NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    reliance-industries-government-contribution-csr-spending-fy26
    Reliance Industries: सरकारी खजाने में पिछले साल रिलायंस ने जोड़े ₹2.16 लाख करोड़, CSR खर्च भी बढ़ा
    28 मई 2026
    us-iran-deal-hormuz-india-oil-relief-economic-crisis-hindi
    US Iran Deal: होर्मुज खुलने से भारत को मिल सकती है तेल राहत की ऑक्सीजन, लेकिन अर्थव्यवस्था का खाली टैंक कैसे भरेगा?
    28 मई 2026
    ril-headcount-reliance-new-hiring-employees-cross-4-lakh-green-energy-jobs
    RIL Headcount: रिलायंस ने पिछले साल की 1 लाख से ज्यादा नई भर्तियां, कर्मचारियों की संख्या 4 लाख के पार
    28 मई 2026
    rupee-vs-yuan-indian-rupee-falls-against-chinese-yuan-import-cost-crisis
    Rupee vs Yuan: चीनी युआन के आगे भी पस्त हुआ रुपया, भारत पर भारी पड़ सकता है बड़ा संकट; बीजिंग को हो रहा बंपर फायदा
    28 मई 2026
    carbon-black-india-ev-industry-export-china-russia
    Carbon Black: EV इंडस्ट्री के इस ‘गुमनाम हीरो’ ने बदल दी भारत की किस्मत, रूस-चीन भी रह गए पीछे
    28 मई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    crude-oil-price-today
    Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
    28 मई 2026
    png-price-today
    PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
    28 मई 2026
    cng-price-today
    CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
    28 मई 2026
    lpg-price-today
    LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
    28 मई 2026
    silver-price-today
    Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
    28 मई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    nomura-buy-rating-tata-steel-jsw-steel-jindal-steel-lloyds-metals-target-price
    Nomura का भारतीय स्टील कंपनियों पर भरोसा, टाटा स्टील समेत 4 शेयरों को दी Buy रेटिंग; टार्गेट देख निवेशकों का बढ़ा उत्साह
    28 मई 2026
    sbi-nippon-icici-mutual-fund-investment-pine-labs-indoco-remedies-share-news
    ₹145 और ₹204 वाले शेयरों में बड़ी खरीदारी, SBI समेत इन 3 म्यूचुअल फंड ने लगाया पैसा; लगभग ₹300 करोड़ का निवेश
    28 मई 2026
    ongc-share-price-pl-capital-accumulate-rating-target-price-rs297-q4fy26
    ONGC Share Price: ब्रोकरेज ने ‘Accumulate’ रेटिंग के साथ दिया नया टारगेट, क्या अभी खरीदना चाहिए शेयर?
    28 मई 2026
    vedanta-limited-icra-aa-plus-rating-demerger-update-hindi-news
    वेदांता लिमिटेड के लिए बड़ी खबर, डीमर्जर और 4 कंपनियों की लिस्टिंग के बीच आया अपडेट; 10 साल बाद मिली खास रेटिंग
    28 मई 2026
    vedanta-demerger-update-anil-agarwal-on-listing-of-four-companies
    ‘विश्व की सबसे बड़ी प्राइवेट एल्युमिनियम कंपनी’ बनने की तैयारी में Vedanta, अनिल अग्रवाल ने 4 कंपनियों की लिस्टिंग पर दिया बड़ा अपडेट
    28 मई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: OMCs Profit: पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर क्या सच में तेल कंपनियां कूट रही हैं अंधा पैसा? जानें ₹77,821 करोड़ की पूरी सच्चाई
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

OMCs Profit: पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर क्या सच में तेल कंपनियां कूट रही हैं अंधा पैसा? जानें ₹77,821 करोड़ की पूरी सच्चाई

Namam Sharma
Last updated: 2026/05/28 at 7:15 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
9 Min Read
omcs-profit-petrol-diesel-price-hike-truth-behind-rs-77821-crore-profit
SHARE

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सिर्फ इसी महीने ईंधन की कीमतों में करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हो चुकी है। इसके बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक एक सवाल फिर जोर पकड़ने लगा है—क्या सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) पश्चिम एशिया संकट के बीच रिकॉर्ड मुनाफा कमाकर जनता पर बोझ डाल रही हैं?

