हालांकि यह विकल्प आसान नहीं है। फारस की खाड़ी के बंदरगाहों से यानबू तक की दूरी लगभग 1,200 किलोमीटर बताई जा रही है। इसके अलावा रेड सी के रास्ते भारत आने में सामान्य मार्ग की तुलना में काफी अधिक समय लगेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैकल्पिक व्यवस्था से शिपिंग लागत बढ़ सकती है और डिलीवरी में 60 से 70 दिनों तक की देरी संभव है।

खरीफ सीजन से पहले क्यों बढ़ गई है चिंता?

भारत में जून और जुलाई का समय कृषि गतिविधियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मानसून के आगमन के साथ ही धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और कई अन्य खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो जाती है। इसी अवधि में किसानों द्वारा यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की सबसे अधिक खरीद की जाती है। फर्टिलाइजर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जून के मध्य तक खाद की मांग पीक स्तर पर पहुंच सकती है। यदि इसी समय आपूर्ति प्रभावित होती है तो कई राज्यों में खाद की उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार उर्वरकों की समय पर उपलब्धता फसल उत्पादन के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी पर्याप्त बारिश। यदि शुरुआती बुवाई के दौरान किसानों को खाद नहीं मिलती तो इसका असर पैदावार पर पड़ सकता है।

भारत की खाद जरूरतों में आयात की कितनी भूमिका?

भारत दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में शामिल है, लेकिन कई प्रमुख उर्वरकों के मामले में अभी भी आयात पर काफी निर्भर है। देश में यूरिया की सालाना खपत लगभग 40 मिलियन टन के आसपास है। इसमें से करीब 8 से 10 मिलियन टन का आयात किया जाता है। हालांकि यूरिया उत्पादन में भारत ने पिछले कुछ वर्षों में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति की है, फिर भी आयात की जरूरत बनी हुई है। डीएपी (DAP) की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। देश की कुल जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है। वहीं पोटाश के मामले में भारत लगभग पूरी तरह विदेशी आपूर्ति पर निर्भर है। एनपीके (NPK) उर्वरकों के लिए भी कच्चे माल और तैयार उत्पादों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आता है। यही कारण है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में कोई भी व्यवधान भारत की खाद उपलब्धता और कीमतों पर सीधा असर डालता है।

ईरान युद्ध के बाद कितनी बढ़ चुकी हैं खाद की कीमतें?

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद वैश्विक उर्वरक बाजार में तेज उछाल देखा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार फरवरी के अंत से अब तक कई प्रमुख उर्वरकों और कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। यूरिया की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में 120 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। डीएपी की कीमत लगभग 38 प्रतिशत बढ़ चुकी है। इसके अलावा सल्फर की कीमत में 87 प्रतिशत और अमोनिया की कीमत में 84 प्रतिशत तक की तेजी आई है। इन कच्चे माल का उपयोग विभिन्न उर्वरकों के निर्माण में किया जाता है। इसलिए इनकी कीमत बढ़ने का सीधा असर फर्टिलाइजर उत्पादन लागत पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबा खिंचता है तो वैश्विक उर्वरक बाजार में और अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई मुश्किल

भारत के लिए समस्या केवल वैश्विक कीमतों तक सीमित नहीं है। डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी ने आयात लागत को और बढ़ा दिया है। जब रुपया कमजोर होता है तो विदेशी मुद्रा में खरीदे जाने वाले उत्पाद भारत के लिए महंगे हो जाते हैं। फर्टिलाइजर आयात भी इसी श्रेणी में आता है। अधिकारियों का अनुमान है कि रुपये की कमजोरी के कारण उर्वरक आयात लागत में लगभग 6 प्रतिशत अतिरिक्त वृद्धि हुई है। इसका सीधा असर सरकारी सब्सिडी और वित्तीय बोझ पर पड़ सकता है।

सरकार का सब्सिडी बिल कितना बढ़ सकता है?

भारत सरकार किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराने के लिए हर साल भारी सब्सिडी देती है। पिछले वित्त वर्ष में फर्टिलाइजर सब्सिडी पर सरकार का खर्च लगभग 2.2 लाख करोड़ रुपये रहा था। लेकिन वैश्विक कीमतों में तेजी और आयात लागत बढ़ने के कारण इस वर्ष यह आंकड़ा काफी ऊपर जा सकता है। अधिकारियों का अनुमान है कि यदि मौजूदा हालात लंबे समय तक बने रहते हैं तो फर्टिलाइजर सब्सिडी बिल 3.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि सरकार को अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था करनी पड़ सकती है ताकि किसानों पर कीमतों का बोझ न पड़े।

क्या रबी सीजन भी हो सकता है प्रभावित?

फर्टिलाइजर विभाग के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यदि ईरान युद्ध लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर केवल खरीफ सीजन तक सीमित नहीं रहेगा। उर्वरकों की आपूर्ति श्रृंखला में लगातार देरी होने की स्थिति में रबी फसलों की बुवाई भी प्रभावित हो सकती है। गेहूं, चना, सरसों और अन्य रबी फसलों के लिए भी पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक आपूर्ति बाधित रहती है तो सरकार को पहले से अधिक रणनीतिक भंडारण और वैकल्पिक आयात स्रोतों पर ध्यान देना होगा।

किसानों और बाजार के लिए आगे क्या?