Contents
Highlightsआखिर क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?सरकार ने भी उठाया बड़ा बोझक्या सच में OMCs “विंडफॉल प्रॉफिट” कमा रही हैं?उदाहरण से समझिएअभी दिख रहा मुनाफा पुराने सस्ते तेल की वजह से हैअसली टेस्ट अब Q1 FY27 में होगातेल कंपनियों का पैसा आखिर जाता कहां है?1. सरकार को टैक्स और डिविडेंड2. इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार3. ग्रीन एनर्जी निवेश4. सब्सिडी का बोझजनता की नाराजगी क्यों बढ़ती है?आगे क्या हो सकता है?1. कच्चे तेल की कीमतें2. सरकार की टैक्स नीति3. OMCs की Q1 FY27 कमाईनिष्कर्ष

Highlights

  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस महीने चार बार बढ़ोतरी
  • FY26 में OMCs का संयुक्त मुनाफा ₹77,821 करोड़
  • असली दबाव Q1 FY27 के नतीजों में दिख सकता है
  • सरकार को एक्साइज ड्यूटी कटौती से ₹1 लाख करोड़ का नुकसान
  • तेल कंपनियों का वास्तविक मार्जिन केवल 3-4%

यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल मिलाकर ₹77,821 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है। पहली नजर में यह आंकड़ा बहुत बड़ा दिखता है, लेकिन जब इसके पीछे के गणित को समझते हैं, तो तस्वीर काफी अलग नजर आती है।


आखिर क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?

पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ा है। ईरान, इजराइल और आसपास के क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक संकट का सीधा असर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड कई बार 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी भी तेजी सीधे भारतीय तेल कंपनियों की लागत बढ़ा देती है। यही कारण है कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि भारत में कीमतों में बढ़ोतरी अभी भी कई पड़ोसी देशों की तुलना में कम रही है। जहां कुछ देशों में ईंधन की कीमतें 20% से 67% तक बढ़ीं, वहीं भारत में यह वृद्धि करीब 8-9% के आसपास रही।


सरकार ने भी उठाया बड़ा बोझ

केंद्र सरकार पहले ही पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में लगभग 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर चुकी थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, इस फैसले से सरकार को करीब ₹1 लाख करोड़ के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। यानी पूरी राहत सिर्फ तेल कंपनियों के भरोसे नहीं दी गई, बल्कि सरकार ने भी टैक्स कम करके कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की।


क्या सच में OMCs “विंडफॉल प्रॉफिट” कमा रही हैं?

यहीं सबसे बड़ा भ्रम पैदा होता है। ₹77,821 करोड़ का मुनाफा सुनने में जरूर बहुत बड़ा लगता है, लेकिन इसे कुल कारोबार (Turnover) के मुकाबले समझना जरूरी है। तीनों बड़ी सरकारी तेल कंपनियों का कुल कारोबार करीब ₹20 लाख करोड़ के आसपास है। इस हिसाब से उनका नेट मार्जिन केवल 3% से 4% बैठता है। कमोडिटी बिजनेस, खासकर रिफाइनिंग और फ्यूल मार्केटिंग इंडस्ट्री में यह बिल्कुल सामान्य माना जाता है।

उदाहरण से समझिए

इंडियन ऑयल का अकेले का कारोबार करीब ₹10 लाख करोड़ के आसपास है। जबकि उसका मुनाफा लगभग ₹20,000-30,000 करोड़ के बीच रहता है। यानी मार्जिन करीब 3% ही निकलता है। अगर इतनी बड़ी कंपनियां सिर्फ 0.5% या 1% मार्जिन पर काम करें, तो उनके लिए नए रिफाइनरी प्रोजेक्ट, पाइपलाइन नेटवर्क और ग्रीन एनर्जी निवेश करना लगभग असंभव हो जाएगा।


अभी दिख रहा मुनाफा पुराने सस्ते तेल की वजह से है

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि FY26 के नतीजों में जो मुनाफा दिख रहा है, वह पूरी तरह मौजूदा महंगे कच्चे तेल का असर नहीं दिखाता। भारतीय तेल कंपनियां आमतौर पर 50-60 दिनों का क्रूड ऑयल स्टॉक रखती हैं। यह स्टॉक उस समय खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें काफी कम थीं। इसका मतलब है कि कंपनियों ने FY26 के अधिकतर हिस्से में पुराने और अपेक्षाकृत सस्ते तेल को प्रोसेस किया। इसलिए मौजूदा संकट का पूरा दबाव अभी उनके बैलेंस शीट में दिखाई नहीं दे रहा।


असली टेस्ट अब Q1 FY27 में होगा

मार्च के आखिर और अप्रैल से जो महंगा कच्चा तेल सिस्टम में आया है, उसका असर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में दिख सकता है। यह नतीजे अगस्त 2026 में सामने आएंगे। अगर ब्रेंट क्रूड लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है, तो OMCs की मार्केटिंग मार्जिन पर भारी दबाव पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में या तो कंपनियों का मुनाफा घटेगा या फिर सरकार को दोबारा टैक्स कटौती अथवा सब्सिडी जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।


तेल कंपनियों का पैसा आखिर जाता कहां है?

कई लोग मानते हैं कि तेल कंपनियां सिर्फ मुनाफा कमाकर बैठ जाती हैं, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।

1. सरकार को टैक्स और डिविडेंड

सालाना मुनाफे का बड़ा हिस्सा कॉर्पोरेट टैक्स और डिविडेंड के रूप में सरकार के पास जाता है। यही पैसा सड़कों, रेलवे, मेट्रो, हाईवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में इस्तेमाल होता है।

2. इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार

रिफाइनरी क्षमता बढ़ाना, पाइपलाइन नेटवर्क बनाना और पेट्रोल पंप नेटवर्क का विस्तार बेहद पूंजी-गहन काम है। कंपनियों को इसके लिए हजारों करोड़ रुपये निवेश करने पड़ते हैं।

3. ग्रीन एनर्जी निवेश

आज OMCs सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं हैं। वे ग्रीन हाइड्रोजन, EV चार्जिंग, बायोफ्यूल और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भी बड़े निवेश कर रही हैं।

4. सब्सिडी का बोझ

FY25 में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कंपनियों ने लगभग ₹40,434 करोड़ का बोझ खुद उठाया था। यानी कई बार कंपनियों को सामाजिक जिम्मेदारी के तहत घाटा भी सहना पड़ता है।


जनता की नाराजगी क्यों बढ़ती है?

जब भी पेट्रोल-डीजल महंगा होता है और उसी दौरान कंपनियों का बड़ा मुनाफा सामने आता है, तो आम लोगों को लगता है कि उनसे ज्यादा वसूली की जा रही है। लेकिन तेल कारोबार की वास्तविकता काफी जटिल है। इसमें अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतें, डॉलर-रुपया विनिमय दर, टैक्स संरचना, इन्वेंट्री कॉस्ट, रिफाइनिंग मार्जिन, सरकारी नीतियां सभी का बड़ा रोल होता है।


आगे क्या हो सकता है?

आने वाले महीनों में तीन चीजों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी:

1. कच्चे तेल की कीमतें

अगर मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ता है और तेल 110 डॉलर के ऊपर जाता है, तो भारत में ईंधन और महंगा हो सकता है।

2. सरकार की टैक्स नीति

सरकार चुनावी और महंगाई दबाव को देखते हुए एक्साइज ड्यूटी में फिर कटौती कर सकती है।

3. OMCs की Q1 FY27 कमाई

अगस्त 2026 में आने वाले नतीजे बताएंगे कि मौजूदा संकट का असली असर कंपनियों पर कितना पड़ा।


निष्कर्ष

₹77,821 करोड़ का मुनाफा सुनने में जरूर बहुत बड़ा लगता है, लेकिन इसे पूरे कारोबार और उद्योग की प्रकृति के संदर्भ में देखना जरूरी है। सरकारी तेल कंपनियां भारी टर्नओवर वाले कम मार्जिन बिजनेस में काम करती हैं। मौजूदा मुनाफे का बड़ा हिस्सा पुराने सस्ते स्टॉक की वजह से आया है, जबकि महंगे कच्चे तेल का वास्तविक दबाव अभी सामने आना बाकी है। यानी फिलहाल यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि तेल कंपनियां “अंधा पैसा” कमा रही हैं। आने वाली तिमाहियां तय करेंगी कि पश्चिम एशिया संकट का असली वित्तीय असर कितना गंभीर होता है।

Also Read:

  • Nomura का भारतीय स्टील कंपनियों पर भरोसा, टाटा स्टील समेत 4 शेयरों को दी Buy रेटिंग; टार्गेट देख निवेशकों का बढ़ा उत्साह
  • ₹145 और ₹204 वाले शेयरों में बड़ी खरीदारी, SBI समेत इन 3 म्यूचुअल फंड ने लगाया पैसा; लगभग ₹300 करोड़ का निवेश

You Might Also Like

Reliance Industries: सरकारी खजाने में पिछले साल रिलायंस ने जोड़े ₹2.16 लाख करोड़, CSR खर्च भी बढ़ा

US Iran Deal: होर्मुज खुलने से भारत को मिल सकती है तेल राहत की ऑक्सीजन, लेकिन अर्थव्यवस्था का खाली टैंक कैसे भरेगा?