फिलहाल सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि खरीफ सीजन के दौरान देश में खाद की कोई बड़ी कमी न हो। वैकल्पिक शिपिंग रूट, अतिरिक्त आयात व्यवस्था और सब्सिडी समर्थन जैसे विकल्पों पर तेजी से काम किया जा रहा है। हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक जोखिम बना रहेगा। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान जारी रहता है तो शिपिंग लागत, आयात बिल और सरकारी सब्सिडी पर दबाव बढ़ सकता है। कृषि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह संकट भारत के लिए एक बड़ा संकेत भी है। जिस तरह कच्चे तेल के मामले में ऊर्जा सुरक्षा महत्वपूर्ण है, उसी तरह उर्वरकों के मामले में भी दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता और सप्लाई चेन विविधीकरण की जरूरत बढ़ती जा रही है।

निष्कर्ष

ईरान युद्ध का असर अब केवल तेल बाजार तक सीमित नहीं रहा। भारत की खाद आपूर्ति श्रृंखला पर इसका दबाव स्पष्ट दिखाई देने लगा है। फारस की खाड़ी में फंसे 17 जहाज, बढ़ती वैश्विक कीमतें, कमजोर रुपया और खरीफ सीजन की बढ़ती मांग मिलकर एक जटिल स्थिति पैदा कर रहे हैं। फिलहाल सरकार वैकल्पिक मार्गों और अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर काम कर रही है, लेकिन यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो इसका असर कृषि क्षेत्र, सरकारी वित्त और खाद बाजार तीनों पर देखने को मिल सकता है।

Also Read:

  • Air India Express Sale: आधे किराए पर 50 लाख सीटें! गर्मियों की छुट्टियों में सस्ती हवाई यात्रा का बड़ा मौका, जानिए ऑफर की पूरी डिटेल
  • मुकेश अंबानी ने 6 साल से नहीं ली सैलरी, फिर भी बढ़ती रही दौलत; जानिए हर साल कितने करोड़ की होती है कमाई

You Might Also Like

GDP Per Capita Ranking 2026: अमेरिका भी नहीं टॉप-5 में, जानिए दुनिया के 10 सबसे अमीर देशों की पूरी लिस्ट

USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण

Forex Reserves News: 3 महीने में रिकॉर्ड हाई से 47 अरब डॉलर नीचे आया भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, क्या रुपये पर बढ़ रहा है दबाव?

30+ देशों की ‘क्रिटिकल मिनरल्स फौज’ से टूटेगा चीन का दबदबा? भारत की नई रणनीति बदल सकती है EV और डिफेंस सेक्टर का भविष्य

नेपाल में आम नागरिक भी बन सकेंगे राजदूत! बालेन सरकार का बड़ा फैसला, 5 जून तक मांगे आवेदन; जानिए योग्यता और पूरी प्रक्रिया

TAGGED: Agriculture News, DAP Price, Farmer News, Fertilizer News, Fertilizer Subsidy, Government Policy, Hormuz Strait, Import News, India agriculture, India Economy, Iran War, Kharif season, Middle East Crisis, NewsJagran, Urea Price
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article air-india-express-sale-50-lakh-seats-half-price-offer-2026 Air India Express Sale: आधे किराए पर 50 लाख सीटें! गर्मियों की छुट्टियों में सस्ती हवाई यात्रा का बड़ा मौका, जानिए ऑफर की पूरी डिटेल
Next Article colgate-toothpaste-price-hike-after-petrol-diesel-milk-inflation-impact महंगाई का नया वार: पेट्रोल-डीजल, दूध के बाद अब टूथपेस्ट भी महंगा, कोलगेट ने बढ़ाए दाम; जानिए क्यों बढ़ रही रोजमर्रा की चीजों की कीमत

Recent Posts

  • GDP Per Capita Ranking 2026: अमेरिका भी नहीं टॉप-5 में, जानिए दुनिया के 10 सबसे अमीर देशों की पूरी लिस्ट
  • USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
  • वेदांता से आई बड़ी खबर, 4 कंपनियों की लिस्टिंग के बीच अरुण मिश्रा का कार्यकाल बढ़ा, CEO पद खत्म
  • CMR Green IPO: ग्रे मार्केट में मचा रहा धमाल, पहले ही दिन GMP पहुंचा 17% के पार; जानिए निवेश करें या नहीं?
  • Forex Reserves News: 3 महीने में रिकॉर्ड हाई से 47 अरब डॉलर नीचे आया भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, क्या रुपये पर बढ़ रहा है दबाव?

Recent Comments

  1. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Namam Sharma
  2. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Namam Sharma
  3. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Supriya Singh
  4. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Chaman Singh
  5. Saba (@thewordmuse_) Profile: 1.2M+ Followers वाली Urdu Poetry & Voice Artist Influencer की पूरी कहानी पर Namam Sharma

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • प्रॉपर्टी इन सोहना
  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

Latest News

richest-countries-by-gdp-per-capita-2026
GDP Per Capita Ranking 2026: अमेरिका भी नहीं टॉप-5 में, जानिए दुनिया के 10 सबसे अमीर देशों की पूरी लिस्ट
बिजनेस न्यूज़ 29 मई 2026
usd-inr-live-chart-dollar-vs-rupee-exchange-rate-hindi
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
बिजनेस न्यूज़ 29 मई 2026
vedanta-demerger-arun-mishra-tenure-extension-four-companies-listing-update-hindi
वेदांता से आई बड़ी खबर, 4 कंपनियों की लिस्टिंग के बीच अरुण मिश्रा का कार्यकाल बढ़ा, CEO पद खत्म
शेयर बाज़ार 29 मई 2026
cmr-green-technologies-ipo-gmp-price-band-review-hindi
CMR Green IPO: ग्रे मार्केट में मचा रहा धमाल, पहले ही दिन GMP पहुंचा 17% के पार; जानिए निवेश करें या नहीं?
शेयर बाज़ार 29 मई 2026
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?