RIL Headcount: रिलायंस ने पिछले साल की 1 लाख से ज्यादा नई भर्तियां, कर्मचारियों की संख्या 4 लाख के पार

Rupee vs Yuan: चीनी युआन के आगे भी पस्त हुआ रुपया, भारत पर भारी पड़ सकता है बड़ा संकट; बीजिंग को हो रहा बंपर फायदा

Carbon Black: EV इंडस्ट्री के इस ‘गुमनाम हीरो’ ने बदल दी भारत की किस्मत, रूस-चीन भी रह गए पीछे

TAGGED: BPCL, Crude Oil, crude oil price today, Energy News, fuel price hike, hindi business news, HPCL, indian economy, IOC, Middle East Crisis, Oil Companies, Oil Marketing Companies, OMCs Profit, Petrol Diesel, Petrol Diesel Price
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article nomura-buy-rating-tata-steel-jsw-steel-jindal-steel-lloyds-metals-target-price Nomura का भारतीय स्टील कंपनियों पर भरोसा, टाटा स्टील समेत 4 शेयरों को दी Buy रेटिंग; टार्गेट देख निवेशकों का बढ़ा उत्साह
Next Article carbon-black-india-ev-industry-export-china-russia Carbon Black: EV इंडस्ट्री के इस ‘गुमनाम हीरो’ ने बदल दी भारत की किस्मत, रूस-चीन भी रह गए पीछे

Recent Posts

  • Reliance Industries: सरकारी खजाने में पिछले साल रिलायंस ने जोड़े ₹2.16 लाख करोड़, CSR खर्च भी बढ़ा
  • US Iran Deal: होर्मुज खुलने से भारत को मिल सकती है तेल राहत की ऑक्सीजन, लेकिन अर्थव्यवस्था का खाली टैंक कैसे भरेगा?
  • RIL Headcount: रिलायंस ने पिछले साल की 1 लाख से ज्यादा नई भर्तियां, कर्मचारियों की संख्या 4 लाख के पार
  • Rupee vs Yuan: चीनी युआन के आगे भी पस्त हुआ रुपया, भारत पर भारी पड़ सकता है बड़ा संकट; बीजिंग को हो रहा बंपर फायदा
  • Carbon Black: EV इंडस्ट्री के इस ‘गुमनाम हीरो’ ने बदल दी भारत की किस्मत, रूस-चीन भी रह गए पीछे

Recent Comments

  1. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Namam Sharma
  2. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Namam Sharma
  3. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Supriya Singh
  4. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Chaman Singh
  5. Saba (@thewordmuse_) Profile: 1.2M+ Followers वाली Urdu Poetry & Voice Artist Influencer की पूरी कहानी पर Namam Sharma

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • प्रॉपर्टी इन सोहना
  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

Latest News

reliance-industries-government-contribution-csr-spending-fy26
Reliance Industries: सरकारी खजाने में पिछले साल रिलायंस ने जोड़े ₹2.16 लाख करोड़, CSR खर्च भी बढ़ा
बिजनेस न्यूज़ 28 मई 2026
us-iran-deal-hormuz-india-oil-relief-economic-crisis-hindi
US Iran Deal: होर्मुज खुलने से भारत को मिल सकती है तेल राहत की ऑक्सीजन, लेकिन अर्थव्यवस्था का खाली टैंक कैसे भरेगा?
बिजनेस न्यूज़ 28 मई 2026
ril-headcount-reliance-new-hiring-employees-cross-4-lakh-green-energy-jobs
RIL Headcount: रिलायंस ने पिछले साल की 1 लाख से ज्यादा नई भर्तियां, कर्मचारियों की संख्या 4 लाख के पार
बिजनेस न्यूज़ 28 मई 2026
rupee-vs-yuan-indian-rupee-falls-against-chinese-yuan-import-cost-crisis
Rupee vs Yuan: चीनी युआन के आगे भी पस्त हुआ रुपया, भारत पर भारी पड़ सकता है बड़ा संकट; बीजिंग को हो रहा बंपर फायदा
बिजनेस न्यूज़ 28 मई 2026
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?